ईनाम

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एक बार शहंशाह अकबर से मिलने के लिये एक संगीतकार बड़े मियाँ आये थे। तो बड़े मियाँ बोले…..!

संगीतकार बड़े मियाँ बोले सिपाही से – और कितनी देर लगेगी हुजूर…..! मैं घंटों से इंतजार कर रहा हूँ। मेरी बूढ़ी हड्डियां और बर्दाश्त नहीं कर सकती।

सिपाही बोला संगीतकार बड़े मियाँ से – सब्र करो बड़े मियाँ…..! अगले तुम ही हो। लेकिन अंदर जाने से पहले पांच सोने की अशरफियां देनी होंगी।

संगीतकार बड़े मियाँ बोले सिपाही से – पांच अशरफियां…..! लेकिन किस लिये ?

सिपाही बोला संगीतकार बड़े मियाँ से – दरबार में जाने के लिये……! जिसे शहंशाह से मिलना है, उसे ये नज़राना देना ही पड़ता है।

संगीतकार बड़े मियाँ बोले सिपाही से – कैसा नज़राना ? मैं पहली बार सुन रहा हूँ। मैं तुम्हें कुछ नहीं दुंगा।

सिपाही बोला संगीतकार बड़े मियाँ से – चलो बड़े मियाँ….! जिद्द मत पड़ो। ये कायदा मैंने नहीं बनाया। यहाँ ऐसा ही चलता है।

संगीतकार बड़े मियाँ बोले सिपाही से – कैसा कायदा ? शहंशाह ने ऐसा कोई कायदा नहीं बनाया।

सिपाही बोला संगीतकार बड़े मियाँ से – मैं तुम्हें अपने सरदार के पास ले चलता हूँ। वो ही तुम्हें समझायेंगे। आओ मेरे साथ……!

बड़े मियाँ सिपाही के सरदार के पास पहुच जाते हैं और सिपाई बोला सरदार से……!

सिपाही बोला अपने सरदार से – हुजूर…..! ये दरबार में जाने की रकम देने से मना कर रहा है।

सिपाही का सरदार बोला बड़े मियाँ से – सुनो, बड़े मियाँ…..! तुम्हें हमको नज़राना तो देना ही पड़ेगा।

संगीतकार बड़े मियाँ बोले सिपाही के सरदार से – मैं क्यों रकम भरूं ? तुम कैसे मुझसे मांग सकते हो ?

सिपाही का सरदार बोला बड़े मियाँ से – देखो, बड़े मियाँ…..! यहाँ सैकड़ों लोग शहंशाह से मिलने आते हैं। हर कोई तो नहीं मिल सकता। इसलिए जिसे बादशाह से मिलना है, उसे नज़राना देना ही पड़ेगा।

संगीतकार बड़े मियाँ बोले सिपाही के सरदार से – कैसा नज़राना ? मैं क्यों पैसे दूँ ? ये सरासर ना इंसाफी है।

सिपाही का सरदार बोला बड़े मियाँ से – तो फिर, तुम बादशाह से नहीं मिल सकते।

सिपाही का सरदार बोला सिपाही से – सिपाही, इस बूढ़े को बाहर का दरवाजा दिखा दो।

बड़े मियाँ ने बादशाह से मिलने के लिए नज़राना देने से मना किया तो दो सिपाहियों ने बड़े मियाँ को बाहर का रास्ता दिखा दिया। बड़े मियाँ बीरबल से मिलने गए और बोले…….!

संगीतकार बड़े मियाँ बोले बीरबल के सेवक से – मुझे राजा बीरबल से मिलना है।

बीरबल का सेवक बीरबल से बोलने गया और बोला……!

बीरबल का सेवक बोला बीरबल से – हुजूर…..! एक बुढा आदमी आपसे मिलना चाहता है।

बीरबल बोले अपने सेवक राम से – मुझसे….! उनको बाइज्जत अंदर लाओ….!

बड़े मियाँ बीरबल के पास आये और बोले…..!

संगीतकार बड़े मियाँ बोले बीरबल से – आदाब हुजूर आदाब…….!

बीरबल बोले बड़े मियाँ से – कहिये, कैसे आना हुआ ?

