आमेर का किला

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आमेर का किला भारत देश में राजस्थान राज्य के जयपुर शहर में स्थित है। आमेर किला अपनी गौरवशाली कथाओं और नक्काशी, कलात्मक शैली, शीश महल के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यह किला अपनी विशाल दीवारें, दरवाजे और लम्बे घुमावदार रास्तों के साथ नीचे मोऊटा झील के पानी में छवि दिखाता हुआ खड़ा है। इस किले को बनने में लगभग 100 वर्षों का समय लगा, जिसे राजा मानसिंह ने सन. 1592 में बनवाना प्रारंभ करवाया था। आमेर का किला हिन्दू कला के लिये प्रसिद्ध है। इस किले को मई 2013 में युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया गया था। यह किला उच्च गुणवत्ता वाले किलों की कला का उत्कृष्ट नमूना माना जाता है।

इतिहास

आमेर शहर को मीनाओं (राजस्थान और मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली एक जनजाति जो अपना सम्बन्ध भगवन विष्णु के मत्स्य अवतार से बताती है) ने बनवाया था। आमेर शहर 4 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह शहर राजस्थान राज्य के जयपुर से 11 किलोमीटर दुरी पर स्थित है, जिसका नामकरण मीनाओं ने अपनी देवी अम्बा माता से प्रेरित होकर आमेर रखा, जिसपर सर्वप्रथम राजा मानसिंह ने शासन किया। आमेर का किला हिन्दू कला के लिए प्रसिद्ध है। इस किले की दीवारों पर कई प्रकार की कलाकृतियों को बनाया गया है, जो लाल पत्थरों से बनी हुईं हैं। इस किले के अन्दर आँगन, सुन्दर बगीचे, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, शीश महल, जय मंदिर और सुख निवास जैसी जगह भी निर्मित हैं। इस किले के सुख निवास में हमेशा ठंडी और ताजा प्राकृतिक हवा चलती रहती है, इसलिए आमेर किले को कई बार आमेर महल भी कहा जाता है। किले के प्रवेश पर चैतन्य पंथ की सिला पर देवी का मंदिर बना हुआ है, जिसे राजा मानसिंह को दिया गया था, जब उन्होंने सन. 1604 में बंगाल के जैसोर के राजा को पराजित किया था।

निर्माण कार्य

सर्वप्रथम आमेर किले का निर्माण मानसिंह के पिता राजा भारमल ने सन. 1558 में करवाया था। उसके उपरांत मानसिंह ने इस किले में कुछ संरचनाओं को जोड़कर पुन: 1592 में इसका निर्माण करवाया। इस किले के निर्माण में लगभग 200 वर्षों तक का समय लगा, जिसको आखिर में सवाई जल सिंह ने पूर्ण रूप देकर खड़ा किया।

पर्यटन

जयपुर शहर में स्थित आमेर का किला देश-विदेशों से आए दर्शकों का मुख्य आकर्षित केंद्र है। दर्शकों के लिए इस किले के अन्दर जय मंदिर, शीश महल, गणेश पोल, जलेब चौक, यश मंदिर, सुहाग मंदिर, भूल भुलैया जैसी जगहों को घुमने के लिए अच्छा स्थान माना जाता है। इस महल के अन्दर एक और आकर्षण भी उपलब्ध है, जिसे चमत्कारी फूल कहा जाता है, इस फूल को संगमरमर से अद्भूत आकारों में ढाला गया है। संगमरमर से बनी यह आकृति सभी दर्शकों का दिल मोह लेती है। इस किले को देखने के लिए यहाँ दुनिया भर से हजारों की संख्या में लोग आते हैं।

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