दार्जिलिंग | Darjeeling in Hindi

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दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल का एक मनोरंजक पर्वतीय स्थल है। दार्जिलिंग शहर की यात्रा न्यू जलपाईगुड़ी शहर से शुरू होती है। यह शहर 2134 मीटर की उंचाई पर कंचनजंघा पर्वत श्रेणी की गोद में बसा होने के साथ-साथ 3149 वर्ग कि.मी. के क्षेत्र में फैला हुआ है। दार्जिलिंग शहर त्रिभुजाकार है। इसका उत्तरी भाग नेपाल और सिक्किम से सटा हुआ है। दार्जिलिंग की सड़कों पर घूमते हुए औपनिवेशिक काल की बनीं कई इमारतें भी देखी जा सकती हैं। यहां की यात्रा का एक खास आकर्षण हरे-भरे चाय के बागान हैं। दार्जिलिंग विश्व स्तर पर यहां की दार्जिलिंग चाय के लिए दुनिया भर में विख्यात है। यहां चाय की खेती सन् 1800 के मध्य में शुरू की गई थी।

दार्जिलिंग से 11 कि.मी. दूर और 2590 मीटर की ऊँचाई पर स्थित एक दर्शनीय स्थल है, जो ‘टाइगर हिल’ के नाम से जाना जाता है। बर्फ से ढ़के हुए पहाड़ तथा सूर्योदय का नजारा बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। यहां से आप जानू, मकालू, और काबरू आदि विश्व विख्यात चोटियों को भी देख सकते हैं।

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे

Darjeeling Himalayan Railway

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे युनेस्को विश्व घरोहर स्थल है, इसे 1999 में विश्व घरोहर स्थल के रूप में शामिल किया गया था। यह भाप द्वारा संचालित इंजन भारत में बहुत ही कम देखने को मिलता है। यह ट्रेन दार्जिलिंग के विख्यात हिल स्टेशन की संुदर रमणीय वादियों की सैर कराती है। छोटी लाइन की पटरियों पर दार्जिलिंग से न्यू जलपाईगुड़ी जाते समय रास्ते में पड़ने वाले गांव, जंगल, चाय के बागान और नदियां आदि का मनोरम प्रकृतिक वातावरण दिल को जीत लेता है। इसके अलावा दार्जिलिंग अपने प्राकृतिक सौंदर्य, चाय बागानों, उद्यानों, मठों और मंदिरों के लिए दुनिया भर में विख्यात है। यहां शरद ऋतु में यानि अक्टूबर से मार्च तक अत्यधिक ठण्ड रहती है और ग्रीष्म ऋतु मे यानि अप्रैल से जून तक मौसम में हल्का सा ठण्ड़ापन होता है। जून से सितम्बर के बीच यहां बारिश होती है। ग्रीष्मकाल में ही यहां अधिकांश पर्यटक आना पसंद करते हैं।

दार्जिलिंग कैसे जाएं

पश्चिम बंगाल राज्य में न्यू जलपाईगुड़ी शहर रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। रेल मार्ग द्वारा दिल्ली से न्यू जलपाईगुड़ी की दूरी लगभग 1417 कि.मी. है और सड़क मार्ग द्वारा दिल्ली से न्यू जलपाईगुड़ी की दूरी लगभग 1530 कि.मी. है। दार्जिलिंग घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का महीना सबसे उपयुक्त है।