परिचय

जूनागढ़ का किला भारत के राजस्थान राज्य के बीकानेर जिले में स्थित है। जूनागढ़ किले का मूल नाम चिंतामणि था। 20वीं शताब्दी में इसका नाम बदलकर “जूनागढ़”और “पुराना किला” रख दिया गया। यह किला राजस्थान के उन किलों में से एक है, जिन्हें पहाड़ों की चोटी पर नहीं बनाया गया है। बीकानेर शहर किले के आस-पास ही विकसित हुआ है। जूनागढ़ का किला इतिहास में हमेशा अपराजय रहने के लिए जाना जाता है। इस किले का निर्माण राजा रायसिंह ने सन. 1594 में करवाया था, जो यहाँ के छठवें शासक थे। यह किला लाल बलुए पत्थर से बना हुआ है। यह किला अनूप महल, गंगा निवास, चन्द्र महल, फूल महल, करन महल और शीश महल जैसे कई खुबसूरत महलों से घिरा हुआ है। जूनागढ़ किले को सर्वश्रेष्ठ किला मानते हुए अमेरिका की प्रतिष्ठित ट्रेवल एजेन्सी “ट्रिप एडवाइजर” ने सर्टिफिकेट ऑफ़ एक्सीलेंस 2015 सम्मान से सम्मानित किया है। किले में प्रवेश करते ही भगवान गणेश के दर्शन होते हैं, जिन्हें गढ़-गणेश के नाम से भी जाना जाता है।

जूनागढ़ किला | Junagarh Qila | Junagadh Fort in Hindi

निर्माण कार्य

इस शहर की स्थापना जोधपुर के शासक राव जोधा के पुत्र राव बीका ने की थी। इसे सही रूप राजा रायसिंह ने दिया तथा इसे आधुनिक रूप देने का श्रेय महाराज गंगा सिंह को दिया जाता है। बीकानेर शहर में स्थित जूनागढ़ किले की नींव 30 जनवरी सन. 1586 को रखी गयी थी। इस किले का निर्माण आठ वर्षों बाद 17 फरवरी सन. 1594 को पूर्ण हुआ था। आठ साल में तैयार हुआ यह किला, महल और सैनिकों की आवश्यकताओं के अनरूप बना हुआ है। इस किले को इस तरीके से बनाया गया था कि शत्रुओं के आक्रमण से यह किला सुरक्षित रह सके। इस पर 37 बुर्जें बनी हुई हैं, जिन पर कभी तोपें रखी जाती थीं। किले के चारों ओर चौड़ी और गहरी खाई बनायी गयी थीं। चतुर्भुजाकार ढ़ांचे में निर्मित यह किला डेढ़ किलोमीटर के एरिया में फैला हुआ है। यह किला पत्थर व रोडों से बना हुआ है।

इतिहास

वर्तमान में निर्मित जूनागढ़ किला से पहले एक पुराण पत्थर का किला हुआ करता था, जिसका निर्माण सन. 1478 में राव बीका ने करवाया था। राव बीका ने सन. 1472 में बीकानेर शहर की स्थापना की थी। राव बीका महाराज राव जोधा के दूसरे पुत्र थे, जो राठौरों के वंशज थे। राव जोधा ने जोधपुर शहर की स्थापना की थी। एक क्षेत्र जिसका नाम “जुग्लादेश” था, बीका ने उस पर अपना राज्य स्थापित करने का निर्णय लिया। बीकानेर और जूनागढ़ किले का इतिहास बीका से ही प्रारम्भ होता है।

लगभग 100 वर्षों के बाद बीकानेर का शासन राजा रायसिंह के अधीन आ गया, जो बीकानेर के छठवें शासक थे। इन्होंने बीकानेर पर सन. 1571 से सन. 1611 तक शासन किया। भारत में मुग़ल शासन के समय इन्होंने मुग़लों के अधिपत्य को स्वीकार कर लिया और मुग़ल सम्राट अकबर और उसके पुत्र सम्राट जहाँगीर के दरबार में मुख्य सेनापति का पद प्राप्त किया। इन्हें गुजरात और बुरहानपुर की जागीर उपहार स्वरूप दे दी गयी।

जहाँगीर से अच्छा राजस्व अर्जित करने के बाद राजा रायसिंह ने समतल भूमि पर जूनागढ़ किले का निर्माण किया। ये किला वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण और कला का केंद्र है जो थार मरुस्थल के मध्य में स्थित है।

करण सिंह ने सन. 1631 से सन. 1639 तक शासन किया, उन्होंने मुगलों के अधिपत्य के समय में करन महल का निर्माण करवाया था। अनूप सिंह ने सन. 1669 से सन. 1698 तक शासन किया, उन्होंने कई संरचनाओं का निर्माण करवाया, जिसमें नए महल और महिलाओं के लिए शाही निवास शामिल थे।

गज सिंह ने सन. 1746 से सन. 1787 तक शासन किया, उन्होंने चन्द्र महल का पुनः निर्माण करवाया। सूरत सिंह ने सन. 1787 से सन. 1828 तक शासन किया। सूरत सिंह ने सभा कक्ष को कांच और जीवंत कलाकृतियों से सजाया।

डूंगर सिंह ने सन. 1872 से सन. 1887 तक शासन किया था। उन्होंने बादल महल का निर्माण कराया था। इस महल का नाम बादल महल इसलिए पड़ा, क्योंकि इस महल में बारिश और बादलों की तस्वीरें हैं।

