भाषा और लिपि | Bhasha Aur Lipi | Language and Script

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भाषा

एक सीमित क्षेत्र में बोले जाने वाले स्थानीय रूप को ‘बोली’ (भाषा) कहते हैं। पाँच-दस मील की दूरी पर बोली जाने वाली बोली में हल्का सा अन्तर आ जाता है। अवधी, ब्रज, मैथिली और भोजपुरी हिन्दी की ही बोलियाँ हैं।

भारत में संस्कृत भाषा के साथ-साथ कई अन्य भाषाएं भी बोली जाती हैं। संस्कृत भाषा दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। बाकी भाषाएँ जैसे हिंदी भाषा भारत में आमतौर पर हर क्षेत्र में बोली जाती है।

भारत विविधता की धरती है, इसलिए यहाँ हर जगह अलग-अलग भाषाओं का इस्तेमाल होता है। भारत में हर क्षेत्र की अलग-अलग भाषा है, हर कोई अपनी भाषा बोलता है।

भारत में अनगिनत लोग है, जो अनगिनत भाषाएँ बोलते है। भारत में अंग्रेजी और हिंदी को छोड़कर बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी, उर्दू, गुजराती, पंजाबी और कई अन्य भाषाएँ भी बहुत बोली जाती हैं।

हिन्दी की बोलियों को निम्नलिखित भागों में बाँटा गया है-

(i) पश्चिमी हिन्दी – इसमें ब्रज, खड़ी बोली, हरियाणवी, बुन्देली और कन्नौजी बोलियाँ आती हैं। खड़ी बोली दिल्ली, मेरठ, बुलन्दशहर, सहारनपुर और इनके आस-पास के क्षेत्रों में बोली जाती है।

(ii) पूर्वी हिन्दी– इसमें अवधी, बघेली और छत्तीसगढ़ी बोलयाँ आती हैं। तुलसी का ‘रामचरितमानस’ और जायसी का ‘पद्मावत’ अवधी भाषा में रचित श्रेष्ठ महाकाव्य हैं।

(iii) राजस्थानी– इसमें राजस्थान में बोली जाने वाली चार बोलियाँ आती हैं।

जैसे – मेवाती, मारवाड़ी, हाड़ोती तथा मेवाड़ी।

(iv) बिहारी – बिहार प्रदेश में बोली जाने वाली प्रमुख बोलियाँ मैथिली, मगही और भोजपुरी हैं। विद्यापति की ‘विद्यापति पदावली’ अपनी सरसता के लिए प्रसिद्ध है।

(v) पहाड़ी – इसमें मंडियाली (हिमाचली), गढ़वाली और कुमाऊँनी बोलियाँ आती हैं।

भाषाओं की सूची-

क्र. भाषा बोलने वालों की संख्या बोलने वालों की संख्या (प्रतिशत में)
1 हिंदी 52,83,47,193 43.63
2 बंगाली 9,72,37,669 8.30
3 मराठी 8,30,26,680 7.09
4 तेलुगू 8,11,27,740 6.93
5 तमिल 6,90,26,881 5.89
6 गुजराती 5,54,92,554 4.74
7 उर्दू 5,07,72,631 4.34
8 कन्नड़ 4,37,06,512 3.73
9 ओड़िया 3,75,21,324 3.20
10 मलयालम 3,48,38,819 2.97
11 पंजाबी 3,31,24,726 2.83
12 मैथिली 1,35,83,464 1.16
13 अंग्रेज़ी 2,59,678 0.02
14 संस्कृत 24,821 <0.01

लिपि

भाषा की ध्वनियों को जिन लेखन-चिन्हों के द्वारा प्रकट किया जाता है, उन्हें लिपि कहते हैं। प्रत्येक भाषा की अपनी लिपि होती है।

जैसे-

भाषाओं के नाम उनकी लिपियों के नाम
संस्कृत, हिन्दी, मराठी, नेपाली देवनागरी
पंजाबी गुरूमुखी
उर्दू, फारसी फारसी
अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन रोमन
जापानी जापानी
अरबी अरबी