हमारा भारत देश बहुत ही विशाल है। भारत में पंजाब, उड़ीसा, बंगाल, बिहार, हिमाचल, हरियाणा, गुजारत, महाराष्ट्र और केरल जैसे अनेक प्रदेश हैं, जहां पर हिंदी, उर्दू, पंजाबी, गुजराती, बंगाली, तमिल और मलयालम आदि भाषाएं पढ़ी और बोली जाती हैं। यहां पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, जैन आदि धर्म के लोग प्रेम की भावना के साथ रहते हैं और एक दूसरे सुख-दुःख में मदद करते हैं। सभी धर्मों के अपने अलग सिद्धांत और नीतियां हैं पर सभी धर्मों का लक्ष्य ईश्वर की प्राप्ति है। इस प्रकार भारत में अनेकता में भी एकता है।

‘अनेकता में एकता’ के विषय पर आधारित स्लोगन निम्नलिखित हैं।

स्लोगन.1

एकता से बनें समाज और समाजों की एकता से बने राष्ट्र।

स्लोगन.2

भिन्न प्रकार के हैं जहाँ लोग, भारत में यह अभिन्न योग।

स्लोगन.3

साथ रहें, खुश रहें।

स्लोगन.4

जहाँ रहे अनेकता में एकता, वहाँ के लोगों में रहे परिपक्वता।

स्लोगन.5

भारत में अनेकता मे एकता का कारण, हमारी संस्कृति और ज्ञान का उदहारण।

स्लोगन.6

राष्ट्र निर्माण की एक ही पूँजी, संभव वहीं जहाँ एकता गूँजी।

स्लोगन.7

आओ मिलकर हाथ मिलाओ, विश्व को एकता का उदहारण दिखलाओ।

स्लोगन.8

अनेकता में एकता का हो विचार, आपसी सहयोग बढ़ाये अपार।