दालचीनी का वैज्ञानिक नाम सिन्नामोमुम ज़ेय्लानिकम (Cinnamomum Zeylanicum) है। दालचीनी में रोगाणुरोधी, एंटी-इंफ्लेमेटरी, संक्रामक विरोधी और एंटी-क्लोटिंग जैसे गुण पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त दालचीनी शर्करा, कार्बोहाइड्रेट, फैटी एसिड और एमिनो एसिड भी अच्छा स्त्रोत है। दालचीनी का उपयोग मधुमेह, कोलेस्ट्राॅल, कैंसर, सर्दी और फ्लू जैसी बीमारियों में बहुत ही फायदेमंद है।

दालचीनी के फायदे

  1. दालचीनी का सेवन करने से मधुमेह (Diabetes) नियंत्रण में रहता है। दालचीनी टाइप-2 मधुमेह (Diabetes) पर अच्छा प्रभाव डालती है।
  2. दालचीनी की चाय का सेवन करने से मानसिक सतर्कता में काफी सुधार आता है।
  3. दालचीनी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी (Antiinflammatory) तत्व दिल और उसके आसपास की धमनियों को नुकसान और संक्रमण से बचाते हैं।
  4. दालचीनी में मौजूद औषधीय गुण कैंसर की कोशिकाओं में वृद्धि को कम करते हैं।
  5. दालचीनी में मौजूद तत्व रक्त को पतला करता है, इससे शरीर मंे रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) में इजाफा होता है।
  6. दालचीनी में शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी (Antiinflammatory) गुण होते हैं, जो मस्तिष्क के आंतरिक ऊतकों की सूजन को कम करते हैं।
  7. दालचीनी पाउडर को दलिया में छिड़क कर या काॅफी में मिलाकर पीने से कोलेस्ट्राॅल (cholesterol) नियंत्रण में रहता है।
  8. दालचीनी का सेवन करने से सर्दी और फ्लू में आराम मिलता है।
  9. दालीचीन पाउडर का सेवन करने से गठिया के दर्द में काफी राहत मिलती है।
  10. दालचीनी का सेवन कोलन कोशिकाओं की क्षति को रोकता है, जिससे पेट के कैंसर की संभावना कम हो जाती है।

दालचीनी के नुकसान

  1. गर्भावस्था और स्तनपान करा रही महिलाओं को दालचीनी का सेवन करने में सावधानी बरतनी चाहिए।
  2. दालचीनी के अधिक सेवन से लीवर को नुकसान पहुंच सकता है।
  3. कुछ लोगों को दालचीनी के सेवन से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है।