गठिया

0
24

यूरिक एसिड के जोड़ों में जमा होने की वजह से जोड़ों में आने वाली सूजन को गठिया कहते हैं। इस रोग में जोड़ों में गाठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी पीड़ा होती है। गठिया आर्थराइटिस का ही एक प्रकार है।

मुख्य लक्षण

  • जोड़ों में सूजन आना।
  • हाथ और पांव में गाठें बनना।
  • जोड़ों में दर्द और जकड़न महसूस होना।
  • पीड़ित जोड़ की त्वचा का लाल हो जाना।
  • पीड़ित जोड़ का आकार विकृत हो जाना।
  • गला सूखना और बार-बार प्यास लगना।

मुख्य कारण

  • शरीर में एस्ट्रोजन और पोषक तत्वों की कमी होना।
  • शरीर में कैल्शियम और आयरन की अधिकता होना।
  • उच्च रक्तचाप और मोटापे की स्थिति में शराब की लत होना।
  • अपच से पीड़ित व्यक्ति के ज्यादा भोजन करने से।
  • किडनी के सही काम ना करने से।
  • खाना खाने के बाद तुरंत सो जाना से।
  • बासी, दूषित या जंक फ़ूड का अधिक सेवन करना।
  • कई दूसरे रोगों की वजह से भी गठिया हो सकता है, जैसे कि हिमोलिटिक एनीमिया, पॉलीसायथीमिया, गुर्दे की बीमारी आदि।

गठिया से बचाव

  • रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीयें।
  • अपना वजन सामान्य से अधिक ना होने दें।
  • जंक फ़ूड, ज्यादा मीठे और ज्यादा वसा वाले आहर का सेवन ना करें।
  • पोटैशियम युक्त आहर का सेवन करें जैसे कि लीमा बीन्स, खरबूजा, सूखे आडू आदि।
  • काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन करें जैसे कि ब्राउन ब्रेड, होल ग्रेन पास्ता, फल और सब्जियां।
  • नियमित रूप से चैरी खाएं और विटामिन C युक्त फलों का सेवन करें जैसे कि संतरा और मौसंबी।

घरेलू उपचार

दवा के अलावा कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर भी गठिया का उपचार किया जा सकता है। कुछ आसान एवं कारगर घरेलू उपचार निम्नलिखित हैं।

  • सेब का सिरका: एक गिलास गरम पानी लें और इसमे एक एक चम्मच सेब का सिरका और शहद मिला लें। इस पेय को रोज सुबह पीयें।
  • अदरक: पांच चम्मच सूखा अदरक, पांच चम्मच जीरा पाउडर और दो से तीन चम्मच काली मिर्च आपस में मिला लें। इस मिश्रण का आधा चम्मच दिन में तीन बार पानी के साथ खाएं।
  • सरसों का तेल: सरसों के तेल को हल्का गर्म करके इसमें बराबर मात्रा में प्याज का रस मिला लें। एस मिश्रण से धीरे-धीरे जोड़ों की मालिश करें।
  • सेंधा नमक: आधा कप गरम पानी में बराबर मात्रा में सेंधा नमक और निम्बू का रस मिला लें। इस मिश्रण का सुबह शाम नियमित रूप से सेवन करें।
  • मेथी: एक चम्मच मेथी के बीज रात को पानी में भिगोकर रख दें। सुबह पानी निकालकर मेथी के बीज का सेवन करें।
  • दालचीनी: एक कप गरम पानी में एक चम्मच दालचीनी का पाउडर और एक चम्मच शहद मिला कर खाएं।
  • मछली का तेल: सुबह खाली पेट फिश आयल या फिश आयल सप्लीमेंट का सेवन करें।
  • चैरी: रोजाना 10 से 12 चैरी का सेवन करें। चैरी सिरप का सेवन भी किया जा सकता है। सिरप बनाने के लिए चैरी को पानी में तब तक उबालें जब तक कि यह गाढे सिरप में ना बदल जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here