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देव

हिन्दू धर्म जैसे सनातन धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म, सिख धर्म आदि हिन्दुओं के पूजा करने के स्थान को मन्दिर कहा जाता है। मन्दिर पूजा-अर्चना करने के लिए निश्चित की गई जगह या स्थान होता है।

माँ कालरात्रि का रूप भयंकर होने के बावजूद भी ग्रह-बाधा दूर करने वाली और शुभ फल देने वाली देवी है। माँ कालरात्रि बुरे विचारों और राक्षसी प्रवृतियों का विनाश कर श्रद्धालुओं को क्षमा प्रदान करती है।  माँ कालरात्रि की नवरात्र के सातवें दिन पूजा की जाती है, ग्रहों द्वारा...
माँ कात्यायनी की पूजा करने वाले श्रृद्धालु बड़ी आसानी से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों को प्राप्त कर लेते हैं। माँ कात्यायनी अलौकिकता के गुप्त रहस्यों का प्रतीक हैं। मनुष्य का भाग्य उसके आंतरिक अद्रश्म जगत से संचालित होता है। वह जगत जो अद्रश्य है, हमारी इन्द्रियां...
मोक्ष प्रदाता माँ स्कंदमाता का यह रूप पुरानी मान्यता के अनुसार इच्छा, ज्ञान और क्रियाशक्ति का समागम है। जब ब्रह्माण्ड में व्याप्त शिव तत्व का मिलन त्रिशक्ति के साथ होता है, तो स्कन्द का जन्म होता है। माँ स्कंदमाता की नवरात्र के पांचवे दिन पूजा-अर्चना करने से श्रद्धालु अपने व्यावहारिक...
प्राणशक्ति देवी माँ कूष्मांडा का सूर्यलोक में निवास है और उस लोक में रहने की शक्ति केवल माँ कूष्मांडा में ही है। उनके स्वरूप का तेज और कांति सूर्य के बराबर है। नवरात्र के चौथे दिन पवित्र मन से माँ कूष्मांडा की पूजा-अर्चना करके श्रद्धालु अपने अन्दर की प्राणशक्ति...
माँ चंद्रघंटा साहस और शक्ति की देवी हैं, माँ अपने सच्चे श्रद्धालुओं को बहुत जल्दी लाभ प्रदान करती हैं और दु:खों को तुरंत दूर करती हैं। इनकी पूजा-अर्चना से विनम्रता का विकास होता है। देवी चंद्रघंटा मन के बुरे विचारों को अच्छे विचारों में परिवर्तित कर श्रद्धालुओं के भाग्य का...
नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालु ध्यान लगाकर माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा करते हैं। देवी ब्रह्मचारिणी तप की शक्ति का प्रतिक हैं। माँ का यह स्वरूप भक्तों को अनंत फल देता है। सर्वव्यापी ब्रह्मांडीय चेतना का स्वरूप, माँ ब्रह्मचारिणी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करती हैं। ब्रह्म का अर्थ वह परम चेतना...
माँ दुर्गा का पहला रूप ही शैलपुत्री है, पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है, शैलपुत्री की पूजा नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ की जाती है।   माँ दुर्गा के पहले स्वरूप को शास्त्रों के अनुसार ‘शैलपुत्री’ कहा गया है। शैलपुत्री माता...

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