चिकनगुनिया

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चिकनगुनिया एक प्रकार का वायरल बुखार है, जो संक्रमित मादा एडीज एइजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। यह बुखार शरीर के जोड़ों को बुरी तरह से प्रभावित कर शरीर को काफी नुकसान पहुंचाता है। यह एक जानलेवा रोग है अगर इसका सही उपचार ना किया जाए तो जान भी जा सकती है।

मुख्य लक्षण

  • जोड़ों में दर्द और सूजन होना।
  • उल्टी और सिरदर्द होना।
  • कंपकपी और ठंड के साथ बुखार का बढ़ना।
  • त्वचा पर लाल रंग के चकते पड़ जाना।
  • चक्कर आना और मांसपेशियों में दर्द और खिचाव महसूस होना।

मुख्य कारण

चिकनगुनिया एक प्रकार के वायरस (चिकनगुनिया वायरस) से संक्रमित मादा एडीज एइजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। जब साधारण मादा एडीज एइजिप्टी मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति या जानवर को काटता है, तो उसकी लार से यह वायरस उसके शरीर में पहुँचकर उसे संक्रमित कर देता है। जब यह संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो वह व्यक्ति इस रोग का शिकार हो जाता है।

चिकनगुनिया से बचाव

  • अपने घर के आस-पास पानी जमा ना होने दें।
  • कूलर का पानी नियमित रूप से बदलते रहें।
  • खुली जगह जैसे पार्क में पूरे कपड़े पहनकर जाएं।
  • खुले में सोएं तो मच्छरदानी का प्रयोग करें।
  • कूड़ेदान में ज्यादा दोनों तक कूड़ा जमा ना करें और इसे हमेशा ढक कर रखें।

घरेलू उपचार

दवा के अलावा कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर भी चिकनगुनिया का उपचार किया जा सकता है। कुछ आसान एवं कारगर घरेलू उपचार निम्नलिखित हैं।

  • पपीते के पत्ते: पपीते के पत्तों को पीसकर इसका रस निकाल लें। दो से तीन चम्मच रस का दिन में तीन बार सेवन करें। इससे प्लेटलेट्स बढ़ने लगेगें और बुखार में राहत मिलेगी।
  • तुलसी और अजवायन: एक गिलास पानी में अजवायन, किशमिश, तुलसी और नीम की सूखी पत्तियां मिला लें। इस मिश्रण को उबाल ले और ठंडा होने पर बिना छाने दिन में दो से तीन बार इसका सेवन करें।
  • लौंग: लहसुन को पीसकर उसमें लौंग का तेल मिला लें। इस मिश्रण को कपड़े की सहायता से जोड़ों पर बांध दें। ऐसा करने से जोड़ों के दर्द के साथ साथ शारीर का तापमान भी कम होगा।
  • नारियल पानी: नारियल पानी का नियमित रूप से सेवन करें। रोजाना दो से तीन गिलास नारियल पानी पियें। इसके सेवन से लीवर में मौजूद विषैले तत्वों में कमी आती है।
  • गाजर: कच्ची गाजर खाएं या नियमित रूप से गाजर का जूस का पिएं। गाजर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है और जोड़ों के दर्द को भी कम करता है।
  • एप्सम साल्ट: गरम पानी में एप्सम साल्ट और नीम की पत्तियां मिला लें। इस पानी से रोज़ सुबह नहाएं। दर्द कम होगा और तापमान भी नियंत्रण में रहेगा।
  • अंगूर: गाय के गुनगुने दूध के साथ अंगूर का नियमित रूप से सेवन करें। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से चिकनगुनिया के वायरस मरते हैं।
  • गाय का दूध: गाय के दूध में किशमिश मिलाकर इसका सेवन करें। गाय के गुनगुने दूध में हल्दी मिलाकर भी पिया जा सकता है। ऐसा करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढेगी और बुखार में राहत मिलेगी।

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