पीलिया | Piliya | Jaundice in Hindi

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व्यक्ति के शरीर में किसी कारणवश या एक विशेष प्रकार के वायरस के संक्रमण से रक्त में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ जाए और शारीर का रंग पीला पड़ जाए तो उसे पीलिया रोग कहते हैं। इस रोग में बिलीरुबिन का खून से लीवर और लीवर से आतों की ओर होने वाला प्रवाह प्रभावित होता है, जिसकी वजह से बिलीरुबिन शरीर से ठीक से निकल नही पाता और रक्त और त्वचा के नीचे जमा हो जाता है।

मुख्य लक्षण

  • त्वचा का पीला पड़ जाना।
  • आंख के सफेद हिस्से का पीला हो जाना।
  • मल का रंग फीका या सफेद हो जाना।
  • गाढ़े लाल रंग का मूत्र आना।
  • जी मिचलाना और आमाशय में सूजन होना।
  • वजन कम होना, पेट दर्द होना और भूख कम हो जाना।
  • दाहिनी पसलियों के नीचे दर्द होना।
  • बुखार आना, कमजोरी महसूस होना और जल्दी थक जाना।

मुख्य कारण

  • लीवर कमजोर हो जाने से।
  • ज्यादा शराब पीने से।
  • शारीर में खून की कमी हो जाने से।
  • दूषित भोजन का सेवन करने से।
  • दूषित पानी पीने से या इस्तेमाल करने से।
  • मलेरिया और हेपेटाइटिस जैसे रोग भी पीलिया का कारण हो सकते हैं।

पीलिया से बचाव

  • बाहर का खाना ना खाएं।
  • शराब ना पीयें इससे लीवर कमजोर होता है।
  • साफ और स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करें।
  • अधिक तेल, घी और मिर्च-मसाले वाले भोजन का सेवन ना करें।

घरेलू उपचार

दवा के अलावा कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर भी पीलिया का उपचार किया जा सकता है। कुछ आसान घरेलू नुस्खे निम्नलिखित हैं।

  • टमाटर का रस: एक गिलास टमाटर के रस में काली मिर्च और एक चुटकी नमक मिलाकर सुबह खाली पेट पीयें।
  • मूली: मूली की पत्तियों के रस का नियमित रूप से सेवन करें। लगभग दो गिलास मूली के पत्तों कर रस रोज पीयें।
  • गन्ना: एक गिलास गन्ने के रस में आधा चम्मच निम्बू का रस मिलाकर नियमित रूप से दिन में दो बार पीयें।
  • गोभी और गाजर: गोभी और गाजर का रस निकाल कर एक गिलास में बराबर मात्रा में मिला लें। कुछ दिनों तक रोज एक गिलास रस का सेवन करें।
  • प्याज: प्याज को छीलकर पतले हिस्सों में बाँट लें। इसके ऊपर निम्बू का रस निचोड़े फिर काली मिर्च और सैंधा नमक छिड़क लें। इस तरह से आप प्याज का दिन में दो बार सेवन करें।
  • नीम: नीम के पत्तों को धोकर साफ कर लें और उनका रस निकाल लें। दिन में दो से तीन बार इस रस का एक चम्मच पीयें।
  • बादाम: बादाम की 8 से 10 गिरी, 4-5 इलायची और 2-3 छुआरों को रात को पानी में भिगोकर रख दें। सुबह बादाम के छिलके निकाल कर सबको पीस कर पेस्ट बना लें। इसमें थोड़ा सा मक्खन और चीनी मिलाकर खाएं।