करन बिलिमोरिया की जीवनी | Karan Bilimoria Biography in Hindi

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परिचय

‘कोबरा’ बीयर के संस्थापक भारतीय NRI उद्योगपति करन बिलिमोरिया, ब्रिटेन के मशहूर उद्योगपतियों की श्रेणी में इनका नाम शामिल हैं। इन्होंने व्यापार के क्षेत्र में केवल 27 साल की उम्र में कदम रखा, कड़ी मेहनत एवं लगन के साथ बीयर व्यापार में अपना नाम स्थापित किया और ब्रिटेन के ‘हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स’ के सदस्य भी बन गए। उनकी ‘कोबरा’ बीयर ब्रिटेन के साथ-साथ विश्व के अन्य देशों में भी प्रसिद्ध है। वो अपने व्यापार के साथ-साथ कई सामाजिक संस्थानों और संगठनों की भी सहायता करते हैं।

शुरुआती जीवन  

करन बिलिमोरिया का जन्म 26 नवंबर 1961 को हैदराबाद में एक पारसी परिवार में हुआ था। करन बिलिमोरिया के पिता का नाम लेफ्टिनेंट जनरल ‘ऍफ़. एन. बिलिमोरिया’ था। उनके पिता भारतीय सेना में सेंट्रल कमांड के GOC (General Officer Commanding) और भारत के प्रथम राष्ट्रपति ‘डॉ राजेंद्र प्रसाद’ के ADC (Aide-de-camp) थे। करन बिलिमोरिया के दादा ‘नुसर्वांजी डी बिलिमोरिया’ ब्रिटिश इंडियन आर्मी में ब्रिगेडियर पद से रिटायर हुए थे।

हैदराबाद शहर में करन बिलिमोरिया ने अपनी शुरूआती शिक्षा ग्रहण की, उनके पिता की सेना में अधिकारी होने की वजह से देश के अलग-अलग स्थानों पर पोस्टिंग होती रहती थी, इसीलिए बचपन में वो हैदराबाद में स्थित अपने नानी के पैतृक घर में रहते थे।

जब करन बिलिमोरिया थोड़े बड़े हुए तो अपने पिता के साथ रहने लगे और विभिन्न जगहों से अलग-अलग स्कूलों में पढाई की, इसके बाद उन्हें उनके छोटे भाई के साथ ऊटी के हेब्रोन स्कूल में भेज दिया गया, उन्होंने हैदराबाद के ‘ओस्मानिया विश्वविद्यालय’ से वाणिज्य में स्नातक किया। इसके बाद वो चार्टर्ड अकाउंटेंट बन गए और 4 साल के लिए ‘अर्न्स्ट एंड यंग’ में काम किया। इसी समय उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय के ‘सिडनी ससेक्स कॉलेज’ से Bachelor of Arts in Law की डिग्री हासिल की।

करियर

करन बिलिमोरिया ने शुरुआत में भारत में बनी ‘पोलो स्टिक्स’ को ब्रिटेन ले जाकर वहां के फुटकर विक्रेताओं को बेचना प्रारम्भ किया। इस काम से उनका परिवार नाखुश था, क्योंकि उनके परिवार को भरोसा था कि करन बिलिमोरिया के पास अच्छी नौकरी पाने के लिए पर्याप्त शिक्षा थी, लेकिन करन बिलिमोरिया को पूरा भरोसा था कि वे एक न एक दिन एक बड़ा उद्योगपति बनकर दिखाएंगे।

सन 1989 में उनके मन में बीयर बनाने का विचार आया। इसके बाद उन्होंने अपने मित्र ‘अर्जुन रेड्डी’ के साथ मिलकर ‘पैंथर’ (बाद में नाम बदलकर ‘कोबरा’ हो गया) ब्रांड बनाया। ‘अर्जुन रेड्डी’ के चाचा ने करन बिलिमोरिया की मुलाकात ‘मैसूर ब्रेवरी’ के मालिकों से कराई और बहुत तेजी के साथ से उनकी बीयर बाज़ार में आने के लिए तैयार थी।

करन बिलिमोरिया ने अपने बीयर के सैंपल को लेकर देश के विभिन्न रेस्टोरेंट का भ्रमण किया। उनके दिमाग में बीयर बनाने का ख्याल पहली बार तब आया, जब वे ‘कैंब्रिज’ में पढ़ाई कर रहे थे। उन्हें लगा कि भारतीय भोजन के साथ ‘स्मूथ बीयर’ होनी चाहिए।

इसी समय इंग्लैंड आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा था और ऐसे मौके पर नए उत्पाद को बाज़ार में स्थापित करना एक बड़ी चुनौती थी। इसी दौर में उनके मन में एक अनुकूल बात आई कि भारतीय सब्जी (Curry) ब्रिटेन में तेज़ी से मशहूर हो रही थी। इसी मौके का फायदा उठाकर करन बिलिमोरिया ने ‘कोबरा’ को यह कहकर बढ़ावा दिया कि यह बीयर भारतीय भोजन के साथ पीने के लिए सबसे अच्छी है। धीरे-धीरे कोबरा भारतीय रेस्टोरेंट में मशहूर होने लगी और इसकी मांग बढ़ने लगी।

सन 2001 के आते-आते करन बिलिमोरिया ने ‘चार्ल्स वेल्स ब्रेवरी’ के साथ मिलकर कोबरा बीयर को इंग्लैंड में ही बनाना प्रारम्भ कर दिया और कंपनी का व्यापार करीब 1,3 करोड़ पाउंड हो गया। सन 2007 तक कोबरा बीयर करीब 45 देशों में बिकने लगी थी और सन 2010 तक इसका व्यापार करीब दस करोड़ पाउंड तक पहुँच गया।

अवार्ड एवं पुरस्कार

  • सन 2001-2005 तक SME (Small and Medium Enterprise) बोर्ड के अध्यक्ष रहे।
  • सन 2001 से 2007 तक नेशनल एम्प्लॉयमेंट पैनल के सदस्य भी रहे।
  • सन 2002 में ‘एशियन ऑफ द इयर’ अवार्ड दिया गया।
  • सन 2003 में अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा ‘लन्दन इंटरप्रेन्योर ऑफ द इयर’ घोषित किया गया।
  • सन 2003 से 2009 तक मेमोरियल गेट्स समिति के अध्यक्ष पद पर रहे।
  • सन 2003 से 2008 तक एशियन बिज़नस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रहे ।
  • सन 2004 में ‘कमांडर ऑफ़ द आर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ से सम्मानित किया गया।
  • सन 2004 में लन्दन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा ‘बिज़नस परसों ऑफ द इयर’ से सम्मानित किया गया।