जसवंत सिंह की जीवनी | Jaswant Singh Biography in Hindi

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परिचय

जसवंत सिंह एक वरिष्ठ भारतीय राजनेता हैं। उन्हें भारत के रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री बनने का मौका मिला। सन 2014 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान के बाड़मेर लोकसभा संसदीय क्षेत्र से भाजपा द्वारा टिकट नहीं मिलने के विरोध में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया। इसीलिए उन्हें 6 वर्ष के लिए ‘भारतीय जनता पार्टी’ से निष्कासित कर दिया गया।

जब जसवंत सिंह को विदेश नीति का कार्य सौंपा गया था, तब उन्होंने बड़ी कुशलता से भारत और पाकिस्तान के बीच के खिंचाव को कम किया था। उनकी लेखनी में उनकी परिपक्वता और आदर्शों के प्रति उनका आदर साफ़ झलकता है। जसवंत सिंह को लोगों से मिलना अच्छा लगता है, वे अस्पताल, संग्रहालय एवं जल संरक्षण जैसी कई परियोजनाओं के संरक्षक भी हैं। जसवंत सिंह 7 अगस्त 2014 को अपने घर में गिर जाने की वजह से कोमा में चले गए और तभी से उनका स्वास्थ्य ख़राब चल रहा है।

शुरूआती जीवन

जसवंत सिंह का जन्म राजस्थान के बाड़मेर में 3 जनवरी 1938 को हुआ था। उनके पिता का नाम ‘ठाकुर सरदार सिंह’ तथा उनकी माता का नाम ‘कुँवर बाईसा था। उन्होंने अपनी पढ़ाई ‘मेयो कोलेज अजमेर’ और ‘इंडियन मिलिट्री अकादमी’, देहरादून से की। उन्हें पढ़ाई के अलावा संगीत सुनना, शतरंज और गोल्फ खेलना भी पसंद है।

राजनीतिक जीवन

जसवंत सिंह 16 मई 1996 से 1जून 1996 तक ‘अटल बिहारी वाजपेयी’ की सरकार में ‘वित्तमंत्री’ रह चुके हैं और 5 दिसम्बर 1998 से 1 जुलाई 2002 तक ‘विदेश मंत्री’ रहे। फिर सन 2002 में ‘यशवंत सिन्हा’ की जगह वे पुन: ‘वित्तमंत्री’ बने और इस पद पर मई 2004 तक कार्य सभाला। वित्तमंत्री के रूप में उन्होंने बाजार-हितकारी सुधारों को बढ़ावा दिया।

सन 1998 में भारत द्वारा परमाणु परीक्षण किये जाने के बाद भारत-अमेरिका के रिश्तों में जो दरार आई, उसे जसवंत सिंह ने अपने कौशल से भरने की कोशिश की। जसवंत सिंह के तत्कालीन अमेरिकन प्रतिरूप ‘स्ट्रोब टैलबोट’ के मुताबिक वे एक बेहतरीन वार्ताकार और कूटनीतिज्ञ हैं।

जसवंत सिंह बीजेपी के सर्वाधिक प्रभावशाली नेताओं में से रहे हैं। वे 6 बार सांसद रह चुके हैं। संसद में वे आकलन समिति, पर्यावरण वन समिति और उर्जा समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जसवंत सिंह योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे। जसवंत सिंह ने कई अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों और सुरक्षा एवं विकास के मुद्दों पर कई किताबें लिखी हैं।

जब जसवंत सिंह विदेश मंत्री थे, तब दो आतंकवादियों को कन्धहार, अफ़ग़ानिस्तान, सुरक्षित पहुँचाने के उनके फैसले की विविध राजनैतिक पक्ष द्वारा कड़ी आलोचना भी हुई थी। दो आतंकवादियो को इंडियन एयरलाइन्स के हवाई जहाज को अपहरण कर बंधक बनाये हुए यात्रियों के बदले भारत सरकार द्वारा छोड़ दिया गया था।

