अर्जुन पुरस्कार | Arjuna Award

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अर्जुन पुरस्कार एक ऐसा पुरस्कार है, जो खेल के क्षेत्र में खिलाडियों  को दिया जाता है। इस पुरस्कार को खेल एवं युवा मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा दिया जाता है। इस पुरस्कार की शुरुआत 1961 में हुई थी। इस पुरस्कार में खिलाडियों को 5 लाख रुपये का नगद इनाम, साथ ही अर्जुन की एक कांस्य प्रतिमा (bronze statue), पारंपरिक पोशाक और एक ‘प्रशस्ति पत्र’ दिया जाता है।

पिछले कुछ सालों में पुरस्कार का दायरा बढ़ाया गया है। बड़ी संख्या में खेल से संबंधित व्यक्तियों को भी सूची में शामिल किया गया था। इसके अलावा, अनुशासनिक खेलों और शारीरिक रूप से विकलांग श्रेणी के खिलाडियों को शामिल करने के लिए पुरस्कारों की संख्या में वृद्धि की गई थी।

इतिहास

साल 2001 से, अर्जुन पुरस्कार केवल निम्नलिखित श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले विषयों में दिया जाता है।

  • ओलंपिक खेलों, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व कप, और क्रिकेट जैसे विषयों में यह पुरस्कार दिया जाता है।
  • यह पुरस्कार स्वदेशी खेल में भी दिया जाता है।
  • शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण लोगों के लिए होने वाले खेलों में भी अर्जुन पुरस्कार दिया जाता है।

अगस्त 2011 के मध्य में, यह घोषित किया गया कि 19 खिलाडियों को ‘अर्जुन पुरस्कार’ दिया जाएगा। इस साल इस पुरस्कार के लिए वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों और 2010 एशियाई खेलों के खिलाडियों को शामिल करने की वजह से ‘अर्जुन पुरस्कार’ प्राप्त करने वालो की संख्या इतनी अधिक थी।

2012 में, 25 खिलाडियों को ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2017 में, पैरा-एथलीटों सहित 17 खिलाडियो को युवा मामलों और खेल मंत्रालय द्वारा ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।