लता मंगेशकर

0
32

परिचय

भारत की लोकप्रिय गायिका लता मंगेशकर हैं। आज लगभग उन्हें 7 दशक पूरे हो चुके हैं। लता मंगेशकर ने लगभग 30 हजार से ज्यादा गाने गाये हैं और 36 स्थानीय भाषाओं में भी गायन किया है। लता मंगेशकर को “भारत रत्न” तथा सन. 1989 में भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च अवार्ड “दादासाहेब फालके अवार्ड” से भी सम्मानित किया गया है।

जन्म व बचपन

लता मंगेशकर का जन्म मराठी बोलने वाले गोमंतक मराठा परिवार में 28 सितंबर सन. 1929 में मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में हुआ था। लता मंगेशकर के पिता का नाम पंडित दीनानाथ मंगेशकर और माता का नाम माता शेंवती (शुधामती) है। लता मंगेशकर के पिता दीनानाथ मंगेशकर एक शास्त्रीय संगीत गायक और थिएटर एक्टर थे। लता जी ने मात्र 5 साल की उम्र में अपने पिताजी के एक नाटक में अभिनेत्री का काम किया था। लता मंगेशकर को बचपन से ही संगीत का शौक था।

प्रांरभिक कार्य

लता मंगेशकर बचपन से ही गायिका बनना चाहती थी। जब लता मंगेशकर को स्कूल के शिक्षकों ने गीत गाने के लिये रोकने की कोशिश की, तो लता मंगेशकर बहुत गुस्सा हो गयी और उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया। इसका अहसास मा. दीनानाथ जी को लता के बचपन में ही ज्ञात हो गया था। सन. 1942 में लता मंगेशकर के पिता मा. दीनानाथ जी का देहांत हो गया था, जब लता सिर्फ 13 साल की थी। लता को पैसों की बहुत तंगी झेलनी पड़ी और काफी संघर्ष भी करना पड़ा। लता मंगेशकर अपने घर में सब भाई बहनों में बड़ी थी, उसके बाद घर की सारी जिम्मेदारी लता मंगेशकर के कंधो पर आ गई थी, लेकिन पिता की असामयिक मृत्यु की वजह से पैसों के लिये उन्हें कुछ हिंदी और मराठी फिल्मों में काम करना पड़ा। लता मंगेशकर के पिता की मृत्यु के बाद नवयुग चित्रपट कम्पनी के मालिक और मंगेशकर परिवार के करीबी दोस्त मास्टर विनायक ने उनके परिवार को सम्भाला। उन्होंने लता को अभिनेत्री और गायिका बनने के लिए शुरुआती मदद की थी।

उसके बाद 13 साल की उम्र में सन. 1942 में ‘किती हसाल’ मराठी फिल्म के लिए ‘नाचू या ना गड़े खेडू सारी, मानी हौस भारी’ यह गीत लता मंगेशकर जी ने पहली बार गाया था। फ़िल्म रिलीज हुई, लेकिन किसी कारणवश फ़िल्म से गाने को हटा दिया गया और इस बात से लता जी बहुत आहात हुयीं।

सन. 1945 में लता मंगेशकर मुंबई आ गई और अमानत अली खान से ट्रेनिंग लेने लगी। लता मंगेशकर ने सन. 1947 में हिंदी फिल्म ‘आप की सेवा में’ के लिए भी एक गाना गया, लेकिन उस समय किसी ने उनको नोटिस नही किया। उस समय गायिका नूरजहाँ, शमशाद बेगम, जोह्राभई अम्बलेवाली का दबदबा था, बस यही गायिका पूर्ण रूप से सक्रिय थी, उनकी आवाज भारी व अलग थी। उनके सामने लता मंगेशकर की आवाज काफी पतली और दबी हुई थी। सन. 1949 में लता मंगेशकर ने लगातार 4 हिट फिल्मो में गाने गाये। बरसात, दुलारी, अंदाज़ और महल फ़िल्में हिट थी, इसमें से महल फ़िल्म का गाना ‘आएगा आनेवाला’ सबसे सुपरहिट गाना हुआ और लता मंगेशकर अपने पैर हिंदी सिनेमा में जमा लिये।

पुरस्कार

  • लता मंगेशकर को सन. 1958, सन. 1962, सन. 1965, सन. 1969, सन. 1993 और सन. 1994 में फिल्म फेयर का पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
  • लता मंगेशकर को सन. 1972, सन. 1975 और सन. 1990 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया।
  • सन. 1966 और सन. 1967 में लता मंगेशकर को महाराष्ट्र सरकार द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
  • सन. 1969 में लता मंगेशकर को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
  • सन. 1974 में गिनीज़ बुक में लता मंगेशकर को दुनिया की सबसे अधिक गीत गाने वाली गायिका के रूप में शामिल किया गया।
  • सन. 1989 में लता मंगेशकर को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • सन. 1993 में लता मंगेशकर को फिल्म फेयर का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here