सौंफ

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सौंफ का वैज्ञाानिक नाम फाॅनिकुलम वल्गेर (Foeniculum vulgare) है। सौंफ में वायुनाशी, एंटी-स्पास्मोडिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, रोगाणुरोधी, कफ निस्सारक, मूत्रवर्धक, एंटी-कार्सिनोजेनिक, एंटी-आॅक्सिडेंट आदि औषधीय गुण पाए जाते हैं। सौंफ में विटामिन C, पोटेशियम, मैंगनीज, लोहा, फाॅलेट और फाइबर मौजूद हैं। सौंफ एक माउथ फ्रेशनर (Mouth Freshener) के रूप में भी लोकप्रिय है।

सौंफ के फायदे

  1. खाना खाने के बाद सौंफ का सेवन करने से मुंह की दुर्गन्ध दूर हो जाती है।
  2. भोजन करने के बाद एक चम्मच सौंफ को चबाने से पाचन शक्ति में सुधार होता है।
  3. सौंफ एक मूत्रवर्धक के रूप में भी कार्य करता है। सौंफ की चाय का नियमित सेवन करने से शरीर के अतिरिक्त तरल पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।
  4. ताजा सौंफ के बीज एक प्राकृतिक वसा नाशक के रूप में कार्य करते है। सौंफ का सेवन करने से भूख कम लगती है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और हम ज्यादा भोजन करने से बच जाते हैं।
  5. सौंफ का सेवन करने से कोलोन कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है, क्योंकि सौंफ बृहदान्त्र से कैंसरजनित विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद करता है।
  6. सौंफ में फ्योटोस्ट्रोजन (phytoestrogens) भी शामिल हैं, जो पूर्व-मासिक सिंड्रोम, रजोनिवृत्ति संबंधी विकार और स्तन वृद्धि जैसी समस्याओं से लड़ने में महिलाओं की सहायता करते हैं।
  7. सौंफ में कफ को दूर करने वाले गुण पाए जाते हैं, जो सर्दी, खांसी, फ्लू और साइनस कंजेशन (Sinus congestion) जैसे श्वसन तंत्र में संक्रमण से राहत दिलाते हैं।
  8. सौंफ पोटेशियम का अच्छा स्त्रोत है, जो उच्च रक्तचाप के साथ-साथ फोलेट को भी कम करने में मदद करता है।
  9. सौंफ का सेवन करने से दिल का दौरा या स्ट्रोक होने का खतरा कम हो जाता है।
  10. सौंफ का रस वेसोडाइलेटर (Vasodilator) के रूप में कार्य करता है और मस्तिष्क में आॅक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ाता है।

सौंफ के नुकसान

  1. सौंफ के बीज फोटोडर्माटिटिस (Fotodermatitis) का कारण बन सकते हैं, जिससे आपकी त्वचा पर सूर्य की किरणों के संपर्क में आने से रेशैस हो जाता है।
  2. सौंफ का सेवन करने से छींक एवं पेट दर्द जैसे एलर्जिक लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है।
  3. स्तन-पान करा रही महिलाओं को सौंफ का सेवन नहीं करना चाहिए।

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