सन 2009 में जसवंत सिंह ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग सीट से बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीता था। अगस्त 2009 में पार्टी से निष्कासित होने के बाद जसवंत सिंह 25 जून 2010 को ‘नितिन गडकरी’ और ‘लाल कृष्ण अडवाणी’ की उपस्थिति में फिर से BJP में शामिल कर लिए गए।

जीवन घटनाचक्र

  • जसवंत सिंह का जन्म सन 1938 में बाड़मेर, राजस्थान में हुआ।
  • सन 1960 में भारतीय सेना में अधिकारी थे।
  • सन 1996 में ‘अटलबिहारी बाजपयी’ की अल्पकालीन सरकार में वित्त मंत्री रहे।
  • सन 1980 में राज्य सभा में प्रवेश किया।
  • सन 1986 में राज्यसभा में दूसरी बार चुने गए, लोक लेखा समिति, राज्यसभा सदस्य, विशेषाधिकार सम्बन्धी समिति, राज्यसभा सदस्य, लोक कार्य समिति, राज्यसभा रहे।
  • सन 1987 में परामर्शक समिति, पंजाब राज्य, के सदस्य रहे।
  • सन 1989 में विधायिका कानून।
  • सन 1990 में 9वी लोक सभा में चुनाव जीते।
  • सन 1991 में अनुमान समिति के अध्यक्ष, 10वी लोक सभा में फिर चुनाव जीते (दूसरी अवधि) पर्यावरण और वन समिति के अध्यक्ष बने।
  • सन 1992 में सुरक्षितता और बैंकिंग लेन-देन में अनियमितता जांचने के लिए बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य बने।
  • सन 1993 में उर्जा समिति के अध्यक्ष बने।
  • सन 1996 में 11वी लोक सभा में चुनाव जीता (तीसरी अवधि) केन्द्रीय वित्त मंत्री बने।
  • सन 1998 में योजना आयोग के उपाध्यक्ष चुने गए।
  • सन 1998 में राज्यसभा में तीसरी बार चुने गए।
  • सन 1998 में केन्द्रीय केबिनेट में विदेशी मामलो के मंत्री बने।
  • सन 1998 में केन्द्रीय केबिनेट मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स, भूतल परिवहन (समकालीन अधिकार) रहे।
  • सन 2001 में उन्हें ‘सर्वप्रथम सांसद’ का सम्मान मिला।
  • सन 2004 में राज्यसभा में चौथी बार नियुक्त किए गए।
  • सन 2004 में केन्द्रीय केबिनेट रक्षा मंत्री रहे।
  • सन 2004 में वित्त मंत्री और कंपनी अफेयर्स मंत्री रहे।
  • सन 2004 में केन्द्रीय केबिनेट मंत्री, वित्त मंत्रालय रहे।
  • सन 2004 में राज्यसभा में पांचवी बार नियुक्त किए गए।
  • सन 2004 में नेता विपक्ष, राज्यसभा रहे।
  • सन 2004 में विज्ञान और तकनीक, पर्यावरण और वन्य समिति के सदस्य रहे।
  • सन 2004 में राष्ट्रीय नेताओ और सांसदों के छाया चित्र और स्मारक संसद भवन में प्रतिष्ठापन करने हेतु बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य रहे।
  • सन 2004 में सामान्य प्रयोजन समिति के सदस्य रहे।
  • सन 2004 में चौथी बार लोक सभा चुनाव जीते, लोक लेखा समिति के अध्यक्ष, लोक लेखा समिति के सदस्य नियुक्त किए गए।
  • अगस्त 2005 – सदस्य, सामान्य प्रयोजन समिति के सदस्य रहे।
  • सन 2009 फिर से 15वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित (चौथा कार्यकाल) किए गए।
  • 6 अगस्त 2009 31 दिसंबर 2009 तक अध्यक्ष और लोक लेखा समिति के सदस्य रहे।
  • 10 सितंबर 2009 में बजट पर समिति के सदस्य रहे।
  • 1 जनवरी 2010 में लोक लेखा समिति के सदस्य रहे।