बैल का दूध

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शहंशाह अकबर और बीरबल अपने अन्य मंत्रियों के साथ दरबार में बैठे थे।

शहंशाह अकबर बोले सभा में – हमें मानना होगा, कि हम काफी खुश नसीब हैं कि हमारे दरबार में बीरबल जैसे चालक और होशियार मंत्री हैं।

बीरबल बोले अकबर से – शुक्रिया हुजूर……!

शहंशाह अकबर बोले सभा में – इतना ही नहीं हम तो ये भी मानते हैं, कि वो हम सबसे ज्यादा होशियार और चालक हैं।

शहंशाह अकबर का एक मंत्री बोला – आप सच कह रहे हैं, हुजूर……! बीरबल…… हम में सबसे ज्यादा होशियार और चालक हैं।

शहंशाह अकबर बोले अपने मंत्री सुखदेव सिंह से – सुखदेव सिंह जी…..! क्या आपको लगता है ? हम गलत कह रहे हैं।

सुखदेव सिंह मंत्री बोले अकबर से – हुजूर……!

शहंशाह अकबर बोले अपने मंत्री सुखदेव सिंह से – जब हमने कहा… ! बीरबल…. हम में से सबसे चालक और होशियार हैं। तब हमने देखा कि, आप खामोश थे।

शहंशाह अकबर का मंत्री सुखदेव सिंह खड़े होकर अपने आसन से उठकर अकबर के सामने आये।

शहंशाह अकबर बोले अपने मंत्री सुखदेव सिंह से – कहिये….! आप हम से सहमत नहीं हैं।

सुखदेव सिंह मंत्री बोले अकबर से – हुजूर……! वो बेशक हो सकते हैं। मैं अब तक नहीं जानता, इसलिए मैं कुछ नहीं कहूँगा।

शहंशाह अकबर बोले अपने मंत्री सुखदेव सिंह से – क्या मतलब है ? आपका आप नहीं जानते…..? क्या आपने उनकी होशियारी के कारनामे नहीं सुने ? क्या ये सबूत काफी नहीं है ? आपके लिए…..!

सुखदेव सिंह मंत्री बोले अकबर से – हुजूर….! मैं…..मैं….

शहंशाह अकबर बोले अपने मंत्री सुखदेव सिंह से – खैर…. हमने बीरबल की चतुराई और होशियारी का कई बार इम्तिहान लिया है और वो हमेशा ही कामयाब हुये हैं। अगर आपको फिर भी यकीन नहीं है, तो आप उनके सामने कोई चुनौती रख दें। हमें पूरा यकीन है, कि वो जरुर कामयाब होंगे।

शहंशाह अकबर बोले अपने मंत्री सुखदेव सिंह से – तो सुखदेव सिंह जी…. क्या बीरबल के लिए चुनौती सोची है ? आपने……!

सुखदेव सिंह मंत्री बोले अकबर से – हुजूर……! अगर बीरबल सचमुच इतने ही होशियार हैं, तो मेरे दिमाग में एक चुनौती है। उनके लिए….!

शहंशाह अकबर बोले अपने मंत्री सुखदेव सिंह से – क्या चुनौती है ?

सुखदेव सिंह मंत्री बोले अकबर से – हुजूर……! अगर बीरबल हमारे लिए बैल का दूध ला सके। तो मैं मान जाऊंगा, कि वो सचमुच सबसे चालक और होशियार हैं।

शहंशाह अकबर बोले अपने मंत्री सुखदेव सिंह से – क्या कहा ? बैल का दूध…..! लेकिन, ये कैसे हो सकता है ?

सुखदेव सिंह मंत्री बोले अकबर से – हुजूर……! अगर बीरबल सचमुच इतने चालक हैं, तो फिर उनके लिए ये बात नामुमकिन नहीं और बैल का दूध लाना कोई बड़ी चुनौती नहीं….!

शहंशाह अकबर बोले सभा में – हुंम…. सच तो ये है, कि हम भी बीरबल को ये गुत्थी सुलझाते हुये देखना चाहते हैं।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – क्या ख्याल है ? बीरबल…..!

बीरबल बोले अकबर से – अगर आप ये चाहते हैं। हुजूर…..!

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – बीरबल…..! क्या आप ये सचमुच करना चाहते हैं ?

बीरबल बोले अकबर से – हुजूर……! अगर आपकी यही इच्छा है, तो फिर आपकी इच्छा पूरी तो करनी पड़ेगी।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – बहुत खूब….! हम भी आपको ये गुत्थी सुलझाते हुये देखना चाहते हैं। कितना वक्त चाहिये ? आपको…….!

