लक्ष्मी मित्तल की जीवनी | Lakshmi Mittal Biography in Hindi

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परिचय

लक्ष्मी मित्तल एक भारतीय उद्योगपति और दुनिया के सबसे बड़े स्टील उत्पादक कंपनी ‘आर्सेलर मित्तल’ के CEO और चेयरमैन हैं। हालांकि वे यूनाइटेड किंगडम में रहते हैं पर उन्होंने भारत की नागरिकता नहीं छोड़ी है। पेशेवर इंग्लिश फुटबाल क्लब ‘क्वींस पार्क रेंजर्स फुटबाल क्लब’ में उनकी 33% साझेदारी है। वे भारत के साथ-साथ विश्व के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक हैं। सन 2002 में ब्रिटेन के 8वें नंबर का सबसे अमीर व्यक्ति होने के बावजूद वे ब्रिटिश नागरिक नहीं हैं।

सन 2006 में ‘द सन्डे टाइम्स’ ने लक्ष्मी मित्तल को ‘बिज़नस पर्सन ऑफ़ 2006’, ‘द फाइनेंसियल टाइम्स’ ने उन्हें ‘पर्सन ऑफ़ द इयर’ और ‘टाइम’ पत्रिका ने उन्हें ‘इंटरनेशनल न्यूज़मेकर ऑफ़ द इयर 2006’ का सम्मान दिया। लक्ष्मी मित्तल को सन 2007 में यूरोप का सबसे अमीर हिन्दू और एशियन माना गया। उन्हें सन 2011 में ‘फोर्ब्स’ ने विश्व का 6वां सबसे अमीर व्यक्ति माना था, पर मार्च 2015 में वे बहुत नीचे गिरकर 82वें नंबर पर आ गए।

लक्ष्मी मित्तल ‘विश्व स्टील संगठन’ के कार्यकारी समिति, भारतीय प्रधानमंत्री के ‘वैश्विक सलाहकार समिति’, कज़ाकिस्तान के ‘फॉरेन इन्वेस्टमेंट कौंसिल’, ‘वर्ल्ड इकनोमिक फोरम’ के अन्तराष्ट्रीय व्यापार समिति, और मोजांबिक के राष्ट्रपति के अन्तराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं। लक्ष्मी मित्तल सन 2008 से ‘Goldman Sachs’ के ‘बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स’ के सदस्य हैं और अमेरिका स्थित ‘केल्लोग्स स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट’ के सलाहकार बोर्ड और ‘क्लीवलैंड क्लिनिक’ के ‘बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज’ के सदस्य हैं।

शुरूआती जीवन

लक्ष्मी मित्तल का जन्म 2 सितंबर, 1950 को राजस्थान के चुरू जिले की राजगढ़ तहसील में हुआ था। उनके पिता का नाम ‘मोहन लाल मित्तल’ था। लक्ष्मी मित्तल संयुक्त परिवार में पैदा हुए थे और बाद में इनका परिवार राजस्थान को छोड़कर कोलकाता में जा बसा। उनके के दो भाई हैं- प्रमोद मित्तल और विनोद मित्तल। लक्ष्मी मित्तल ने सन 1957 से 1964 तक ‘श्री दौलतराम नोपानी स्कूल’ में शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने बाद में कोलकाता के सेंट जेविएर्स कॉलेज (कोलकाता विश्वविद्यालय से सम्बद्ध) से वाणिज्य में ‘बिजनेस ऐंड अकाउंटिंग’ में गैजुएशन किया। उनके पिता मोहन लाल मित्तल का ‘निप्पन डेनरो इस्पात’ नाम का इस्पात कारोबार था।

व्यापार में कदम

भारत सरकार द्वारा स्टील के उत्पादन पर नियंत्रण के वजह से 26 वर्ष की उम्र में लक्ष्मी मित्तल ने सन 1976 में अपना पहला स्टील कारखाना ‘पी.टी इस्पात इंडो’ इंडोनेशिया के सिदोअर्जो में खोला। 1990 के दशक तक भारत में मित्तल परिवार के परिसंपत्ति के रूप में नागपुर में शीट स्टील्स की एक कोल्ड रोलिंग मिल और पुणे के पास एक एलाय स्टील संयन्त्र खोला था।

आज के समय में भारत में मित्तल परिवार का व्यवसाय (मुंबई के पास एक विशाल इंटीग्रेटेड स्टील संयन्त्र) विनोद मित्तल और प्रमोद मित्तल चलाते हैं, पर लक्ष्मी मित्तल का इन व्यवसायों से कोई लेना-देना नहीं है। मार्च 2008 में फोर्ब्स मैगजीन ने लक्ष्मी मित्तल को दुनिया के चौथे सबसे धनी व्यक्ति का खिताब दिया। लक्ष्मी मित्तल एशिया के सबसे धनी इंसान बताए गए।

लक्ष्मी मित्तल वर्तमान में ‘आर्सेलर मित्तल स्टील’ कंपनी के सीईओ और चेयरमैन हैं और ईएडीएस, ICICI Bank और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी ‘Goldman Sachs’ के गै-कार्यकारी निदेशक भी हैं। सन 2008 में भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया।

