गुजराती भाषा | Gujarati Language

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गुजराती भाषा एक ऐसी भाषा है, जो खासतौर पर भारत के गुजरात राज्य, दीव और मुंबई में बोली जाती है। भारतीय भाषाओं के साहित्यों में से गुजराती भाषा का साहित्य एक ऐसा साहित्य है, जो अपने आप में समृद्ध साहित्य है। भारत की बाकी भाषाओं की तरह गुजराती भाषा का जन्म संस्कृत भाषा से ही हुआ है। इसमें कई शब्द ब्रज भाषा के है, इसी वजह से ऐसा भी कहा जाता है कि इस भाषा का जन्म संस्कृत और ब्रज भाषा के शब्दों को मिलाकर हुआ है।

गुजरात राज्य, दीव और मुंबई के अलावा भी भारत के कई राज्यों में गुजराती बोलने वाले लोग निवास करते हैं, और इतना ही नहीं भारत देश के बाहर भी गुजराती बोलने वाले लोग निवास करते हैं। ऐसे कुछ देशों के नाम हैं- पाकिस्तान, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, केन्या, सिंगापुर, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया आदि। महात्मा गाँधी,  भीमराव आम्बेडकर, मुहम्मद अली जिन्ना, दयानंद सरस्वती, मोरारजी देसाई, धीरु भाई अंबानी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसी महान हस्तियों की मातृभाषा भी गुजराती थी। सन् 2011 के आंकड़ों से पता चलता है कि गुजराती भारत की 6वीं सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। 2007 के आंकड़ों के हिसाब से यह भाषा पूरी दुनिया में बोली जाने वाली भाषाओं में 26वे नंबर पर आती है।

गुजराती भाषा लगभग 700 साल पहले से बोली और समझी जा रही है। गुजरात के बाहर भी कई जगहों पर गुजराती प्रवासियों के द्वारा गुजराती बोली जाती है, जो मुंबई और पाकिस्तान में भी रहने लग गए हैं।

पुरानी गुजराती

गुर्जर लोग आधुनिक गुजराती और राजस्थानी भाषाओं के पुराने रूप को बोल-चाल में इस्तेमाल करते थे, वे लोग गुजरात और पंजाब में रहते और शासन करते थे। यह भाषा 12वीं शताब्दी के आरंभ में साहित्यिक भाषा के रूप में प्रयोग की जाने लगी। इस युग के शब्दों में गुजराती शब्दों की विशेषताएं होती हैं।

मध्य गुजराती

1500–1800 ईसवी तक मध्य गुजराती का काल चला। इस दौरान गुजराती भाषा में कई बदलाव हुए।

आधुनिक गुजराती

1800 ईसवी से आधुनिक गुजराती का काल शुरू हुआ था। इस युग में गुजराती भाषा में सबसे बड़ा बदलाव उच्चारण में “ə” का विलोपन था। इसी तरह कुछ बदलाव व्याकरण में भी हुए और इसके साहित्य में भी कुछ बदलाव आए हैं।

अधिकारिता

गुजराती भाषा भारत के संविधान द्वारा बताई गई 22 आधिकारिक भाषाओं और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में से एक है। गुजराती भाषा को आधिकारिक तौर पर गुजरात, भारत के केंद्र शासित प्रदेशों जैसे दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव में मान्यता प्राप्त है।

गुजराती भाषा को राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली के केंद्र शासित प्रदेश राज्यों में अल्पसंख्यक माना जाता है।