बीरबल बोले अकबर से – सिर्फ एक दिन हुजूर…..! ये चुनौती, मैं कल तक सुलझा दूंगा।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – सिर्फ एक दिन…..! आपको इतना भरोसा है। ठीक है, कल दरबार में हमें आपका बेसब्री से इंतजार रहेगा।

शहंशाह अकबर सभा को संबोधित करके चले जाते हैं और अन्य मंत्री बोले शहंशाह अकबर……. जिंदाबाद….! शहंशाह अकबर……. जिंदाबाद….! के नारे लगाने लगे।

शहंशाह अकबर अपने कमरे में रात के समय सो रहे थे, तो बाहर से बहुत तेज आवाज आ रही थी। शहंशाह अकबर को वो आवाज सोने नहीं दे रही थी।

शहंशाह अकबर ने आवाज लगाई – सिपाहियों……!

और सिपाही आया, अकबर के पास ……!

सिपाही बोला अकबर से – जी हुजूर……!

शहंशाह अकबर बोले सिपाही से – ये कैसी आवाज है ? ऐसे में नींद कैसे आएगी ? मुझे…..!

और बोले आवाज को सुनकर….

शहंशाह अकबर बोले सिपाही से – ये क्या हो रहा है ? जाओ और तुरंत इस आवाज को बंद करवाओ।

सिपाही बोला अकबर से – जी हुजूर….! अभी करवाता हूँ।

शहंशाह अकबर पानी पीकर दोबारा फिर से सो गए। और सिपाही बाहर से आ रही आवाज को बंद करा के आ गए।

दोबारा बाहर से तेज-तेज आवाज फिर से आने लगी। तो अकबर फिर से सिपाई को आवाज लगाने लगा।

शहंशाह अकबर आवाज लगाने लगे – सिपाही…..!

सिपाही बोला अकबर से – जी हुजूर….!

शहंशाह अकबर बोले सिपाही से – क्या… ? हमने तुम्हें, इस आवाज को बंद करवाने को नहीं कहा था। कौन है… ? जो इस तरह की आवाज कर रहा है। और क्यों ? जाओ और जाकर जो कोई भी है, उसे हमारे सामने पेश करो। जाओ…..!

जो बाहर से आवाज आ रही थी, वहां दो सिपाही पहुंचे तो, देखा एक छोटी-सी लड़की रात में कुआँ पर कपड़े धो रही थी। और उस लड़की से दो सिपाही बोले…..!

सिपाही बोले लड़की को देखकर – तुम, मैंने कहा था ? ये आवाज बंद करो और यहाँ से चली जाओ। अब तुमने, शहंशाह को गुस्सा दिला दिया है, वे तुम्हें जरुर बड़ी सजा देंगे।

लड़की बोली सिपाही से – सजा…..!

सिपाही बोले लड़की से – अब आओ….. मेरे साथ।

और दो सिपाई उस लड़की को हाथ पकड़कर शहंशाह अकबर के घर ले गए। और एक सिपाई अकबर के पास गया और बोला……!

सिपाही बोला अकबर से – हुजूर….! मुजरिम बाहर है।

शहंशाह अकबर बोले सिपाही से – उसे फ़ौरन अंदर लाओ।

सिपाही बोला अकबर से – हुजूर….! मुजरिम, एक छोटी बच्ची है।

शहंशाह अकबर बोले – छोटी बच्ची….! खैर उसे हमारी नींद खराब करने की एक सही वजह देनी होगी। वर्ना, उसे सख्त सजा दी जाएगी। बच्चा हो या बूढ़ा, लड़की हो या लड़का, जो भी हो अंदर लाओ उसे…..!

और सिपाही उस छोटी-सी लड़की को शहंशाह अकबर के सामने ले आये। शहंशाह अकबर उस लड़की को देखकर बोले।

शहंशाह अकबर बोले उस छोटीसी लड़की से – ऐ… लड़की, तुम क्यों हमारी नींद खराब कर रही हो ? तुम्हें आवाज बंद करने को नहीं कहा गया था। और तुम इस वक्त घर जाकर सोती क्यों नहीं हो ? बताओ…. जबाब दो। और तुम्हारे पास इतनी रात घर से ग़ायब होने का और हमारी नींद खराब करने की एक सही वजह होनी चाहिये।

छोटीसी लड़की बोली अकबर से – हुजूर…..! मैं आपकी नींद खराब करने के लिए माफ़ी चाहती हूँ। मुझे कुछ कपड़े धोने थे। आज रात…!

शहंशाह अकबर बोले छोटीसी लड़की सेकपड़े धोने थे, वो भी इतनी रात गए।

छोटीसी लड़की बोली अकबर से – जी हुजूर…..! मेरी माँ अपने मायके गई हुई है, अपने गाँव और पिताजी ने एक बच्चे को जन्म दिया है। इसलिए मुझे सारे कपडे अभी धोने थे।

शहंशाह अकबर बोले छोटीसी लड़की से – क्या कहा तुमने ? मैं समझा नहीं, तुमने क्या कहा ? मैं तो समझा, तुम्हारी माँ मायके गई है।

छोटीसी लड़की बोली अकबर से – जी हुजूर…..!

