दिन में सपने | Din mein Sapne in Hindi

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एक गाँव में एक लड़की अपनी माँ के साथ रहती थी। वो लड़की मन की बहुत चंचल थी और अक्सर सपनों में खो जाया करती थी। एक दिन वो लड़की दूध से भरा वर्तन लेकर शहर जाने की सोच रही थी। उसने अपनी माँ से पूछा- “माँ, मैं शहर जा रही हूँ, क्या आपको कुछ मंगवाना है।” उसकी माँ ने कहा- “मुझे कुछ नहीं चाहिए, हां यह दूध बेचकर जो पैसे मिलें, उनसे तुम अपने लिए चाहो तो कुछ ले लेना।”

वो लड़की शहर की ओर चल पड़ी। चलते-चलते वो फिर सपनों में खो गई।  उसने सोचा कि ये दूध बेचकर भला मुझे क्या फ़ायदा होगा? ज्यादा पैसे तो मिलेंगे नहीं, तो मैं ऐसा क्या करूं कि ज्यादा पैसे कमा सकूं। इतने में ही उसे ख्याल आया कि दूध बेचकर जो पैसे मिलेंगे, उससे वो मुर्गियां खरीद सकती है, वो फिर सपनों मर खो गई। दूध बेचकर मुझे पैसे मिलेंगे तो मैं मुर्गियां खरीद लूंगी, वो मुर्गियां रोज अंडे देंगी, इन अंडों को मैं बाजार में फिर बेचकर काफ़ी पैसे कमा सकती हूँ।

उन पैसों से मैं और मुर्गियां खरीदूंगी, फिर उनके चूजे निकलेंगे, उनसे और अंडे मिलेंगे। इस तरह तो मैं खूब पैसा कमाऊंगी लेकिन फिर इतने पैसों का मैं करूंगी क्या? हां, मैं उन पैसों से एक नई ड्रेस और टोपी खरीदूंगी। जब मैं यह ड्रेस और टोपी पहनकर बाहर निकलूंगी तो सारे शहर के लड़के मुझे ही देखेंगे। सब मुझसे दोस्ती करना चाहेंगे, पास आकर हाय-हैलो बोलेंगे। मैं भी इतराकर उनसे बात करूंगी, बड़ा मज़ा आएगा लेकिन यह देखकर बाकी की सब लडकियाँ तो मुझसे जलने लगेंगी, उन्हें जलता देख मुझे बड़ा मज़ा आएगा।

मैं उन्हें घूरकर देखूंगी और अपनी गर्दन इस तरह से स्टाइल में झटककर आगे बढ़ जाऊँगी। यह कहते ही उस लड़की ने अपनी गर्दन को जोर से झटका और गर्दन झटकते ही उसे सामने रखे एक पत्थर से ठोकर लग गई और दूध से भरा बर्तन उसने सिर पर रखा था, नीचे गिरकर बर्तन फूट गया। यह देख वो सदमे में आ गई और उसकी तमन्ना टूट गई। निराश होकर वो गाँव लौटी, उसने अपनी माँ से माफ़ी मांगी कि उसने सारा दूध गिरा दिया।

यह सुनकर उसकी माँ ने कहा- “दूध के गिरने की चिंता छोड़ो लेकिन एक बात हमेशा याद रखो कि जब तक अंडे न फूट जाएं, तब तक चूजे गिनने से कोई फायदा नहीं है।” माँ की हिदायत और इशारा दोनों उसको समझ में आ गया। उसकी माँ यही कहना चाहती थी कि जब हाथ में कुछ नहीं हो तब तक उसके बारे में यूं ख्याल नहीं करना चाहिए।

कहानी से सीख

ख्याली पुलाव पकाने ने से कोई फायदा नहीं, दिन में सपने देखकर उनमें खोने से कुछ नहीं होगा। अगर सच में कुछ हासिल करना है, तो हकीकत में मेहनत करो।