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श्लोक

श्लोक वैदिक अनुष्ठान के काव्य छन्द को प्रस्तुत करने के लिए विकसित कविता की श्रेणी है। श्लोक भारतीय महाकाव्य कविता का आधार है और भारतीय शाब्दिक श्रेष्ठता के रूप में जाना जाता है। शास्त्रीय संस्कृत कविता में किसी भी अन्य काव्य छनद की तुलना में अधिक बार ऐसा होता है। उदाहरण के लिए रामायण और महाभारत अनूठे रूप से श्लोक में लिखे गए हैं। श्लोक को दोहा के रूप में भी माना जाता है।

व्यायाम वह गतिविधि है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बढ़ाती है। लगातार और नियमित व्यायाम करने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हेाती है। यहां व्यायाम श्लोक के माध्यम से व्यायाम के महत्व को बताया गया है। कुछ लोकप्रिय व्यायाम के संस्कृत...
विद्या (शिक्षा) का अर्थ किसी विशेष विषय का अध्ययन करने या जीवन की शिक्षा का अनुभव करने के बाद, किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त ज्ञान है, जो उसे समझ प्रदान करता है। कुछ लोकप्रिय विद्या के संस्कृतश्लोक निम्नलिखित हैं। श्लोक 1 क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत् । क्षणे नष्टे कुतो विद्या कणे नष्टे कुतो...
"विदुर नीति" मुख्य रूप से राजनीतिक विज्ञान के विषय में, महान महाकाव्य महाभारत में विदुर और राजा धृतराष्ट्र के बीच वार्ता के रूप में सुनाई गई है। विदुर अपने ज्ञान, ईमानदारी और प्राचीन आर्यन राज्य हस्तिनापुर के प्रति अटूट वफादारी के लिए जाने जाते थे। कुछ लोकप्रिय विदुर नीति के...
श्रीमद वाल्मीकि रामायण भारत की एक महाकाव्य कविता है। यह महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत भाषा में लिखी गई बहुत ही सुंदर कविता है। महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत साहित्य में एक अग्रदूत कवि के रूप में जाना जाता है। कुछ लोकप्रिय वाल्मीकि रामायण के संस्कृत श्लोक निम्नलिखित हैं। श्लोक 1 धर्म-धर्मादर्थः प्रभवति धर्मात्प्रभवते...
शिक्षा, सीख, नसीहत, दीक्षा या गुरूमंत्र आदि उपदेश कहलाते हैं। कुछ लोकप्रिय उपदेश के संस्कृत श्लोक निम्नलिखित हैं। श्लोक 1 आस्ते भग आसीनस्योर्ध्वस्तिष्ठति तिष्ठतः । शेते निपद्यमानस्य चराति चरतो भगश्चरैवेति ॥ अर्थ- जो मनुष्य बैठा रहता है, उसका सौभाग्य (भाग्य) भी रुका रहता है। जो उठ खड़ा होता है, उसका सौभाग्य भी उसी प्रकार उठता...
'सत्य' शब्द 'सच' के लिए एक संस्कृत शब्द के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह भारतीय धर्मों में एक सदगुण है, जो किसी के विचार, भाषण और क्रिया को सच्चाई के रूप में संदर्भित करता है। सत्य से ज्यादा कुछ नहीं है, सब कुछ सत्य पर ही निर्भर...
प्रार्थना किसी भी धर्म के प्रति आस्था और विश्वास का प्रतीक है। प्रार्थना एक अभिवादन है, यह व्यक्ति द्वारा अपने मन के भाव प्रकट करने के लिए की जाती है। कुछ लोकप्रिय प्रार्थना के संस्कृत श्लोक निम्नलिखित हैं। श्लोक 1 वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ: । निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु...
प्रमुख श्लोक में विभिन्न संस्कृत ग्रंथों और पुस्तकों से कुछ लोकप्रिय श्लोकों का संग्रह किया गया है। इनमें से अधिकतर श्लोक जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षाओं से संबंधित हैं। इन श्लोकों को हम अपने जीवन में लागू कर सकते हैं। संस्कृत के प्रमुख श्लोक निम्नलिखित हैं। श्लोक 1 आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान्...
'परोपकार' शब्द दो शब्दों के योग पर+उपकार से बना है, जिसका अर्थ दूसरों की निःस्वार्थ भाव से सेवा करना है। परोपकार ही एकमात्र ऐसा गुण है जो मानव को पशुओं से अलग कर देवता की श्रेणी में खड़ा कर देता हे। अपनी शरण में आए जीवों के दुःखों का...
गुरू एक संस्कृत भाषा का शब्द है, जो किसी व्यक्ति को शिक्षक, मार्गदर्शक या ज्ञान बाँटने वाले व्यक्ति के रूप में प्रख्यापित करता है। गुरू वह है जो ज्ञान देता है। अर्थात सांसारिक या पारमार्थिक ज्ञान देने वाले व्यक्ति को गुरू कहते हैं। कुछ लोकप्रिय गुरू के संस्कृत श्लोक निम्नलिखित...

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