के. चंद्रशेखर राव की जीवनी | K. Chandrashekar Rao Biography in Hindi

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परिचय

के. चंद्रशेखर राव का पूरा नाम ‘कल्वाकुंतला चन्द्रशेखर राव’ है। उन्हें तेलंगाना के वर्तमान मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति के मुख्य कार्यकर्ता एवं अलग तेलंगाना राष्ट्र आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। वे 15वीं लोकसभा के सदस्य हैं। केंद्र में श्रम और नियोजन मंत्री के पद को भी वे सुशोभित कर चुके हैं। तेलंगाना राष्ट्र समिति के गठन से पहले के. चन्द्रशेखर राव ‘तेलगू देशम पार्टी’ के सदस्य थे। उन्होंने अलग तेलंगाना राज्य के निर्माण की मांग करते हुए तेलगू देशम पार्टी छोड़ दी थी।

जन्म एवं शिक्षा

के. चंद्रशेखर राव का जन्म आंध्र प्रदेश में मेदक जिले के चिंतामदका नामक ग्राम में 17 फरवरी 1954 को हुआ था। उनके पिता का नाम ‘रघवर राव’ तथा उनकी माता का नाम ‘वेंकताम्मा’ था। उनकी शुरूआती पढ़ाई आंध्र प्रदेश से ही हुई और उन्होंने बाद में हैदराबाद के ‘उस्मानिया विश्वविद्यालय’ से तेलुगू साहित्य में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की।

विवाह

के. चन्द्रशेखर राव का विवाह ‘शोभा’ नाम की एक महिला के साथ हुआ, दम्पति के 2 संतान हुईं। एक बेटा जिनका नाम ‘कल्वाकुंतला तारक रामाराव’ है, वह विधानसभा के सदस्य हैं। बेटी का नाम ‘कल्वाकुंतला कविता’ है, जो सामाजिक कार्यकर्ता हैं।

राजनैतिक करियर

के. चंद्रशेखर राव ने एक छात्र नेता के तौर पर राजनैतिक करियर की शुरूआत की। इससे पहले वे एक रोजगार सलाहकार थे, जो कामगारों को खाड़ी देशों में भेजते थे। उनका राजनैतिक करियर इस प्रकार से है-

  • सन 1985 में के. चन्द्रशेखर राव ‘तेलुगु देशम पार्टी’ में शामिल हुए और विधायक नियुक्त किए गए।
  • वे सन 1987 से 1988 तक आन्ध्र प्रदेश में राज्यमंत्री रहे।
  • वे सन 1992 से 1993 तक ‘लोक उपक्रम समिति’ के अध्यक्ष रहे।
  • वे सन 1997 से 1999 तक केंद्रीय मंत्री बने।
  • सन 1999 से 2001 तक आन्ध्र प्रदेश विधानसभा में उपाध्यक्ष का पद भी उन्होंने सम्भाला।
  • ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति’ के गठन से पहले वे तेलुगु देशम पार्टी’ के सदस्य थे। बाद में अलग तेलंगाना राज्य के निर्माण की मांग करते हुए उन्होंने तेलुगू देशम पार्टी’ छोड़ दी।
  • ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति’ ने सन 2004 में कांग्रेस के साथ लोकसभा चुनाव लड़ा और 5 सीटें जीतीं।
  • उन्होंने सन 2004 से 2006 तक केंद्रीय श्रम और नियोजन मंत्री के पद पर काम किया।
  • उन्होंने सन 2006 में संसद की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया और फिर हुए चुनावों में भारी बहुमत से सांसद नियुक्त किए गए।
  • सन 2008 में उन्होंने अपने 3 सांसदों और 16 विधायकों के साथ फिर त्यागपत्र दिया और अगली बार दोबारा सांसद नियुक्त किए गए।
  • वे UPA सरकार में जून 2009 तक थे, लेकिन अलग तेलंगाना राष्ट्र पर UPA के नकारात्मक रवैये के कारण उन्होंने UPA को छोड़ दिया।

मुख्यमंत्री

के. चन्द्रशेखर राव की मुख्य मांग अलग तेलंगाना राज्य का निर्माण थी, जिसे लेकर उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान किया। इसके चलते उन्हें करीमनगर से गिरफ़्तार भी किया गया था। इस बीच रॉयल तेलंगाना की मांग सामने आने पर उन्होंने कहा था कि ‘उक्त मांग हमारी मांग के पूरी तरह ख़िलाफ़ है। हमने मौजूदा आन्ध्र प्रदेश के केवल 10 ज़िलों वाले एक अलग तेलंगाना राज्य की मांग की थी, जिसकी राजधानी हैदराबाद हो और हैदराबाद पर किसी तरह की पाबंदी न हो।’ 15वीं लोकसभा के सदस्य के. चन्द्रशेखर राव आन्ध्र प्रदेश के करीमनगर लोकसभा क्षेत्र का ही प्रतिनिधित्व करते हैं। 2 जून 2014 को वे तेलंगाना के पहले मुख्यमंत्री बने।