बुलंदशहर के ‘आलिमी तब्लिगी इज्तिमा’ में लाखों लोग पहुंचे

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पूरी दुनिया में अलग-अलग देशों में बसे हुए मुसलमानों के सबसे बड़े आयोजन ‘इज्तिमा’ का आयोजन इस बार उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में किया जा रहा है, जो 1,2 और 3 दिसंबर तक चलेगा, जिसके लिए देशभर से लाखों मुसलममान बुलंदशहर में डेरा डाले हुए हैं। इस आयोजन की सफलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के हाथ-पैर फूल गए हैं, क्योंकि इस आयोजन में जितने लोगों के आने की परमिशन दी गई थी उससे पांच गुना लोग आ चुके हैं और लगातार आते जा रहे हैं, जिसके चलते सारे इंतजाम धरे रह गए हैं।

मुसलमानों के सबसे बड़े आयोजन इज़्तिमा जो यूपी के बुलंदशहर में हो रहा है, इस आयोजन में परमिशन 5 लाख लोगों की थी, लेकिन इस्तमे के पहले ही दिन ही करीब 15 लाख लोग पहुंच गए थे, जबकि दूसरे दिन संख्या में और इजाफा हो गया, जिसके बाद उम्मीद लगाई जा रही है कि लोगों की भीड़ का ये आकंड़ा तीसरे दिन 30 से 40 लाख तक जा सकता हैं। तीसरे दिन दुआ होगी, जिसमें अधिक से अधिक लोग पहुंचेंगे। बढ़ती भीड़ के चलते इज़्तिमा कमेटी के लोगों के सामने खासी मुसीबत खड़ी हो गई है, जिसमें परेशानी यह है कि इस्तमे कमिटी ने 20 से 25 लाख लोगों का इंतज़ाम किया है। लेकिन जगह नहीं मिलने पर लाखों लोग आस-पड़ोस के खाली खेतों में बसेरा बना कर बैठ गए है। भीड़ का आलम ये है कि आयोजन में आए स्थानीय लोगों को घर वापस जाने की सलाह दी जा रही है।

‘आलिमी तब्लिगी इज्तेमा’ का मतलब होता है ‘विश्वस्तरीय धार्मिक सम्मेलन’, जिसमें इस्लाम धर्म को मानने वालों को उपदेश दिया जाता है। इस आयोजन में दुनियाभर से इस्लामिक उपदेशक आते हैं और आयोजन में शामिल हुए मुसलमानों को कुरान में लिखी बातें बताते हैं। आयोजन के अंतिम दिन दुआ होती है, जिसमें अल्लाह से दुनिया भर के लोगों के लिए प्रार्थना की जाती है।

जब नमाज के लिए खुले शिव मंदिर के दरवाज़े

उत्तर प्रदेश राज्य के बुलंदशहर के दरियापुर में 3 दिवसीय ‘आलमी तब्लीगी इज्तेमा’ चल रहा है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से इज्तमा में लोग पहुंच रहे हैं। बुलंदशहर जिले के जौनपुर में ग्रामीणों ने सांप्रदायिक सौहार्द की अदभूत मिसाल पेश कर दी। दरियापुर में चल रहे इज्तेमा में आ रहे मुस्लिम जाम में फंस गए, तो ग्रामीणों ने प्राचीन शिव मंदिर परिसर में ज़ोहर की नमाज अदा कराने व्यवस्था कराई। नमाज के दौरान कोई परेशानी न हो, इसके लिए उनका पूरा ख्याल रखा गया। नमाज के बाद सभी को जल-पान कराकर उन्हें इज्तमा के लिए खुशी-खुशी रवाना किया गया।

इसके अलावा आस-पास के गांवों के लोग भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व अपने-अपने वाहनों से इज्तमा में शरीक हो रहे हैं। इज्तमा में शामिल होने के लिए रविवार को मेरठ-हापुड़ की तरफ से काफी लोग आ रहे थे। बुलंदशहर कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव जैनपुर के पास जाम में काफी लोग फंसे हुए थे और उसी दौरान ज़ोहर की नमाज का वक्त हो गया। बताया गया कि कुछ लोगों ने सड़क स्थित शिव मंदिर के बाहर नमाज पढ़नी शुरू कर दी थी। जैनपुर के ग्रामीणों ने जब लोगों को सड़क पर नमाज अदा करते देखा तो उन्हें प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण में नमाज पढ़ने के लिए कहा। हिंदुओं का सहयोग मिलने के बाद करीब 150 मुसलमान ने वुजू करके मंदिर प्रांगण में ज़ोहर की नमाज अदा की। नमाजियों को कोई परेशानी न हो काफी हिंदू भाई शिव मंदिर परिसर के बाहर ही खड़े रहे और शांतिपूर्वक नमाज अदा कराने में सहयोग किया। प्राचीन शिव मंदिर में नमाज अदा कराकर जैनपुरवासियों ने जिले में हिंदू मुस्लिम एकता की नई मिसाल कायम कर आपसी सौहार्द का संदेश दिया है। फेसबुक, व्हाट्सऐप, ट्विटर पर जैनपुर के ग्रामीणों की खूब तारीफ हो रही हैं।