चामुंडी पहाड़ी | Chamundi Phahadi | Chamundi Hill in Hindi

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मैसूर से 13 कि.मी. की दूरी पर दक्षिण में स्थित चामुंडी पहाड़ी मैसूर का विख्यात पर्यटन स्थल है। इस पहाड़ी की चोटी पर देवी दुर्गा माँ का चामुंडेश्वरी मंदिर बना हुआ है। चामुंडेश्वरी मंदिर का निर्माण बारहवीं शताब्दी में किया गया था। यह मंदिर देवी दुर्गा माँ की महिषासुर राक्षस पर विजय का प्रतीक है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में स्थापित देवी दुर्गा माँ की प्रतिमा शुद्ध सोने की बनी हुई है। यह मंदिर द्रविड़ वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है। चामुंडेश्वरी मंदिर के इमारत की ऊँचाई लगभग 40 मीटर है और यह इमारत सात मंजिल तक बनी हुई है। इस मंदिर के पीछे महाबलेश्वर को समर्पित एक छोटा मंदिर भी है जो लगभग 1000 वर्ष से भी अधिक पुराना है। चामुंडी पहाड़ की चोटी से मैसूर का बहुत ही सुंदर नजारा दिखाई देता है। चामुंडेश्वरी मंदिर के पास ही महिषासुर राक्षस की विशाल प्रतिमा बनी हुई है। पहाड़ी के रास्ते में काले ग्रेनाइट के पत्थर से बने नंदी बैल के दर्शन भी हो जाते हैं। चामुंडेश्वरी मंदिर में पूजा का समय प्रतिदिन सुबह 7ः30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 3ः30 बजे से शाम 6 बजे तक और शाम 7ः30 बजे से रात 9 बजे तक निर्धारित है।

मैसूर कर्नाटक राज्य के दक्षिणी भाग में कावेरी और काबिनी नदी के बीच में स्थित है। समुद्र तल से 770 मीटर की ऊँचाई पर स्थित होने के कारण यहां का मौसम सामान्य ही रहता है। बंगलौर से लगभग 150 कि.मी. दूर स्थित मैसूर तक सड़क और रेल मार्ग के द्वारा आसानी से जाया जा सकता है। मैसूर का मंडाकल्ली एयरपोर्ट एक डोमाॅस्टिक एयरपोर्ट है, जहां से कई शहरों के लिए नियमित उड़ानें मिलती हैं।