भारतीय परंपरा | Bharatiya Parampara | Indian Tradition

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बड़ों के पैर छूना

भारतीय परंपरा में पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्य हैं। भारत में लोग अपने से बड़ों का बहुत सम्मान करते हैं। जागने के बाद, किसी उत्सव के आने पर या एक महत्वपूर्ण काम शुरू करने से पहले वे अपने बुजुर्गों के पैर छूकर काम की शुरुआत करते हैं।

नमस्ते

भारत में किसी से मिलने पर नमस्ते बोला जाता  है, यह भारत की संस्कृति का हिस्सा है। भारत में जब कोई किसी से मिलता है, तो हाथ जोडकर नमस्ते बोलता है। लोग “नमस्ते” कहकर एक दूसरे को “नमस्कार” करते हैं। अंग्रेजी में “नमस्ते” का अर्थ है- “हैलो”। ज्यादातर भारतीयों को बात करते समय अपना सिर हिलाने की आदत होती है।

व्रत

कई हिन्दू त्यौहारों के दौरान लोग व्रत रखते हैं, जैसे- महाशिवरात्रि, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, नवरात्रि, दिवाली आदि। भारत में ज्यादातर हिन्दू पत्नियाँ करवा चौथ के दिन अपने पतियों के लम्बे जीवन के लिए उपवास रखती हैं।

मुस्लिम समाज के लोग रमजान के महीने के दौरान लगभग 30 दिनों तक उपवास रखते हैं।

अतिथि देवो भव

भारत में जब लोगों के घर में अतिथि आते हैं, उनको बहुत अच्छा लगता है और सभी भारतीय अपने अतिथि का बहुत आदर व सत्कार करते हैं। भारत के लोग “अतिथि देवो भव” मानते हैं, जिसका मतलब “अतिथि भगवान के समान“ होता है।

वैदिक मंत्र

प्राचीन वैदिक मंत्रों का जाप सभी धार्मिक कार्यों के दौरान किया जाता है। कुछ मंत्र पंडित और अन्य भक्तों द्वारा कई बार दोहराए जाते हैं और वो पूजा का ही हिस्से होते हैं।

योग

‘योग’ एक प्राचीन प्रथा है, जिसमें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण को ऊपर उठाने के उद्देश्य से कुछ सांस लेने और शारीरिक अभ्यास शामिल हैं। ‘मेडिटेशन’ को हिंदी में “ध्यान” के नाम से भी जाना जाता है, योग का लक्ष्य बाहर की बजाय अंदरूनी ध्यान केंद्रित करना है। ‘ध्यान’ का भारतीय तरीका, यानी “योग” बहुत अच्छा है और दुनिया भर में बहुत मशहूर है।