चालीसा

इष्टदेव की सरल भाषा में की जाने वाली उपासना को चालीसा कहते हैं। चालीसा में चालीस लाइनें होती हैं, इसलिए इसे चालीसा कहते हैं। श्रद्धा, स्वच्छता का ध्यान रखकर ही सरलता से चालीसा का पाठ किया जा सकता है। सरलता से इष्टदेव को प्रसन्न करने का यह तरीका हिन्दू धर्म में काफी लोकप्रिय है।

भगवान श्री राम को विष्णु जी का सातवाँ अवतार माना गया है। विष्णु जी का अवतार होने को कारण भगवान श्री राम को बहुत पूजनीय माना गया है। ॥चौपाई॥ श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥ ध्यान धरे शिवजी मन माहीं। ब्रह्म इन्द्र...
शिरडी वाले साँई बाबा को हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग पूजते हैं। भारत के बेहद पूजनीय और प्रसिद्ध संत और फकीरों में साँई बाबा का विशेष स्थान है। पहले साई के चरणों में, अपना शीश नवाऊं मैं। कैसे शिरडी साँई आए, सारा हाल सुनाऊं मैं॥ कौन है माता, पिता कौन...
हिन्दू धर्म में माता सरस्वती को ज्ञान की देवी माना गया है। सरस्वती जी को श्वेत वर्ण अत्यधिक प्रिय होता है, जो सादगी को दर्शाता है। सरस्वती जी की पूजा अर्चना में निम्न चालीसा का विशेष महत्तव है। ॥दोहा॥ जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि...
हिन्दू धर्म में शनि देव को दंडाधिकारी एवं कर्मफल दाता माना गया है। भगवान शनि देव मनुष्य को उसके अच्छे और बुरे कर्मो का फल देते हैं। शनि साढ़ेसाती और शनि महादशा के दौरान ज्योतिषी शनि चालीसा का पाठ करने की सलाह देते हैं। ॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन...
देवी लक्ष्मी जी को धन, समृद्धि और वैभव की देवी माना गया है। लक्ष्मी जी की नित्य पूजा करने से मनुष्य के जीवन में कभी दरिद्रता नही आती है। ॥दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध करि, परुवहु मेरी आस॥ ॥सोरठा॥ यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं। सब विधि करौ...
श्री गणेश की पूजा हर शुभ कार्य को शुरू करने से पहले की जाती है, जिससे सारे कार्य सुख पूर्वक संपन्न हो जाते हैं। श्री गणेश की आराधना करने से घर में खुशहाली, व्यापार में वृद्धि और हर कार्य में सफलता मिलती है। ॥दोहा॥ जय गणपति सदगुणसदन | करिवर बदन कृपाल...
श्री शिव चालीसा में शिव जी के कार्यों का वर्णन किया गया है| श्री शिव चालीसा में ४२ चौपाई और ३ दोहे दिए गए हैं, जिनमे १ दोहा शुरुआत में और २ दोहे अंत में दिए गए हैं| ॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजासुवन मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम देउ अभय वरदान॥ ॥चौपाई॥ जय गिरिजापति...
श्री दुर्गा चालीसा में दुर्गा माता के बारे में बताया गया है| इसमें दुर्गा माँ के अनेक कार्यो का वर्णन किया गया है और साथ ही ये भी बताया गया है कि कैसे वह सारे देवों की प्रिय हैं| श्री दुर्गा चालीसा में 41 चौपाई हैं| ॥चौपाई॥ नमो नमो दुर्गे सुख...
श्री हनुमान चालीसा सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला चालीसा है| श्री हनुमान चालीसा में ४० चौपाई हैं, इसके अतिरिक्त इसमें ३ दोहे भी दिए गए हैं| इनमे २ दोहे शुरुआत में और १ दोहा अंत में दिया गया है| ॥दोहा॥ श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो...

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