लोकोपकारी कार्य

लक्ष्मी मित्तल ने नवम्बर, 2003 में प्रतिभावान भारतीय खिलाडियों के आर्थिक मदद और प्रोत्साहन के लिए ‘मित्तल चैंपियंस ट्रस्ट’ की स्थापना की। सन 2008 में जब अभिनव बिंद्रा ने भारत के लिए ओलंपिक्स में स्वर्ण पदक जीता, तब इस ट्रस्ट से 1.5 करोड़ रूपए पुरस्कार के रूप में दिए गए। सन 2012 के लन्दन ओलंपिक्स में उनकी कंपनी ‘आर्सेलर मित्तल’ ने ‘आर्सेलर मित्तल ऑर्बिट’ का निर्माण करवाया था।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में

लक्ष्मी निवास मित्तल और उषा मित्तल फाउंडेशन ने राजस्थान सरकार के साथ मिलकर जयपुर में ‘एल.एन.एम. इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी’ की सन 2003 में स्थापना की। यह एक स्वायत्त और लाभ-निरपेक्ष संस्थान है। लक्ष्मी निवास मित्तल फाउंडेशन ने एस.एन.डी.टी विमेंस यूनिवर्सिटी के ‘इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी फॉर वीमेन’ को चंदे में एक बड़ी धन-राशि दी, जिसके बाद संस्थान का नाम बदलकर ‘उषा मित्तल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी’ कर दिया गया।

लक्ष्मी मित्तल ने सन 2008 में लन्दन स्थित ‘ग्रेट ओरमोंड स्ट्रीट हॉस्पिटल’ को करीब 1.5 करोड़ ब्रिटिश पौंड का दान दिया। इस चंदे से अस्पताल में एक नए स्वास्थ्य सुविधा केंद्र की स्थापना हुई, जिसका नाम मित्तल चिल्ड्रेन्स मेडिकल सेण्टर है।

क्वींस पार्क रेंजर्स

लक्ष्मी मित्तल परिवार की प्रोफेशनल इंग्लिश फुटबॉल क्लब ‘क्वींस पार्क रेंजर्स एफ.सी.’ में 33% हिस्सेदारी है। यह निवेश लक्ष्मी मित्तल के दामाद अमित भाटिया के देख-रेख में हुआ था।

निजी जीवन

लक्ष्मी मित्तल का वर्तमान निवास लन्दन स्थित 18-19 केनिंग्सटन पैलेस गार्डन्स है। यह संपत्ति उन्होंने ‘फार्मूला वन’ के मालिक ‘बर्नी एक्लेस्टोन’ से सन 2004 में करीब 12 करोड़ 80 लाख अमेरिकी डॉलर में ख़रीदा थी। अपने समय में यह दुनिया का सबसे महंगा मकान था। इस घर को सजाने में उसी खदान के संगमरमर का प्रयोग हुआ है, जहाँ से ताजमहल बनाने के लिए संगमरमर लाया गया था।

  • लक्ष्मी मित्तल ने सन 2008 में अपनी बेटी ‘वनीशा’ की शादी में लन्दन स्थित एक मकान उपहार में दिया, जिसकी कीमत करीब 7 करोड़ ब्रिटिश पौण्ड थी।
  • उन्होंने भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित APJ अब्दुल कलाम मार्ग पर सन 2005 में एक संपत्ति खरीदी, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ अमरीकी डॉलर थी।

जीवन घटनाक्रम

  • 15 जून, 1950 को राजस्थान, के चूरु, में जन्म हुआ।
  • श्री दौलतराम नोपानी विद्यालय से सन 1957-64 में शिक्षा ग्रहण किया।
  • सन 1976 में अपना पहला स्टील कारखाना ‘पी.टी. इस्पात इंडो’ इंडोनेशिया के सिदोअर्जो में स्थापित किया।
  • फोर्ब्स मैगजीन ने सन 2008 में लक्ष्मी मित्तल को दुनिया के 4 सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब दिया।

सम्मान और अवार्ड

  • न्यू स्टील द्वारा सन 1996 में ‘स्टील मकर ऑफ़ द इयर’।
  • सन 2004 वाल स्ट्रीट जर्नल द्वारा ‘इंटरप्रेन्योर ऑफ़ द इयर’ चुने गए।
  • सन 2004 फ़ोर्ब्स पत्रिका द्वारा ‘यूरोपियन बिजनेसमैन ऑफ़ द इयर’।
  • अमेरिकन मेटल मार्किट एंड वर्ल्ड स्टील डायनामिक्स द्वारा सन 2004 में 8वां विल्ली कोर्फ स्टील विज़न (मानद) अवार्ड दिया गया।
  • सन 2007 किंग्स कॉलेज लन्दन द्वारा फ़ेलोशिप प्रदान की गई।
  • भारत सरकार ने सन 2008 में ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया।
  • फोर्ब्स पत्रिका द्वारा ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ सन 2008 में पुरस्कार दिया गया।