गेटवे ऑफ इंडिया | Gateway Of India in Hindi

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परिचय

गेटवे ऑफ इंडिया भारत में महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर में स्थित है। यह ईमारत मुम्बई के होटल ताजमहल पैलेस के सामने समुद्र के तट पर स्थित है। यह स्मारक साउथ मुंबई के अपोलो बन्दर क्षेत्र में अरब सागर के बंदरगाह पर स्थित है। इंडो-सरैसेनिक शैली में निर्मित, गेटवे ऑफ इंडिया की 31 मार्च सन. 1911 को नींव रखी गयी थी। इसका निर्माण पीले बेसाल्ट से किया गया, इस स्मारक की ऊँचाई लगभग 26 मीटर है। इसमें 4 मीनारें हैं और पत्‍थरों पर खोदी गई बारीक पच्‍चीकारी है। सन. 1914 में जॉर्ज विटेट के अंतिम डिजाइन को मंजूरी दी गई थी और स्मारक का निर्माण सन. 1924 में पूरा हुआ था। वास्तुकला में हिंदू और मुस्लिम दोनों प्रकारों को ध्यान में रखते हुए गेटवे ऑफ इंडिया का निर्माण किया गया। इसकी वास्तुकला में गुजराती शैली का भी कुछ प्रभाव दिखाई देता है।

इतिहास

गेटवे ऑफ इंडिया की वास्तुकला को हिंदू और मुस्लिम दोनों प्रकारों को ध्यान में रखते हुए इसका निर्माण 31 मार्च सन. 1911 में प्रारंभ किया गया, जिसे देश में ब्रिटिश राज के दौरान निर्मित कराया गया था। इस इमारत का मुख्य रूप से निर्माण किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरी के आगमन के लिए किया गया था। जिस भूमि पर इसका निर्माण किया गया था वहाँ पहले एक घाट था, जिसे मछली पकड़ने वाला समाज प्रयोग किया करता था। जिसे बाद में पुनर्निर्मित किया गया था और ब्रिटिश राज्यपालों और अन्य प्रमुख लोगों के लिए तट पर उतरने के रूप में इस्तेमाल किया गया था। पहले के समय में यह पहली संरचना थी कि मुंबई में नाव से आने वाले लोगों ने देखा। गेटवे ऑफ़ इंडिया विशाल अरब सागर की ओर बनाया गया है। गेटवे ऑफ इंडिया एक महान ऐतिहासिक स्‍मारक है, जिसे देश में ब्रिटिश राज के दौरान निर्मित कराया गया था। गेटवे ऑफ इंडिया का निर्माण अपोलो बंदर पर कराया गया था, जो मेल-जोल का एक लोकप्रिय स्‍थान है।

निर्माण कार्य

गेटवे ऑफ इंडिया की नींव 31 मार्च सन. 1911 में मुम्बई के राज्यपाल द्वारा रखी गयी। इसके निर्माण के लिए पीले बेसाल्ट से बने पत्थरों का उपयोग किया गया है। इसका निर्माण सन. 1914 में जॉर्ज विटेट के द्वारा किया गया और जो सन. 1924 में पूरा हुआ था। यह स्मारक 26 मीटर ऊँचा है और इसमें 4 मीनारें हैं, इसको जटिल जाली के साथ बनाया गया था। छत्रपति शिवाजी और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाएं गेटवे पर बाद में स्थापित की गयी थी। केवल इसके गुम्बदों का निर्माण करने में 21 लाख रुपये का खर्च आया था। इसकी वास्तुकला में गुजराती शैली का भी कुछ प्रभाव दिखाई देता है।

पर्यटन

गेटवे ऑफ इंडिया मुम्बई का एक प्रमुख पर्यटनस्थल है और स्थानीय लोगों, विक्रेताओं और फोटोग्राफरों के लिए लोकप्रिय जगह है। इसके प्रवेश द्वार के पास ही पर्यटकों के समुद्र में सैर करने के लिए नौका सेवा भी उपलब्ध है। गेटवे ऑफ इंडिया विशाल अरब सागर की ओर बनाया गया है, जो मुम्‍बई शहर के एक अन्‍य आकर्षण मरीन ड्राइव से जुड़ा है। यह स्थान पर्यटकों के देखने के लिए रात में ज्यादा अच्छा होता है, क्योंकि यहाँ पर रात को इसे रंगीन-बिरंगी लाईटों से जगमगाया जाता है।