BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में BJP नेताओं के साथ बैठक की, उसके बाद BJP ने अपना समर्थन वापस लेने का ऐलान किया। मंगलवार को BJP नेता राममाधव ने PDP से समर्थन वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में स्थिति काफी बिगड़ी है, जिसके कारण BJP को ये फैसला लेना पड़ गया। उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री और अमित शाह से भी बात की है।

सरकार गिरने के बाद BJP ने जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में डर की नीति नहीं चलेगी। उन्होंने कहा, कि दोनों पार्टियां अलग-अलग विचारधारा को मानती हैं, लेकिन फिर भी सत्ता के लिए नहीं बल्कि बड़े विजन को साथ लेकर हमने BJP के साथ गठबंधन किया था। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सरकार के जरिये वह कश्मीर में अपना एजेंडा लागू करवाने में सफल रही हैं। महबूबा मुफ्ती का कहना है कि कश्मीर के लोगों से बातचीत होनी चाहिए, पाकिस्तान से बातचीत होनी चाहिए, ये उनकी हमेशा से ख्वाहिश रही है।

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा ने ही महबूबा मुफ्ती को फोन कर बताया कि BJP ने PDP के साथ गठबंधन तोड़ लिया है। उसके बाद महबूबा मुफ्ती ने अपना इस्तीफा राज्यपाल एन एन वोहरा को सौंप दिया।