आनंद महिंद्रा की जीवनी | Anand Mahindra Biography in Hindi

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परिचय

आनंद महिंद्रा एक बड़ी कंपनी “महिंद्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड” के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। भारत की 10 बड़ी कंपनियों में से एक महिंद्रा ग्रुप है। “महिंद्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड” कम्पनी की नींव पंजाब के लुधियाना शहर में आनंद महिंद्रा के दादा और उनके भाइयों ने मिलकर रखी थी। आनंद महिंद्रा के दादा का नाम जगदीशचंद्र माहिंद्रा व केलाशचंद्र माहिंद्रा था। आनंद महिंद्रा ने अपनी लगन व मेहनत से अपने पूरे अंपायर को भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में फैला दिया और इनकी कम्पनी के वाहन जैसे- महिंद्रा ट्रैक्टर, बोलेरो, एस. यू. वी 500, महिंद्रा स्कूटी, और महिंद्रा स्कॉर्पियो तथा वित्तीय सेवाओं, पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेव्हलपमेंट, ट्रेड एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों आदि में भी इन्होंने अपना अच्छा नाम कमाया है।

आनंद महिंद्रा अपना नाम पूरे विश्व में फैला चुके हैं, इन्हें पूरी दुनिया में न केवल एक व्यापारी, बल्कि एशिया-पैसिफिक एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के डीन के सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में भी जानते हैं। इन्होंने अपने काम व मेहनत से खुद को इस काबिल बनाया कि आज ये ‘एशिया बिजनेस काउंसिल’ के सदस्य, ‘राष्ट्रीय खेल विकास कोष’ (NSDF) भारत सरकार के कार्यकारी परिषद के सदस्य, एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च केंद्र की राष्ट्रीय परिषद् और राष्ट्रीय बैंक प्रबंधन संस्थान के जाने-माने सदस्य हैं।

शुरूआती जीवन  

आनंद महिंद्रा का जन्म 1 मई 1955 को महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर में एक जाने-माने परिवार में हुआ था।  इनके पिता का नाम ‘हरीश महिंद्रा’ और माता का नाम ‘इंदिरा महिंद्रा’ था। इनकी पढ़ाई भारत से बाहर ‘अमेरिका’ के हार्वर्ड कॉलेज (कैम्ब्रिज, मैसाचुसेट्स) के डिपार्टमेंट ऑफ विज्युल एंड एनवायरॉनमेंटल स्टडीज से हुई, फिर इन्होंने सन 1981 में M.B.A हार्वर्ड बिजनेस स्कूल (HBS) बोस्टन, मैसाचुसेट्स से पूरी की। उसके बाद आनंद महिंद्रा की शादी अनुराधा महिंद्रा से हुई, जो प्रसिद्ध पत्रिका ‘वर्व’ और ‘मेंस वर्ल्ड’ की संपादक तथा ‘रोलिंग स्टोन भारत’ की एडिटर-इन-चीफ हैं।

व्यापार के क्षेत्र में इनका सहयोग

आनंद महिंद्रा अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद जब भारत वापस आये, तब इन्होंने सबसे पहले अपना सहयोग एक वित्त निदेशक के कार्यकारी सहायक के रूप दिया। सन 1989 में ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप’ की स्थापना की गयी। उसके बाद ये ‘रियल स्टेट डेवलपमेंट और हॉस्पिटैलिटी’ से सम्बंधित इकाई के अध्यक्ष बने। फिर इन्हें महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप का उप-प्रबंध निदेशक का कार्यभार सौंपा गया था। उसके बाद इन्हें पूरी जिम्मेदारी सन 1997 में मिली, जिसमें इन्हें कंपनी में प्रबंध निदेशक का पद मिला और इस कंपनी के वाईस चेयरमैन सन 2003 में बनाये गये।

