“कभी-कभी चुप रहना सबसे अच्छा जवाब होता है।”
“अगर आप किसी विशेष धर्म या धारणा को मानते हैं, तो ये अच्छा है। किन्तु आप इसके बिना जीवित रह सकते हैं।”
“ज्ञान एक महान सेना की तरह है जो हमें हमारी बुराइयों को कुचलने में मदद करता है।”
“सुख और शांति का परम स्त्रोत हमारे अपने अंदर ही है।”
“मन एक जंगली घोड़े की तरह है और नीतियां लगाम की तरह जिससे इस जंगली घोड़े को काबू किया गया है।”
“सबको खुशहाल जीवन और मन की शांति चाहिए लेकिन हमें स्वयं अपने कार्यों से मन की शांति पैदा करनी होगी।”
“अपने ज्ञान को बांटो, ये तुम्हें अमर कर देगा।”
“जितना आप प्यार से प्रेरित हैं उतनी ही आजादी और निडरता से आप काम करेंगे।”
“हम धर्म और ध्यान के बिना जी सकते हैं लेकिन मानवता के बिना नहीं।”
“दया और प्रेम ही मेरे लिए धर्म है। लेकिन इसे विकसित करने के लिए हमें किसी धर्म को मानने की जरुरत नहीं।”
“खुशी कोई बनी बनाई चीज नहीं है। ये आपके अपने कार्यों से मिलती है।”
“प्यार में कोई मूल्यांकन नहीं होता।”
“धर्म बहुत साधारण है मेरा धर्म दया है।”
“प्यार और दया जरुरत है भोग-विलास की चीजें नहीं। इनके बिना मानवता जीवित नहीं रह सकती।”
“याद रखो की सबसे अच्छा सम्बन्ध वही है जिसमें आपका एक दूसरे के लिए प्यार एक दूसरे के लिए जरूरत से ज्यादा होता है।”
“अपनी सफलता का मूल्यांकन इस बात से करो की इसको पाने के लिए आपको क्या छोड़ना पड़ा।”
“जब भी संभव हो दया से काम लो यह हमेशा संभव है।”
“शांत मन से आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ता है इसलिए ये अच्छे स्वास्थय के लिए बहुत जरुरी है।”
“मैं सिर्फ एक सच्चा अध्यात्मिक नेता बनना चाहता हुँ।”
“सभी प्रमुख धार्मिक परम्पराएं मूल रूप से एक ही संदेश देती हैं – प्रेम, दया और क्षमा। महत्वपूर्ण बात यह है कि ये हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा होनी चाहिये।”