संगीतकार बड़े मियाँ बोले बीरबल से – इन हालात में आप ही मेरी मदद कर सकते हैं हुजूर……! मेरा नाम राम देव है। मैं एक गरीब गायक हूँ और कोसों दूर राजस्थान से आया हूँ। शहंशाह को अपना संगीत सुनाने के लिए जब मैं उनसे मिलने गया, तो मुझे घंटो तक वहाँ खड़ा रहना पड़ा। और उसके बाद एक सिपाही ने मुझसे नज़राना माँगा तो मैंने नज़राना देने से मना किया। तो सिपाई अपने सरदार के पास ले गया और उन्होंने भी यही बोला कि बादशाह से मिलने के लिए यहाँ सबको नज़राना देना पड़ता है। मैंने नज़राना देना से मना किया, तो सिपाही के सरदार ने मुझे बाहर निकाल दिया।

और बीरबल ने संगीतकार राम देव की बात सुनी तो बीरबल सोचने लगे………..!

बीरबल बोले – हूँ… तो ऐसे ये सिपाही इन गरीब लोगों को लूट रहे हैं। मुझे कुछ करना पड़ेगा।

बीरबल बोले संगीतकार राम देव से – फिक्र न करें…..! राम देव जी….. आप जल्द ही संगीत जहाँपनाह को सुनायेंगे।

संगीतकार राम देव बोले बीरबल से – शुक्रिया हुजूर…..! आप बड़े रहम दिल हैं।

बीरबल अपना वेश बदलकर एक संगीतकार बनकर शहंशाह अकबर से मिलने के लिए जाते हैं, तो सिपाही से बोले…….!

बीरबल एक संगीतकार बनकर दरबार में जाने के लिए सिपाही से बोले – हुजूर…..! मैं शहंशाह अकबर से मिलना चाहता हूँ।

सिपाही बोला बीरबल से – हाँ… हाँ…. सब यहाँ इसीलिए आते हैं बड़े मियाँ……! अंदर जाने के लिए पहले तुम्हें पांच सोने की अशरफियां देनी पड़ेंगी।

बीरबल एक संगीतकार बनकर दरबार में जाने के लिए सिपाही से बोले – पांच अशरफियां, मैं एक गरीब आदमी हूँ। तो भला में इतनी बड़ी रकम कैसे दुंगा ?

सिपाही बोला बीरबल से – अगर तुम्हारे पास रकम नहीं है, तो जाओ यहाँ से….! मेरा वक्त बर्बाद मत करो तुम…..!

बीरबल एक संगीतकार बनकर दरबार में जाने के लिए सिपाही से बोले – मेरी मदद करें हुजूर…..! मैं एक गरीब आदमी हूँ। क्या मैं आपको बाद में पैसे दे सकता हूँ ?

सिपाही बोला बीरबल से – हाँ….. इसका फैसला तो हमारे सरदार ही करेंगे। चलो……..!

सिपाही ने अपने सरदार को बात सुनाई और सरदार बोले……!

सिपाही का सरदार बोला बीरबल से – बड़े मियाँ अगर शहंशाह से मिलना चाहते हो तो कीमत तो चुकानी पड़ेगी।

बीरबल बोले सिपाही के सरदार से – पर मेरे पास तो कुछ भी नहीं है हुजूर……!

सिपाही का सरदार बोला बीरबल से – तो खामखा हमारा वक्त क्यों बर्बाद कर रहे हो ? वापस जाओ और हमें अपना काम करने दो……..!

बीरबल बोले सिपाही के सरदार से – मेरी एक गुजारिश है। मेरा संगीत सुनकर बादशाह खुश हो जायेंगे और इनाम देंगे। मैं इनाम का आधा हिस्सा आपको दे दुंगा।

सिपाही का सरदार सोचने लगा – हूँ….! इनाम का आधा हिस्सा, ये ठीक रहेगा।

सिपाही का सरदार बोला सिपाही से – सिपाही, इन्हें शहंशाह से मिलने दिया जाये और ख्याल रहे कि ये इनाम का आधा हिस्सा हमें दें।

बीरबल बोले सिपाही के सरदार से – शुक्रिया हुजूर…..! आप बड़े रहम दिल हैं।

और बीरबल शहंशाह अकबर के दरबार में एक संगीतकार का वेश बनाकर पहुंचे और शहंशाह अकबर से बोले……!

बीरबल संगीतकार के वेश में बोले अकबर से – आदाब बादशाह सलामत…….! मैं राजस्थान से आया हूँ। और आपकी शान में कुछ गीत पेश करना चाहता हूँ।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल संगीतकार से – शुक्रिया राम देव जी……!

