अरविंद केजरीवाल कोट्स | Arvind Kejriwal Quotes in Hindi

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“आज जितने लोग राजनीति कर रहे हैं, ये राजनीति नहीं दलाली कर रहे हैं और उस दलाली को बंद करना है हम लोगों को।”
“हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध किया, उसकी वजह से पैसा बचने लगा और उस पैसे को हमने जनता की जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया।”
“मुझे मेरे देश की जरूरतें पूरी करने के विषय में जो टांग अड़ाएगा, मैं उसके खिलाफ आवाज जरुर उठाऊंगा।”
“अगर हम ईमानदारी के रास्ते पर चलें तो अंततः ईमानदारी की जीत होगी।”
“मैं पहले भगवान को नहीं मानता था लेकिन अब मानता हूँ। मैं यकीन रखता हूँ कि सच कभी हार नहीं सकता। यह एक असंभव लड़ाई थी, किसने सोचा था कि एक साल पुरानी पार्टी 28 सीट जीत जायेगी।”
“हम भी इंसान हैं, हमने भी ग़लती की है लेकिन गुनाह नहीं किया, जनता का पैसा नहीं खाया, हमने देश को नहीं लूटा, हमने डाका नहीं डाला, कोई कुकर्म नहीं करा, हमने कोई गुंडागर्दी नहीं करी।”
“आम आदमी कौन है? जो कोई भी इस भ्रष्ट तंत्र से थक चुका है वो आम आदमी है।”
“अगर हम साथ आ जाएं तो कुछ भी असम्भव नहीं है।”
“हम बड़ी पार्टियों का गुरूर तोड़ने के लिए पैदा हुए थे। हमें सावधान रहना होगा कि हमें गिराने के लिए किसी और पार्टी को जन्म ना लेना पड़े।”
“ये केजरीवाल नहीं है जिसने आज शपथ ली है, बल्कि ये आम आदमी है, ये आम आदमी की जीत है।”
“सच्चाई का रास्ता आसान नहीं बल्कि काँटों भरा है और हम आने वाली सभी मुश्किलों का सामना करेंगे।”
“हम यहाँ सत्ता हथियाने नहीं आये हैं, बल्कि शासन को वापस जनता के हाथों में देने आये हैं। अब, दिल्ली के 1.5 करोड़ लोग सरकार चलाएंगे।”
“मैं ये नहीं मानता कि सभी नौकरशाह भ्रष्ट हैं, मैं ये कहने में संकोच नहीं करूँगा कि ज्यादातर अधिकारी ईमानदार हैं।”
“हम आज जो कुछ भी यहाँ कह रहे हैं वो किसी दल या किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हम यहाँ राजनीति करने के लिए नहीं हैं। मैं यहाँ किसी सरकार को बचाने के लिए नहीं खड़ा हुआ हूँ। हम स्वराज चाहते हैं, दिल्ली में लोगों का शासन चाहते हैं।”
“आम आदमी कौन है? ‘आप’ मानते है कि माध्यम वर्ग आम आदमी का हिस्सा है, जो कोई भी इस भ्रष्ट तंत्र से थक चुका है, वो आम आदमी है।”
“दिल्ली का आम आदमी देश को ये बताने में आगे आया है कि देश की राजनीति किस दिशा में जानी चाहिए।”
“मैं पढ़ रहा था कि दिल्ली में दो लोग ठण्ड से मर गए। आज़ादी के बाद करोड़ों खर्च किये जा चुके हैं और शायद इससे बचा जा सकता था, अगर पैसे सही से खर्च किये गए होते। कहाँ गया सारा पैसा? आम आदमी जानना चाहता है। हमें इस बात को मानना पड़ेगा कि इस देश की राजनीति का अपराधीकरण हो चुका है।”
“इस देश के नेताओं ने आम आदमी को ललकारा कि वो चुनाव लड़ें, विधान सभा में आएं और अपना क़ानून बनाएं। वो नेतागढ़ भूल गए कि आम आदमी खेत जोतता है, नेता नहीं। आम आदमी चाँद पर जाता है, नेता नहीं। जब कोई विकल्प नहीं बचा तो आम आदमी ने निश्चय किया कि वो चुनाव लड़ेगा।”
“एक अजीब तरह का वी.आई.पी राज फैला हुआ है। वे हर एक मंत्री के लिए ट्रैफिक रोक देते हैं। मैं पिछले कुछ दिनों से गाड़ी चला रहा हूँ। मैं हर एक लाल-बत्ती पर रुकता हूँ। मुझे नहीं लगता मेरा समय बर्बाद होता है।”
“दिल्ली की जनता ने भारतीय राजनीति से भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने की हिम्मत दिखायी है। इस सदन के समक्ष प्रश्न यह है कि इसके कौन से सदस्य इस लड़ाई का हिस्सा बनना चाहते हैं?”