गोपाल गणेश आगरकर की जीवनी | Gopal Ganesh Agarkar Biography in Hindi

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परिचय

गोपाल गणेश आगरकर महाराष्ट्र राज्य के समाज सुधारक एवं पत्रकार थे। वे मराठी के प्रसिद्ध समाचार पत्र ‘केसरी’ के प्रथम सम्पादक थे, किन्तु बाल गंगाधर तिलक से वैचारिक मतभेद के कारण उन्होने केसरी का सम्पादकत्व छोड़कर ‘सुधारक’ नामक पत्रिका का प्रकाशन आरम्भ किया। वे विष्णु कृष्ण चिपलूणकर तथा बाल गंगाधर तिलक की “डेकन एजुकेशन सोसायटी” के संस्थापक सदस्य थे। वे फर्ग्युसन कॉलेज के सह-संस्थापक तथा प्रथम प्रधानाचार्य थे।

प्रारंभिक जीवन

गोपाल गणेश आगरकर का जन्म 14 जुलाई, सन 1856 को महाराष्ट्र के सातारा जिले के ‘तम्भू’ गाँव में एक गरीब ‘कोमना, ब्राह्मण’ परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम ‘गणेशराव आगरकर’ तथा माता का नाम ‘सरस्वती आगरकर’ था। उनकी शादी ‘यशोदा’ नाम की कन्या के साथ सन 1877 में हुई थी। उनकी प्राथमिक शिक्षा कराड के प्राइमरी स्कूल में हुई थी। वे कराड के एक न्यायालय में क्लर्क के रूप में काम करते थे। बाद वे रत्नागिरि चले गये, किन्तु वहाँ शिक्षा ग्रहण न कर पाये। उन्होने सन 1878 में बी.ए. तथा सन 1880 में एम.ए. किया। बाद में अपना सारा जीवन समाज की सेवा में बिताया।

गोपाल गणेश आगरकर एक समय बाल गंगाधर तिलक के करीबी सहयोगी रहे, वे न्यू इंग्लिश स्कूल, डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी और फर्ग्यूसन कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थानों के सह-संस्थापक थे। इसके साथ-साथ उन्होंने बाल गंगाधर तिलक, विष्णुशास्त्री चिपलूनकर, महादेव बल्लाल नामजोशी, वी.एस. आप्टे, वी.बी. केलकर, एम.एस. गोले और एन.के. धराप की काफी सहायता की। वे साप्ताहिक ‘केसरी’ के पहले संपादक और ‘सुधारक’ के संस्थापक और संपादक थे। वे फर्ग्यूसन कॉलेज के दूसरे प्राचार्य थे और अगस्त 1892 से अपनी मृत्यु तक उस पद पर रहे।

उपलब्धियां

गोपाल गणेश आगरकर मराठी के प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्र केसरी के पहले संपादक थे, जिनकी स्थापना सन 1880-81 में बाल गंगाधर तिलक ने की थी। बाल गंगाधर तिलक के साथ वैचारिक मतभेद ने उन्हें बाद में छोड़ दिया। उन्होंने अपने समय-समय पर ‘सुधाकर’ की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने छुआछूत और जाति व्यवस्था के अन्याय के खिलाफ अभियान चलाया। उन्होंने विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया।

प्रकाशन

गोपाल गणेश आगरकर ने एक पुस्तक ‘अलंकार मीमांसा’ भी लिखी।

कार्य

  • 1880 में विष्णुशास्त्री चिपलूनकर, बाल गंगाधर तिलक और गोपाल गणेश आगरकर ने पुणे में ‘न्यु इंग्लिश स्कूल’ की स्थापना की।
  • 1881 में बाल गंगाधर तिलक और गोपाल गणेश आगरकर ने मराठी भाषा में ‘केसरी’ और अंग्रेजी भाषा में ‘मराठा’ साप्ताहिक शुरु किये। ‘केसरी’ के संपादन पद की जिम्मेदारी गोपाल गणेश आगरकर पर आयी।
  • 1884 मे बाल गंगाधर तिलक और गोपाल गणेश आगरकर ने पुणे के डेक्कन एज्युकेशन सोसायटी की स्थापना की. वैसे ही 1885 मे इस संस्था की तरफ से पुणे मे ही फर्ग्युसन कॉलेज खोला गया।
  • 1888 में उन्होंने ‘सुधारक’ नाम का अपना स्वतंत्र साप्ताहिक शुरु किया। ‘सुधारक’ मराठी और अंग्रेजी दोनों भाषा मे प्रसिद्ध किये जाते थे।
  • आगे फर्ग्युसन कॉलेज के पहले प्राचार्य वी.एस. आपटे की 1892 मे अचानक मौत हो गयी। उसके बाद गोपाल गणेश आगरकर को प्राचार्य के रूप मे नियुक्त किया गया।
  • गोपाल गणेश आगरकर ने भारतीय समाज मे बालविवाह, मुंडन, नस्लीय भेदभाव, अस्पृश्यता जैसे अनिष्ट परंपरा और रुढ़ी का विरोध किया था।

निधन

गोपाल गणेश आगरकर का निधन 17 जून 1895 को हुआ।