दिवाली मतलब दियों का त्यौहार। हम सब जानते हैं कि जब भगवान रामजी अपनी नगरी अयोध्या लौटे थे तो अयोध्या के लोगों ने दीपक (दिये) जलाकर दिवाली मनायी थी। लेकिन दिवाली का रूप धीरे-धीरे बदल रहा है। आजकल हम आतिशबाजी और धुएं से सारा वातावरण दूषित कर रहे हैं और अपनी सेहत को भी ख़राब कर रहे हैं।

‘दिवाली’ के विषय पर आधारित स्लोगन निम्नलिखित हैं।

स्लोगन.1

दिवाली का जश्न मनाएं, पर्यावरण सुरक्षित बनाएं।

स्लोगन.2

हवा और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए सुरक्षित दिवाली मनाएं।

स्लोगन.3

जब हो प्रदूषण मुक्त दीवाली, लायें हर जगह खुशहाली।

स्लोगन.4

जब दियों से हो सकता है उजियारा, तो क्यों ले हम पटाकों का सहारा।

स्लोगन.5

सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाएं प्रकृति को सुन्दर बनाए।

स्लोगन.6

इस दिवाली पटाखे नहीं पेड़ लगाओ।

स्लोगन.7

चिड़िया हमें हसाएं रे, बरखा हम सब को भायें रे, सारा जग हरा-भरा हो जायें रे, प्रदुषण मुक्त दिवाली मनाकर आओ कुदरत को बचाएं रे।

स्लोगन.8

चलो सोना और फूल के साथ घर भरें, विस्फोटक और धुएं से नहीं।

स्लोगन.9

इस दीवाली पर अपने अहंकार के पटाखों को जलाएं।

स्लोगन.10

हम सब ने मिलकर ठाना है, पटाके नहीं जलाना है, प्रकृति को बचाना हैं, दिल से दिल को मिलाना है, इस साल हमको फ्रेंडली दिवाली मनाना है।