दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना | Deendayal Upadhyaya Gram Jyoti Yojana in Hindi

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भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और गैर-कृषि उपभोक्ताओं को उचित तरीके से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से इस योजना का शुभारंभ 20 नवंबर 2014 को किया गया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया। इस योजना का नाम भारत के महान राजनेता, दर्शनशास्त्री श्री दीन दयाल उपाध्याय जी के नाम पर रखा गया है।

इस योजना के अंतर्गत देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली उपलब्ध की जायेगी। मोदी जी ने अपने इस प्रोजेक्ट के लिए बिहार के पटना शहर को चुना है। सरकार ने 1000 दिनों के अंदर 1 मई, 2018 तक 18,452 विद्युत रहित गांवोंका विद्युतीकरण करने का फैसला लिया गया है। मौसम की अनिश्चिता के कारण आज देश के लाखों किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए कृत्रिम साधनों जैसे बोरवेल, पंप आदि पर निर्भर हैं। इन सभी साधनों में बिजली की खपत अधिक मात्रा में होती है।

इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों मे कृषि और गैर-कृषि फीडर सुविधाओं को अलग-अलग किया जायेगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण प्रणाली को मजबूत किया जायेगा, जिसमें वितरण ट्रांसफार्मर, फीडर और उपभोक्ताओं के लिए मीटर लगाना शामिल होगा। योजना के अंतर्गत दोनों घटकों की कुल अनुमानित लागत 43,033 करोड़ रूपये है, जिसमें पूरे क्रियान्वयन अवधि के लिए भारत सरकार द्वारा 33,453 करोड़ रूपये की बजट सहायता भी शामिल है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत वितरण की अवधि में सुधार होगा। इसके साथ-साथ अधिक मांग के समय में लोड़ की कमी, उपभोक्ताओं को मीटर के अनुसार खपत पर आधारित बिजली बिल में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की ज्यादा सुविधा दी जा सकेगी।

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से पहले इस तरह की एक योजना गुजरात में पहले से ही चल रही है। यह योजना मुख्यतः उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बनाई गई है, जहाँ गाँव में रहने वाले लोगों के घरों में बिजली की सुविधा नहीं होती है। DDUGJY को कांग्रेस द्वारा शुरू की गई “राजीव गाँधी विद्युतीकरण योजना” से जोड़ दिया गया है। यह योजना विद्युत मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है और बिजली की 24X7 आपूर्ति की सुविधा को सुगम बनायेगी।