और बीरबल ने संगीतकार के वेश में शहंशाह अकबर को एक गीत सुनाया और शहंशाह अकबर बोले……!

शहंशाह अकबर बोले बीरबल संगीतकार से – बहुत खूब राम देव जी……! बेहद खूबसूरत बंद सेखी…..! हम बहुत खुश हुये। बताये आप इनाम में, क्या चाहते हैं ?

बीरबल संगीतकार के वेश में बोले अकबर से – शुक्रिया जहाँपनाह……! मेरी गुज़ारिश है कि मुझे सौ कोड़े दिए जाये।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल संगीतकार से – सौ कोड़े….! आप सजा क्यों पाना चाहते हैं ? हम आपको बतौर इनाम सोना, जेवर देना चाहते हैं, अगर आप सौ कोड़े खाना चाहते हैं। ताजुब है, क्या आप सचमुच यही चाहते हैं रामदेव जी….?

बीरबल संगीतकार के भेष में बोले अकबर से – हुजूर……! मैं यही चाहता हूँ।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल संगीतकार से – अगर आप यही चाहते हैं, तो ठीक है।

शहंशाह अकबर बोले सिपाहियों से – सिपाहियों रामदेव जी की तमन्ना पूरी की जाये।

और एक सिपाही सौ कोड़े देने के लिए छड़ी लेकर आया तो संगीतकार के वेश में बीरबल बोले…..!

दरबार में संगीतकार के वेश में बीरबल बोले सिपाही से – ठहरिये…..! मैंने किसी के साथ अपने इनाम का आधा हिस्सा बांटने का वायदा किया है।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल संगीतकार से – इनाम का आधा हिस्सा…..! क्या कह रहे हैं आप ?

बीरबल संगीतकार के वेश में बोले अकबर से – जहाँपनाह……! क्योंकि मैं आपसे मिलने के लिए बतौर नज़राना पांच सोने की अशरफियां नहीं दे पाया। इसलिए मैंने वायदा किया कि अपने इनाम का आधा हिस्सा उन्हें दुंगा।

शहंशाह अकबर बोले दरबार में – सिपाही को पेश किया जाये…..!

शहंशाह अकबर से मिलाने के लिए पांच सोने की अशरफियां मांगने वाले सिपाही को शहंशाह अकबर के सामने पेश हो जाता है और सिपाही बोला……!

सिपाही बोला शहंशाह अकबर से – आदाब बादशाह सलामत…….!

शहंशाह अकबर बोले सिपाही से – तुम्हारी ये हिम्मत कैसे हुई ? ये हमारी रियाय को परेशान करने की।

शहंशाह अकबर बोले सिपाहियों से – सिपाहियों…..! इसे काल कोठरी में डाल दो। और इसका साथ देने वाले सभी सिपाहियों को भी इसी वक्त गिरफ्तार कर लिया जाये।

और रिश्वतखोरी करने वालों सिपाहियों को काल कोठरी में बंद कर देते हैं और बीरबल संगीतकार के वेश में बोले……!

बीरबल संगीतकार के वेश में बोले शहंशाह अकबर – शुक्रिया जहाँपनाह……!

शहंशाह अकबर बोले बीरबल संगीतकार से – बीरबल…..! अब हमें अपना असली रूप दिखाइये। आपने वाकई बहुत अच्छा रास्ता चुना, इन रिश्वतखोरों को सबक सिखाने का……!

शहंशाह अकबर के दरबार में बीरबल ने अपना वो ही असली रूप रख लिया और शहंशाह अकबर बोले……!

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – हम जानते थे, ये तुम्हीं हो सकते हो। बहुत खूब….. लाजबाब…..!

बीरबल बोले शहंशाह अकबर से – शुक्रिया जहाँपनाह……! मैं आपके सामने असली राम देव जी को पेश करना चाहूँगा। जो की कोसों दूर राजस्थान से आये। उनके साथ ये हादसा नहीं होता, तो इन रिश्वतखोरों का पता नहीं चलता।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – उन्हें जरूर पेश करें बीरबल……! हम असली रामदेव जी को सुनने को बेताब हैं और इस बार उन्हें बतौर इनाम कोड़े नहीं खाने पड़ेंगे।

दरबार में अन्य मंत्रियों शहंशाह अकबर जिंदाबाद……! राजा बीरबल जिंदाबाद…..! के नारे लगाने लगे…..!