मधुमेह (शुगर)

0
24

मधुमेह एक गंभीर रोग है। इसे आम बोलचाल की भाषा में शुगर की बीमारी भी कहतें हैं। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के रक्त में शर्करा (शुगर) का स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है। इसको इस प्रकार से समझा जा सकता है; हम जो खाना खाते हैं, वह हमारे शरीर में ग्लूकोज में परिवर्तित हो जाता है। यह ग्लूकोज हमारे शरीर के लिए ईंधन की तरह काम करता है। हमारे शरीर में मौजूद अग्नाशय (पैंक्रियास) इन्सुलिन बनाता है। यह इन्सुलिन ग्लूकोस को कोशिकाओं तक ले जाता है, जहां इसका ईंधन की तरह इस्तेमाल होता है और हमारी कोशिकाओं को उर्जा मिलती है। मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति में या तो इन्सुलिन बहुत कम मात्रा में बनता है या फिर बनता ही नही। जिसकी वजह से ग्लूकोज पूरी तरह से उर्जा में परिवर्तित नही हो पाता और रक्त और यूरिन में मिलना शुरु हो जाता है, जिससे मधुमेह हो जाता है।

मुख्य लक्ष्ण

  • भूख, प्यास अधिक लगना और बार-बार पेशाब आना।
  • वजन कम होना और थकान महसूस होना।
  • हाथ और पैरों में झनझनाहट महसूस होना।
  • मसूड़ों में सूजन होना और कभी-कभी धुंधला दिखाई देना।
  • चोट या जख्मों का जल्दी ना भरना।
  • त्वचा में रुखापन और शरीर में सूजन आना।

मुख्य कारण

  • मोटापा; सामान्य से अधिक वजन होना।
  • गर्भावस्था में रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाना।
  • उच्च रक्तचाप होना और शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना।
  • जीवन में मानसिक तनाव और अवसाद होना।
  • धूम्रपान, शराब की लत होना और शारीरक श्रम ना करना।
  • ज्यादा मीठे आहर का सेवन करना।
  • अनुवांशिक (जेनेटिक) प्रभाव से भी मधुमेह हो सकता है।

मधुमेह से बचाव

  • अपने जीवन में साकारात्मक बदलाव कीजिए, जैसे कि नियमित रूप से व्यायाम करना, खाना खाने के बाद टहलना आदि।
  • कम संतृप्त वसा (saturated fat)वाले आहार का सेवन करें।
  • ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज का अधिक सेवन करें।
  • धूम्रपान ना करें और ज्यादा शराब पीने से भी बचें।
  • पर्याप्त नींद लीजिये; कम से कम 7 से 8 घंटे जरुर सोएं।
  • अपने स्वास्थ्य की नियमित रूप से जांच कराते रहें।

घरेलू उपचार

दवा के अलावा कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर भी मधुमेह का उपचार किया जा सकता है। कुछ आसान एवं कारगर घरेलू उपचार निम्नलिखित हैं।

  • करेला: करेले के जूस का सुबह खाली पेट नियमित रूप से सेवन करें। इसके अलावा करेले को अपने आहार में भी शामिल करें।
  • तुलसी: तुलसी के पत्तों के रस का एक चम्मच सुबह खाली पेट पीएं।
  • अलसी: रोज़ सुबह खाली पेट अलसी के चूर्ण का गरम पानी के साथ सेवन करें।
  • दालचीनी: अपने आहर में दालचीनी शामिल कीजिये। लगभग एक महीने के लिए कम से कम 1 ग्राम दालचीनी अपने आहार में शामिल करें।
  • नीम: नीम की ताजी पत्तियों का रस एक से आधा गिलास रोज़ सुबह खाली पेट पीयें।
  • अमलतास: अमलतास की पत्तियों को धोकर उनका रस निकाल लें। इस रस का आधा गिलास रोज़ सुबह खाली पेट पियें।
  • मेथी दाना: दो चम्मच मेथी दाने को रात को पानी में भिगोकर रख दें। सुबह खाली पेट इन बीजों को खा लें। मेथी दाने के पाउडर को सुबह खाली पेट दो चम्मच पानी के साथ भी ले सकतें हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here