दुनिया की सबसे ऊंची भगवान राम की प्रतिमा अयोध्या में सरयू तट पर लगेगी

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विश्व हिंदू परिषद की प्रस्तावित धर्मसभा में राम मंदिर निर्माण की तारीख पर संतों के मंथन के पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मूर्ति पर अंतिम मंथन शुरू कर दिया है। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में हुए प्रस्तुतीकरण में तय किया गया है कि अयोध्या में भगवान राम की 221 मीटर ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी। दुनिया की यह सबसे ऊंची प्रतिमा होगी।

कुल 5 आर्किटेक्चर फर्मों ने अपनी कार्य योजना रखी है। प्रस्तावित प्रतिमा की ऊंचाई 151 मीटर होगी। 50 मीटर का उसका चबूतरा होगा। वहीं 20 मीटर का प्रतिमा का छत्र होगा। इस प्रकार प्रतिमा की कुल ऊंचाई 221 मीटर होगी। फिलहाल दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा गुजरात में बनी 182 मीटर की सरदार बल्लभ भाई पटेल की है। इसको बनाने वाले कलाकार राम सुतार भी प्रस्तुतीकरण के दौरान मौजूद थे।

इक्ष्वाकु वंश का पूरा इतिहास चबूतरा में दिखेगा

बताया गया कि मूर्ति के 50 मीटर ऊंचे चबूतरे के भीतर ही भव्य व अत्याधुनिक म्यूजियम बनाए जाने की योजना है। प्रतिमा के 50 मीटर के चबूतरा को म्यूजियम सहित अन्य जनसुविधाओं के लिए उपयोग किया जाएगा। भगवान राम ‘इक्ष्वाकु वंश’ में पैदा हुए थे। म्यूजियम में इक्ष्वाकु वंश की पूरी वंशावली, उनकी विशिष्टताओं का पूरा विवरण दिखेगा। इसमें राजा मनु से लेकर वर्तमान में राम जन्मभूमि का इतिहास, भगवान विष्णु के दशावतारों का भी पूरा चित्रण शामिल है। इसके लिए थ्री डी टेक्नोलॉजी, आडियो-विजुअल की आधुनिक तकनीक सहित अन्य माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही रेस्ट रूम, टिकट काउंटर सहित अन्य सुविधाएं भी पेडेस्टल में विकसित की जाएंगी।

भव्य राम मूर्ति कैसी होगी

  • भगवान राम की मूर्ति 151 मीटर ऊंची होगी।
  • मूर्ति के ऊपर 20 मीटर ऊंचा छत्र होगा।
  • नीचे 50 मीटर का चबूतरा होगा।
  • इस तरह मूर्ति की कुल ऊंचाई 221 मीटर संभावित है।
  • भगवान राम की मूर्ति कांस्य की होगी।
  • 250 एकड़ से अधिक भूमि पर होगा इस योजना का विकास।

कई राष्ट्रों के पर्यटन भवन मूर्ति के आसपास बनेंगे

भगवान राम की मूर्ति के आसपास सुंदरीकरण के अलावा कई राष्ट्रों के पर्यटन भवन बनवाने व अन्य निर्माण कार्य कराने की भी योजना है। सरयू तट पर लगने वाली इस प्रतिमा के लिए भूमि चयन के लिए सॉइल टेस्टिंग (Soil Testing) सहित अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने का काम शुरू हो चुका है। प्रस्तुतीकरण के दौरान अपर मुख्य सचिव पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी भी मौजूद थे। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने 2017 में ही इस प्रस्‍ताव की घोषणा की थी, लेकिन यह पहली बार है जब राज्‍य सरकार ने इसका विवरण साझा किया है।