आरती श्री गणेशजी की

0
42

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा |
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा || (x2)

एक दन्त दयावंत, चार भुजाधारी |
माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी ||

पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा |
लड्डून का भोग लगे, संत करें सेवा ||

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा |
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा || (x2)

अन्धेन को आँख देत, कोढ़िन को काया |
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया || (x2)

सूर श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा |
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ||

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा |
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा || (x2)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here