अटल पेंशन योजना

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अटल पेंशन योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 9 मई 2015 को कोलकाता में किया। इसका लक्ष्य असंगठित क्षेत्र के लोगों को पेंशन की सुविधा देना है। अटल पेंशन योजना कम लागत पर दी जाने वाली पेंशन योजना है।

अटल पेंशन योजना से 18 वर्ष से 40 वर्ष तक के नागरिक जुड़ सकते हैं, इस तरह इस योजना में नागरिक का योगदान 20 वर्षों का होगा। इस योजना में धारक का आधार कार्ड होना आवश्यक है, ताकि योजना के लाभ आसानी से उपभोक्ता को मिलें। अगर इस योजना से जुड़ते वक्त उपभोक्ता का आधार कार्ड नहीं है, तब वह बाद में आधार कार्ड जमा कर सकता है। इस योजना से जुड़ने के लिए बैंक में बचत खाता होना अनिवार्य है।

अटल पेंशन योजना में 1 हजार से 5 हजार रूपये तक की पेंशन राशि मिलेगी। अगर उपभोक्ता 42 रूपये प्रति माह अटल पेंशन योजना के अन्तर्गत जमा करता है, तो उसे 60 वर्ष की आयु के बाद 1 हजार रूपये प्रति माह पेंशन मिलेगी। अगर उपभोक्ता 210 रूपये प्रति महीने अटल पेंशन योजना के अन्तर्गत जमा करता है तो उसे 60 वर्ष की आयु के बाद 5 हजार रूपये प्रति महीने पेंशन मिलेगी।

यह 60 साल से अधिक की आयु वाले लोगों के लिए की जाने वाली आर्थिक मदद है, जिसे वे खुद अपनी जवानी में अर्जित करेंगे। इस योजना के अन्तर्गत यदि धारक की मृत्यु 60 वर्ष से पहले ही हो जाती है, तब जमा की गई राशि ब्याज सहित नाॅमिनी को दे दी जाएगी और अकाउंट बंद कर दिया जायेगा।

वित्तमंत्री श्री अरूण जेटली ने फरवरी 2015 के बजट भाषण में कहा था- “दुःखद है कि जब हमारी युवा पीढ़ी बूढ़ी होगी तो उसके पास भी कोई पेंशन नहीं होगी।”इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी भारतीय नागरिक को बीमारी, दुर्घटना या वृद्धावस्था में अभाव की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। निजी क्षेत्र में या ऐसे पेशे से जुड़े लोग जिन्हें पेंशन लाभ नहीं मिलते, वे भी इस योजना में पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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