ध्यान चंद पुरस्कार | Dhyan Chand Award

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ध्यानचंद पुरस्कार खेल की दुनिया में दिया जाने वाला सबसे बड़ा भारतीय पुरस्कार है, जो किसी खिलाडी के जीवनभर के कार्यों को सम्मानित करते हुए दिया जाता है। ध्यानचंद पुरस्कार भारत का सर्वोत्त्म खेल पुरस्कार है। इस पुरस्कार का नाम भारत के एक मशहूर हॉकी के खिलाडी ‘ध्यानचंद सिंह’ के नाम पर रखा गया है। ध्यानचंद सिंह एक मशहूर हॉकी खिलाडी थे, जिन्होंने अपने 20 वर्ष के करियर में 1926 से 1948 तक कुल 1000 गोल्स किए थे।

यह पुरस्कार खेल एवं युवा मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा हर साल दिया जाता है। ध्यानचंद पुरस्कार किस खिलाडी को दिया जाएगा, इसका चुनाव मंत्रालय द्वारा गठित समिति के द्वारा किया जाता है। खिलाड़ियों को उनके करियर के दौरान और रिटायरमेंट के बाद के योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया जाता है। 2016 तक, इस पुरस्कार में एक प्रतिमा, एक प्रमाण पत्र, औपचारिक पोशाक, और 5 लाख रूपये का नकद पुरस्कार शामिल था।

इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2002 में हुई थी। यह पुरस्कार केवल ओलंपिक खेलों, पैरालाम्पिक खेलों, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व चैम्पियनशिप और विश्व कप क्रिकेट, स्वदेशी खेलों और पैरास्पोर्ट्स जैसे खेलों में शामिल विषयों के लिए दिया जाता है। किसी वर्ष के लिए नामांकन 30 अप्रैल तक या अप्रैल के अंतिम कार्य दिवस तक स्वीकार किए जाते हैं। 9 सदस्यीय समिति नामांकन किए गए खिलाडियों में से कुछ खिलाडियों को चुनती है और बाद में उनके नाम खेल एवं युवा मंत्रालय, भारत सरकार को सौंप देती है।

ध्यानचंद पुरस्कार के पहले प्राप्तकर्ता ‘शाहरुराज बिरजादार’ थे जो एक मुक्केबाजी थे, फिर अशोक दीवान जो हॉकी के खिलाडी थे, और अपर्णा घोष जो एक बास्केटबॉल खिलाडी थी, इन सभी को यह पुरस्कार वर्ष 2002 में मिला था। आमतौर पर ध्यानचंद पुरस्कार एक वर्ष में तीन से अधिक खिलाड़ियों को नहीं दिया जाता। इस पुरस्कार को हाल ही में भूपेंद्र सिंह जो एक एथलीट हैं, सैयद शाहिद हाकिम जो एक फुटबॉलर हैं, और सुमारी तेते जो हॉकी की खिलाडी हैं, इन सभी को ध्यानचंद पुरस्कार दिया गया है।

नामांकन

ध्यानचंद पुरस्कार के लिए नामांकन सभी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल संघों द्वारा दिया जाता है, किसी भी खेल के लिए ज्यादा से ज्यादा 2 लोगों को नामांकित किया जा सकता है। यह नामांकन अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड, सेना खेल नियंत्रण बोर्ड, रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड, भारतीय नौसेना के खेल नियंत्रण बोर्ड, वायु सेना खेल नियंत्रण बोर्ड, पेट्रोलियम खेल संवर्धन बोर्ड, एयर इंडिया स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड, सेल स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड, भारतीय ओलंपिक संघ, खेल प्राधिकरण, खेल संवर्धन और नियंत्रण बोर्ड, और क्रिकट के मामले में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड नामांकन देता है, क्योंकि क्रिकट के लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कोई राष्ट्रीय खेल संघ नहीं है।

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और ध्यान चंद अवॉर्ड के पिछले पुरस्कार प्राप्तकर्ता भी एक खिलाड़ी का नामांकन कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें स्वयं सम्मानित किया गया। अगर किसी ने काबिल खिलाडियों का नामांकन नहीं किया है, योग्य मामलों में सरकार 2 खिलाडियों का नामांकन कर सकती है। किसी वर्ष के लिए नामांकन 30 अप्रैल तक या अप्रैल के आखिरी कार्य दिवस तक स्वीकार किए जाते हैं।