कमल नाथ की जीवनी | Kamal Nath Biography in Hindi

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परिचय

कमल नाथ एक भारतीय राजनेता और भारत के मध्य प्रदेश राज्य के 18वे मुख्यमंत्री हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर वे शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार के मंत्री भी रह चुके हैं। कमल नाथ लोक सभा के सबसे पुराने सदस्यों में से एक हैं। वे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से 9 बार चुने जा चुके हैं।

मई 2018 में कमल नाथ को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में चुना गया और उन्होंने नवंबर-दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी का नेतृत्व किया और मध्य प्रदेश से जीत हासिल की। कमल नाथ ने 17 दिसंबर, 2018 को मुख्यमंत्री पद ग्रहण किया।

शुरूआती जीवन

कमल नाथ का जन्म 18 नवंबर 1946 को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरूआती शिक्षा दून विद्यालय से प्राप्त की और उसके बाद इन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय के ‘सेंट जेवियर्स कॉलेज’ से वाणिज्य स्नातक किया। उसके बाद उन्होंने कानपुर के डी.ए.वी. कॉलेज से लॉ में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

राजनीतिक करियर

कमल नाथ पहली बार 1980 में 7वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे। उसके बाद उन्हें 1985 में 8वीं लोक सभा, 1989 में 9वीं लोक सभा और 1991 में 10वीं लोक सभा में भी चुना गया। जून 1991 को उन्हें भारत के केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में ‘वन एवं पर्यावरण मंत्रालय’ के केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शामिल किया गया। 1995 से 1996 तक कपड़ा मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री के पद पर भी रहे।

सन् 1998 में उन्हें 12वी और सन् 1999 में 13वी लोक सभा के लिए चुना गया। 2001 से 2004 तक वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव के पद पर भी रहे। उसके बाद उन्हें दोबारा 2004 के लोक सभा चुनाव में जीत हासिल हुई।

उसके बाद उन्होंने 2009 में फिर से लोक सभा में जीत हासिल की और इस बार वे केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन और राजमार्ग बने। इन सब के आलावा भी उन्होंने कई पद ग्रहण किये।

बिजनेस करियर

वे प्रबंधन प्रौद्योगिकी संस्थान (IMT- Institute of Management Technology) के गवर्नर बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। वे मध्य प्रदेश बाल विकास परिषद के चेयरमैन और भारत युवक समाज के संरक्षक भी हैं।

निजी जीवन

27 जनवरी 1973 को उन्होंने अल्का के साथ शादी कर ली और अब उनके 2 बेटे हैं। सितंबर 2011 में इन्हें सबसे अमीर भारतीय कैबिनेट मंत्री घोषित किया गया था और बताया गया था कि इनके पास 2.73 अरब रुपये (2,730,000,000 रूपये) की संपत्ति थी।

पुरस्कार व सम्मान

  • पब्लिक सेक्टर में इनके योगदान के लिए जबलपुर के रानी दुर्गवती विश्वविद्यालय ने सन् 2006 में इन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया।
  • उनकी भारत में विदेशी कारोबार को आकर्षित करने की लगातार कोशिशों को दखते हुए उन्हें सन् 2007 में FDI पत्रिका ने FDI पर्सनालिटी ऑफ़ द इयर के सम्मान से सम्मानित किया।
  • सन् 2008 में उन्हें इकनॉमिक टाइम्स द्वारा बिजनेस रिफॉर्मर ऑफ़ द इयर के टाइटल से सम्मानित किया गया।
  • नवंबर 2012 में इन्हें ए.बी.एल.एफ. ( Asian Business Leadership Forum) स्टेट्समैन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।