चिंतपूर्णी माता की आरती | Chinpurni Mata ki Aarti

587

जय चिंतपूर्णी माता, मैया जय चिंतपूर्णी माता ।
चिंता मेरी हर लो, सुख की वरदाता ।।
मैया जय चिंतपूर्णी माता… (x2)

सती के शुभ चरणों पर, मंदिर है भारी ।
छिन्न मस्तिका कहते, तुमको संसारी ।।
मैया जय चिंतपूर्णी माता…

ऊंचा भवन है न्यारा, झंडे झूल रहे ।
कोयल जय मां गाती, पक्षी बोल रहे ।।
मैया जय चिंतपूर्णी माता…

जय विजया सखियों की, भूख मिटा दीनी ।
रक्त स्वयं पे करके, मस्ती भर लीनी ।।
मैया जय चिंतपूर्णी माता…

बरगद पेड के नीचे, पिंडी सजी प्यारी ।
छत्र मुकुट से लगती, सुंदर छवि न्यारी ।।
मैया जय चिंतपूर्णी माता…

मायी दास ब्राहमण को दरश दिये आकर ।
पहला पुजारी बनाया, सदगुण दिलवाकर ।।
मैया जय चिंतपूर्णी माता…

नारियल फूल बताशे, चुनरी के संग में ।
चन्दन इत्र गुलाब, महके अंग अंग में ।।
मैया जय चिंतपूर्णी माता…

कन्या भेंट सुनावें, मधुर स्वरों में जब ।
अमृत वाणी गूंजे, ऊंचे पर्वत तब ।।
मैया जय चिंतपूर्णी माता…

जय चिंतपूर्णी माता, मैया जय चिंतपूर्णी माता ।
चिंता मेरी हर लो, सुख की वरदाता ।।
मैया जय चिंतपूर्णी माता… (x2)