डेंगू | Dengue in Hindi

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डेंगू एक वायरल रोग है जो संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर ज्यादातर दिन में काटते हैं। डेंगू के लक्षण मच्छर के काटने के 5 से 15 दिनों के बाद दिखाई देने लगते हैं। यह एक जानलेवा रोग है इसलिए अगर आपको डेंगू का कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

मुख्य लक्षण

  • थकान, कमजोरी महसूस होना और चक्कर आना।
  • उल्टी आना और बहुत तेज बुखार होना।
  • शरीर पर लाल दाने निकल आना।
  • प्लेटलेट्स की कमी हो जाना।
  • सर, कमर और जोड़ों में दर्द रहना।
  • रक्तचाप असमान्य या कम हो जाना।
  • नाक, दातों या मसूड़ों से खून बहना।

मुख्य कारण

डेंगू संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से ही होता है इसके अलावा इसका कोई अन्य कारण नही पाया गया है।

डेंगू के मच्छर (मादा एडीज एजिप्टी) की पहचान

  • यह रात की बजाय दिन में ज्यादा सक्रीय होते हैं।
  • शरीर के ऊपर चीते जैसी धारियां होती हैं।
  • यह ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड़ सकते।
  • इसका लार्वा जमा हुए साफ पानी में ही पनपता है।
  • ठंडी और छांवदार जगह में रहना पसंद करतें हैं।
  • पानी सूख जाने बाद भी इनके अंडे 10 से 12 महीनों तक जिंदा रह सकते हैं।

डेंगू से बचाव

  • घर में या घर के आस-पास पानी जमा ना होने दें।
  • कूलर का पानी रोज़ या दो तीन दिन में बदल लें।
  • पंछियों के खाने-पीने के बर्तनों को रोज साफ करें।
  • पार्क जैसी खुली जगह में पूरे कपड़े पहनकर जाएं।
  • खुले में सोना है तो मच्छरदानी लगाकर सोएं।
  • मच्छर विरोधी उपकरणों और क्रीम का इस्तेमाल करें।

घरेलू उपचार

दवा के अलावा कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर भी डेंगू को कम या पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। कुछ आसान एवं कारगर घरेलू उपचार निम्नलिखित हैं।

  • धनिया: धनिया के पत्तों का रस निकालकर नियमित रूप से दिन में तीन से चार बार पीयें। इसको पीने से बुखार कम हो सकता है।
  • तुलसी: तुलसी के पत्तों को गरम पानी में ऊबाल लें। इस पेय का एक कप दिन में तीन से चार बार पीयें।
  • पपीते के पत्ते: पपीते के पत्तों का जूस निकालकर एक से दो चम्मच दिन में तीन से चार बार पीयें। इन पत्तों को कूटकर भी खाया जा सकता है। इसके सेवन से पाचन शक्ति बढती है और प्लेटलेट की संख्या में भी सुधार होता है।
  • बकरी का दूध: बकरी का एक गिलास कच्चा दूध दिन में दो से तीन बार पीयें। यह प्लेटलेट की संख्या बढाता है और शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी नहीं होने देता।
  • गिलोय: गिलोय के कुछ तनों को तुलसी के पत्तों के साथ पानी में ऊबाल लें। एस मिश्रण को दिन में तीन से चार बार पीएं।
  • मेथी के पत्ते: मेथी के पत्तों को पानी में भिगोकर रख दें। कुछ देर बाद पानी को छानकर पी लें। मेथी पाउडर को पानी में मिलाकर भी पी सकतें हैं या फिर मेथी के पत्तों को पानी में ऊबालकर हर्बल चाय की तरह भी पीया जा सकता है।
  • फलों का रस: कुछ खास फल जैसे कि अनार, संतरा और काले अंगूर के जूस का सेवन भी डेंगू को कम करता है।