भाषा – भाषा वह माध्यम है, जिसके द्वारा मनुष्य बोलकर या लिखकर अपने भावों तथा विचारों का आदान-प्रदान कर सकता है।

भाषा के भेद – भाषा के दो रूप होते हैं-

भाषा | Bhasha | Language in Hindi

1) मौखिक भाषा – बोल-चाल की भाषा को मौखिक भाषा कहते हैं।

2) लिखित भाषा – जिस भाषा को लिपिबद्ध किया जा सकता है, अर्थात् लेखक अपने लेखन द्वारा अपने भावों एवं विचारों को पाठकों के समक्ष व्यक्त करता है, उसे लिखित भाषा कहते हैं।

बोली

एक सीमित क्षेत्र में बोले जाने वाले स्थानीय रूप को ‘बोली’ कहते हैं। पाँच-दस मील की दूरी पर बोली जाने वाली बोली में हल्का सा अन्तर आ जाता है। अवधी, ब्रज, मैथिली और भोजपुरी हिन्दी की ही बोलियाँ हैं। हिन्दी की बोलियों को निम्नलिखित भागों में बाँटा गया है-

(i) पश्चिमी हिन्दी – इसमें ब्रज, खड़ी बोली, हरियाणवी, बुन्देली और कन्नौजी बोलियाँ आती हैं। खड़ी बोली दिल्ली, मेरठ, बुलन्दशहर, सहारनपुर और इनके आस-पास के क्षेत्रों में बोली जाती है।

(ii) पूर्वी हिन्दी – इसमें अवधी, बघेली और छत्तीसगढ़ी बोलयाँ आती हैं। तुलसी का ‘रामचरितमानस’ और जायसी का ‘पद्मावत’ अवधी भाषा में रचित श्रेष्ठ महाकाव्य हैं।

(iii) राजस्थानी – इसमें राजस्थान में बोली जाने वाली चार बोलियाँ आती हैं।

जैसे – मेवाती, मारवाड़ी, हाड़ोती तथा मेवाड़ी।

(iv) बिहारी – बिहार प्रदेश में बोली जाने वाली प्रमुख बोलियाँ मैथिली, मगही और भोजपुरी हैं। विद्यापति की ‘विद्यापति पदावली’ अपनी सरसता के लिए प्रसिद्ध है।

(v) पहाड़ी – इसमें मंडियाली (हिमाचली), गढ़वाली और कुमाऊँनी बोलियाँ आती हैं।

लिपि

भाषा की ध्वनियों को जिन लेखन-चिन्ह्ों के द्वारा प्रकट किया जाता है, उन्हें लिपि कहते हैं। प्रत्येक भाषा की अपनी लिपि होती है।

जैसे-

भाषाओं के नामउनकी लिपियों के नाम
संस्कृत, हिन्दी, मराठी, नेपालीछेवनागरी
पंजाबीगुरूमुखी
उर्दू, फारसीफारसी
अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मनश्रोमन
जापानीजापानी
अरबीटरबी