डिजिटल इंडिया | Digital India in Hindi

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डिजिटल इंडिया योजना का शुभारंभ 2 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया। यह एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके लिए सरकार ने 1,13,000 करोड़ का बजट रखा है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत 2.5 लाख पंचायतों समेत छः लाख गांवों को Broadband से जोड़ने का लक्ष्य है और सरकार की योजना 2017 तक यह लक्ष्य पाने की है। अब तक इस योजना के तहत 55 हजार पंचायतें जोड़ी गई हैं।

सुशासन और अधिक नौकरियों के लिए भारत को एक डिजिटल बिस्तार देना इसका लक्ष्य है। किसी भी दूसरे देश से ज्यादा वृद्धि और अच्छे भविष्य के लिए भारत में डिजिटलीकरण की बहुत जरूरत है। डिजिटल इंडिया सरकारी विभागों एवं भारत के लोगों को एक दूसरे के पास लाने की भारत सरकार की एक पहल है। यह प्रधानमंत्री की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है।

डिजिटल इंडिया एक प्रभावशाली मंच है, जो “चर्चा, कार्य करना, और वितरण” जैसे विभिन्न दृष्टिकोण के द्वारा शासन प्रणाली में लोगों को शामिल कर सकता है। डिजिटल इंडिया योजना के अन्तर्गत आप कहीं से भी अपने दस्तावेज और प्रमाणपत्र को आॅनलाइन जमा कर सकते हैं, जिससे शारीरिक कार्य में कटौती और समय की बचत होगी।

ई-हस्ताक्षर संरचना की मदद से आप अपने दस्तावेजों को आॅनलाइन हस्ताक्षरित कर सकते हैं। ई-अस्पताल के माध्यम से महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं जैसे आॅनलाईन रजिस्ट्रेशन, डाॅक्टर से परामर्श का वक्त, फीस जमा करना, आॅनलाईन symptoms की जाँच करना, खून की जाँच करना आदि को आसान बना सकता है।

पूरे देश में BSNL के द्वारा बड़े पैमाने पर वाई-फाई हाॅटस्पाॅट को फैलाने की योजना बनायी गयी है। इस योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बिना कागजी इस्तेमाल के सरकारी सेवाएं electronic रूप से जनता तक पहुँच सकें और ग्रामीण इलाकों को high speed internet से जोड़ा जा सके। सरकार का मानना है कि ऐसा करने से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और लालफीताशाही (red tapism) खत्म होगी।