अजंता और एलोरा

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अजंता और एलोरा विश्व-विख्यात अजंता और एलोरा की गुफाएँ हमेशा से ही पर्यटकों के आकर्षण का लोकप्रिय केन्द्र रही हैं। यहाँ की सुंदर चित्रकारी और मूर्तियाँ कलाप्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं। हरियाली की चादर ओढ़े यहाँ की चट्टानें अपने अंदर छुपे हुए इतिहास के इस धरोहर की गौरवगाथा को बता रहीं हैं। विशालकाय चट्टानें, सुंदर मूर्तियाँ, हरियाली और यहाँ पर बहने वाली वाघोरा नदी यहाँ की खूबसूरती में चार चाँद लगा रही है। ये गुफाएँ बड़ी-बड़ी चट्टानों को तराशकर बनाई गई हैं। अजंता में गुफाओं की संख्या 29 है, जबकि एलोरा में गुफाओं की संख्या 34 है। अजंता और एलोरा की गुफाओं को सन 1983 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। गुफाओं को संरक्षित किया गया है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी भी भारतीय कला की इस उत्कृट मिसाल को देख सके।

अजंता और एलोरा कैसे जाए

अजंता और एलोरा की गुफाएँ महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर के पास स्थित है। औरंगाबाद हवाई मार्ग, रेल मार्ग और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। हवाई मार्ग द्वारा दिल्ली से औरंगाबाद की दूरी लगभग 993 कि.मी. है। रेल मार्ग द्वारा दिल्ली से औरंगाबाद की दूरी लगभग 1389 कि.मी. है और सड़क मार्ग द्वारा दिल्ली से औरंगाबाद की दूरी लगभग 1247 कि.मी. है। अजंता और एलोरा घूमने के लिए मानसून में जून से सितंबर का महीना और सर्दियों में अक्टूबर से मार्च का महीना सबसे उपयुक्त है।

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