शहंशाह अकबर बोले छोटीसी लड़की से – अगर तुम्हारी माँ अपने मायके गई है, तो.. बच्चे को जन्म किसने दिया ?

छोटीसी लड़की बोली अकबर से – मेरे पिता जी ने…..! मैंने आप से कहा था न पिताजी ने जन्म दिया है, बच्चे को….. और मुझे उसी के लिए कपड़े धोने है।

शहंशाह अकबर बोले छोटीसी लड़की से – तुम्हारा दिमाग तो नहीं खराब हो गया है। भला एक आदमी कैसे बच्चे को जन्म दे सकता है ?

छोटीसी लड़की बोली अकबर से – हुजूर…..! आपके राज्य में तो कुछ भी हो सकता है। क्या आपने सुना नहीं बैल भी दूध देने लगे हैं ? तो मेरे पिता जी बच्चे को जन्म क्यों नहीं दे सकते ?

शहंशाह अकबर बोले छोटीसी लड़की से – ओ…हो अच्छा अच्छा, अब मैं समझा। ठीक है, तुम घर जा कर सो जाओ। और मुझे भी सोने दो…! और बीरबल….. से कहना, कि हम समझ गए हैं कि हमने गलती की है।

शहंशाह अकबर बोले सिपाहियों से – सिपाहियों, ख्याल रहे। इसे अपने घर सुरक्षित पहुँचाया जाये। और बाबर्ची से कहना कि, इसे बतौर सजा कुछ…. मिठाईयां दी जाये।

छोटीसी लड़की बोली अकबर से – शुक्रिया हुजूर…..!

और सिपाही उस लड़की को घर छोड़कर आया और अगले दिन शहंशाह अकबर अपने दरबार गए।

सुखदेव सिंह मंत्री बोले अकबर से – मैं देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ। हुजूर…..! पर मैं रात ठीक से सो नहीं पाया। कोई बदमाश सारी रात आवाज करता रहा और मुझे सोने नहीं दिया।

और शहंशाह अकबर सुखदेव सिंह की बात सुनकर हँसने लगे।

सुखदेव सिंह मंत्री बोले अकबर से हुजूर……! मैं मजाक नहीं कर रहा। कल रात बहुत बेकार गुजरी। मैं जरा भी नहीं सो पाया। जब भी मेरी आँख लगती, फिर से आवाज चालू हो जाती।

और शहंशाह अकबर दोबारा सुखदेव सिंह की बात सुनकर हँसने लगे। और बोले……!

शहंशाह अकबर बोले सुखदेव सिंह से – सुखदेव सिंह जी….! वो बैल के दूध देने की आवाज थी। याद है, आपने बीरबल….. को चुनौती दी थी।

तो शहंशाह अकबर का मंत्री सुखदेव सिंह अकबर की तरफ देखने लगा।

शहंशाह अकबर बोले सुखदेव सिंह से – हम समझाते हैं।

और शहंशाह अकबर ने समझाया रात के समय जो बाहर से आवाज आई थी… छोटी-सी लड़की ने बताया, कि पिता जी ने बच्चे को जन्म दिया। तो इस बात को सुनकर शहंशाह अकबर का मंत्री सुखदेव सिंह अचंभित रहे गए।

शहंशाह अकबर बोले सुखदेव सिंह से – अब आप समझे सुखदेव सिंह जी…..! बीरबल को ऐसी नामुमकिन चुनौती देकर आपने खुद परेशानी मोल ले ली। और बोले अकबर सुखदेव सिंह से….. अब आपको हार मान लेनी चाहिए।

और दरबार में बीरबल सबसे बाद में आये और बोले……!

बीरबल बोले अकबर से – आदाब…. हुजूर……! मैं देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ। आज ज्यादा सो गया।

और शहंशाह अकबर बीरबल की बहादुरी देखकर हँसने लगे। और बोले…..!

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – बीरबल……! तुम्हारी कोई बराबरी नहीं कर सकता। बैल का दूध लज्जतदार था। बहुत….. बहुत….. शुक्रिया बीरबल……! बहुत….. बहुत….. शुक्रिया।

सुखदेव सिंह मंत्री बोले बीरबल से – बीरबल….! मैं अपने शब्द वापस लेता हूँ। तुम सचमुच इस राज्य के सबसे होशियार आदमी हो।

बीरबल बोला सुखदेव सिंह से – शुक्रिया…..!

बीरबल बोला अकबर से – शुक्रिया हुजूर……!

सीख-

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि मुर्ख आदमी चतुर आदमी की कैसे भी परीक्षा ले, फिर भी चतुर आदमी ही सफल होता है