डायरिया | Diarrhea in Hindi

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पतला दस्त आना या बिना मरोड के मल का बार-बार आना दस्त, अतिसार या डायरिया कहलाता है। यह एक आम रोग है जो बच्चों, जवानों और बूढों किसी को भी हो सकता है। एस रोग में शारीर में पानी और खनिज लवण की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है।

मुख्य लक्षण

  • दिन में तीन से अधिक बार पानी के साथ पतला दस्त होना।
  • दस्त के साथ खून और आंव आना।
  • मुंह सूखना, बेचैनी और थकान होना।
  • गाड़े रंग का मूत्र आना।
  • गले तथा आखों में सूखापन होना।

मुख्य कारण

डायरिया मुख्यता दूषित पानी के सेवन से होता है। इसके अलावा यह निम्नलिखित कारणों से भी हो सकता है।

  • वायरल इन्फेक्शन होना।
  • पेट में बैक्टीरिया का संक्रमण होना।
  • शरीर में पानी की कमी होना।
  • पाचन तंत्र या शक्ति का कमजोर होना।

डायरिया से बचाव

  • गंदा व बासी पानी न पीयें
  • तली, बासी और मिर्च-मसालेदार चीजों का ना सेवन करें।
  • चाय, कॉफी, ढूध और शराब का अधिक सेवन ना करें।
  • फ्रिज में रखे हुए खाने को बाहर निकाल कर तुरंत ना खाएं।
  • हाथ और परौं की उँगलियों के नाखून ना बढाएं अन्यथा उनमें मैल जमा हो सकता है।
  • घर में साफ-सफाई रखें ताकि खाना और पानी दूषित ना हो।

घरेलू उपचार

दवा के अलावा डायरिया से बचने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे भी अपना सकते हैं। कुछ आसान और कारगर घरेलू नुस्ख़े निम्नलिखित हैं।

  • अदरक: अदरक को कद्दूकस करके इसमें शहद मिलाकर खाएं और इसके तुरंत बाद पानी पी लें।
  • मेथी दाना: एक चम्मच मेथी दाना और एक चम्मच जीरा को भुनकर पाउडर बना लें और दो चम्मच दही में मिलाकर खाएं। इसको दिन में दो से तीन बार खाएं।
  • सेब का सिरका: सेब के सिरके में एसिडिक गुण होता है जिससे डायरिया का बैक्टीरिया खत्म हो जाता है। इसलिए उपचार हेतु एक गिलास पानी में एक चम्मच सिरका मिलाकर पी लें। इस मिश्रण को आप दिन में दो से तीन बार पी सकते हैं।
  • केला: केले में पेक्टिन और पोटाशियम काफी मात्रा में पाया जाता है यह डायरिया को कम करने में मदद करता है। इसलिए दो से तीन केले नियमित रूप से रोज खाएं।
  • गाजर: डायरिया में गाजर का सूप पिने से शरीर की इम्युनिटी बढती है और पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है। सूप बनाने के लिए गाजर को काटकर पानी में उबालें, जब गाजर पानी में घुल जाए तो पानी को छानकर अलग करके इसमे नमक, भुना जीरा और काली मिर्च पाउडर मिलाएं। एस सूप को दिन में दो बार पी सकते हैं।
  • चावल: डायरिया में सफेद गीले चावल का सेवन करने से आतों की गति कम होती है जिससे दस्त कम होता है। इसलिए सफेद चावल को गीले करके खाएं।