गंगा सिंह ने सन. 1887 से सन. 1943 तक शासन किया था। उन्होंने गंगा निवास महल का निर्माण करवाया था। इस महल को सर समुअल स्विंटन जैकब ने डिजायन किया था। गंगा सिंह राजस्थान के शासकों के सबसे प्रसिद्ध राजा हुआ करते थे। ब्रिटिश राज के प्रिय होने की वजह से उन्होंने स्टार ऑफ़ इंडिया के नाईट कमांडर का शीर्षक अर्जित किया था। वे इंपीरियल युद्ध मंत्रिमंडल के सदस्य भी थे, जिन्होंने इंपीरियल प्रथम विश्व युद्ध सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और वर्साय शांति सम्भेलन में ब्रिटिश साम्राज्य का प्रतिनिधित्व किया। द्वितीय विश्व युद्ध के समय सन. 1943 में गंगा सिंह की मृत्यु हो गयी।

किले के अन्दर अन्य महल

किले के अन्दर कई खूबसूरत महल स्थित हैं –

करन महल – इस महल को सार्वजनिक कक्ष भी कहा जाता है। करण सिंह ने मुग़ल सम्राट औरंगजेब को हराने के बाद इसका निर्माण करवाया था। इस महल में शीशे की खिड़कियाँ और पत्थरों की चित्रकारी से निर्मित बाल्कनियाँ व लकड़ी के स्तंभ भी बनाये गयें हैं।

फूल महल – फूल महल (फ्लावर पैलैस) इस किले का सबसे पुराना भाग है। इसका निर्माण बीकानेर के राजा रायसिंह ने करवाया था।

अनूप महल – अनूप महल एक बहुमंजिला इमारत है, जिसका उपयोग राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में किया जाता था। इस महल में लकड़ी की रंगी हुई छतों को शीशे से जड़ा गया है, जिसमें इटालियन टायल्स, पारदर्शी खिड़कियाँ और बाल्कनियाँ भी उपस्थित हैं। इसे सुन्दर निर्माण का एक रूप माना जाता है।

चन्द्र महल – यह महल का सबसे भव्य कमरा है, जिसमें सोने से जडित देवताओं की मूर्ति व कीमती पत्थरों से जडित पेंटिंग रखी हुई हैं। इस शाही कमरे में शीशों को कुछ इस तरीके से लगाया गया था, यदि कोई घुसपैठिया उनके कमरें में प्रवेश करता है, तो वो उसे अपने विस्तार से ही देख सकते थे।

गंगा महल – इस महल का निर्माण गंगा सिंह ने करवाया था। इस महल में एक विशाल दरबार कक्ष है, जिसे गंगा सिंह कक्ष के नाम से जाना जाता है। इसमें एक संग्राहलय भी उपस्थित है। इस संग्राहलय में युद्ध में प्रयोग किये जाने वाले औजार और हवाई जहाज (बी प्लेन) को दर्शाया गया है।

बादल महल – बादल महल अनूप महल के अस्तित्व का ही एक भाग है। इसमें शेखावती दुन्द्लोद की पेंटिंग है, जो बीकानेर के महाराजा को भिन्न-भिन्न प्रकार की पगड़ियो के द्वारा श्रद्धांजलि समर्पित करते हैं। कीलों, लकड़ी, तलवारों और आरी पर खड़े लोगों की पेंटिंग भी यहाँ पर मौजूद हैं, जो श्रद्धा और धैर्य को प्रदर्शित करती हैं।

बीकानेरी हवेलियाँ – बीकानेरी हवेलियाँ किले के बाहर और अन्दर दोनों ही तरफ स्थित हैं। जिनका निर्माण एक अनूठी वास्तुकला शैली के साथ किया गया है।

समय- इस किले को देखने का समय सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक है।

किलों की तालिका

क्र संकिले का नामनिर्माण वर्षनिर्माणकर्तास्थान
1लक्ष्मणगढ़ किलासन. 1862 राजा लक्ष्मण सिंहसीकर, राजस्थान
2गागरोन किला12वीं शताब्दीराजा बीजलदेवझालावाड, राजस्थान
3मदन महल किलासन. 1100राजा मदन सिंहजबलपुर, मध्य प्रदेश
4ग्वालियर किला14 वीं सदीराजा मानसिंह तोमरग्वालियर, मध्य प्रदेश
5रणथंभोर किलासन. 944चौहान राजा रणथंबन देवसवाई माधोपुर, राजस्थान
6जूनागढ़ किलासन. 1594राजा रायसिंहबीकानेर, राजस्थान
7मेहरानगढ़ किलासन. 1459राव जोधाजोधपुर, राजस्थान
8लोहागढ़ किलासन. 1733महाराजा सूरजमल भरतपुर, राजस्थान
9कुम्भलगढ़ किलासन. 1458राजा महाराणा कुम्भाराजसमन्द, राजस्थान
10भानगढ़ किलासन. 1573राजा भगवंत दासअलवर, राजस्थान
11आगरा किलासन. 1565अकबरआगरा, उत्तर प्रदेश
12लाल किलासन. 1648शाहजहाँदिल्ली
13पुराना किला16 वीं शताब्दीशेरशाह सूरीदिल्ली