आनंद महिंद्रा केवल यहां ही अपना योगदान नहीं दे रहे थे, बल्कि इन्होंने ‘कोटक महिंद्रा’ के रूप में भी अपनी दूसरी संस्था का निर्माण किया, जो सन 2003 में बैंक के रूप में बदल गयी। इस समय इनकी कोटक महिंद्रा जानी-मानी बैंकों में से एक बैंक बन चुकी है। जो कुछ भी इन्होंने बनाया, सब अपनी कुशल बुद्धि व मेहनत के दम पर बनाया है।

सन 2002 में इन्होंने अपने कुशल बुद्धि से ‘स्कार्पियो’ नामक एक वाहन का निर्माण किया, जो आज के समय में पूरे विश्व में अपना नाम कर रहा है। अगर हम अपने जीवन काल में सच में एक सफल व्यक्ति बनना चाहते हैं, तो हमें भी आनंद महिंद्रा की तरह मेहनत करनी चाहिए। आनंद महिंद्रा ने एक अलग बिज़नेस की नींव भी रखी, जिसका नाम ‘महिंद्रा सिस्टम एंड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी’ है। इतना ही नहीं, इन्होंने सयुंक्त राज्य अमेरिका में तीन असेम्बलिंग संयंत्रों की स्थापना की है।

शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में योगदान

आनंद महिंद्रा ने अपनी मां ‘इंदिरा महिंद्रा’ के नाम पर हार्वर्ड विश्वविद्यालय को 100 करोड़ डॉलर का योगदान वहां के मानविकी केंद्र की गतिविधियों का विस्तार करने के लिए दान के रूप में दिया है। इस विशाल धनराशि को आनंद महिंद्रा ने ‘होमी भाभा मानविकी केंद्र’ के निदेशक के नेतृत्व में वहां पर स्थित विशिष्ट संस्थानों के उन्नति और आधुनिकीकरण के लिए दिया। आनंद महिंद्रा वर्ष 2005 में प्रारम्भ हुए ‘मुंबई महोत्सव’ के संस्थापक अध्यक्ष हैं, इसके अतिरिक्त ये ‘एशिया सोसायटी के अंतर्राष्ट्रीय परिषद’ न्यूयॉर्क के सह-अध्यक्ष भी हैं।

अवार्ड एवं सम्मान

  • आनंद महिंद्रा को फ्रांस के राष्ट्रपति द्वारा सन 2004 में विशेष सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया था और इन्हें व्यवसाय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘राजीव गांधी पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।
  • आनंद महिंद्रा को सन 2005 में ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ ऑटो मॉनिटर और ‘लीडरशिप अवार्ड’ अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन द्वारा कॉर्पोरेट जगत में सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं के लिए ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह’ को मिला था।
  • सन 2006 में आनंद महिंद्रा को ‘CNBC एशिया बिजनेस लीडर’ पुरस्कार और ‘लुधियाना मैनेजमेंट एसोसिएशन’ द्वारा ‘वर्ष के उद्यमी पुरस्कार’ से नवाजा गया था।
  • इसी क्रम में सन 2007 में ‘NDTV प्रॉफिट’ ने इन्हें वर्ष का सबसे प्रेरणादायक ‘कॉर्पोरेट लीडर’ के सम्मान से सम्मानित किया था।
  • आनंद महिंद्रा को सन  2008-2009 में बिजनेस लीडर के रूप में ‘इकॉनोमिक टाइम्स पुरस्कार’ भी प्राप्त हुआ था।
  • हाल ही में आनंद महिंद्रा को ‘डेली न्यूज एंड एनालिसिस’ द्वारा मुंबई के सबसे प्रभावशाली पुरुषों और महिलाओं में एक के रूप में चयनित किया गया है।
  • इनके ‘फार्म इक्विपमेंट सेक्टर’ को ‘जापान क्वालिटी मेडल’ प्राप्त हुआ है। यह सम्मान प्राप्त करने वाली विश्व की यह एकमात्र ट्रैक्टर कंपनी है। ‘डेमिंग पुरस्कार’ जीतने वाली भी यह विश्व की एकमात्र कंपनी है।