एक्टर आलोक नाथ आज मना रहें हैं अपना 62वां जन्मदिन

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मुंबई में रहने वाले मशहूर वेटरन एक्टर आलोक नाथ का आज 62 वां जन्मदिन है। मशहूर एक्टर आलोक नाथ का  जन्म 10 जुलाई 1956 को बिहार के खगरिया जिले में हुआ। आपकी जानकारी के लिए बताना जरूरी है कि इनका असली नाम अलोक नाथ है, लेकिन ज्यादातर लोग इन्हें “संस्कारी बापू” के नाम से जानते हैं, क्योंकि अधिकतर फिल्मों में इन्होंने “बाबूजी” का किरदार बहुत खूब निभाया है।

जन्म और शिक्षा

मशहूर एक्टर आलोक नाथ का जन्म बिहार के खगरिया जिले में 10 जुलाई 1956 को हुआ। आलोक नाथ की मां ग्रहणी और पिता एक डॉक्टर थे। आलोक नाथ के पिता हमेशा यह चाहते थे कि आलोक नाथ उनकी तरह ही एक डॉक्टर बने, लेकिन अलोक नाथ को कुछ और ही बनना पसन्द था। आलोक नाथ ने अपनी स्कूलिंग और ग्रेजुएशन की पढ़ाई दिल्ली से की। कॉलेज के दिनों में एक्टिंग में रूचि होने की वजह से वह कॉलेज के रुचिका थिएटर ग्रुप से जुड़े। इसके बाद उन्होंने लगभग तीन साल तक “नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा” में पढ़ाई की, जहां उन्होंने एक्टिंग के बहुत से गुण सीखे।

फिल्म इंडस्ट्री में करियर की शुरुआत

अगर फिल्म इंडस्ट्री की बात करें, आलोक नाथ ने अपने करियर में लगभग 140 फ़िल्में और 15 से भी ज़्यादा टीवी सीरियल्स किए हैं, जिसमें से उनके ज्यादातर किरदार ‘बाबूजी’ के रूप में रहे हैं। इसी के चलते आलोक नाथ ने छोटे और बड़े दोनों ही पर्दे पर अपनी पहचान एक ऐसे पिता की बनायी है, जिनसे सबको प्यार है और जिन्हें सबसे प्यार है। कहते हैं कि 1980 में कॉस्टिंग डायरेक्टर डॉली ठाकुर फ़िल्म ‘गांधी’ में एक छोटे से किरदार की तलाश में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पहुंचे।  वहां पर बहुत से लोगों का ऑडिशन लेने के बाद उन्होंने आलोक नाथ को चुना। इस फ़िल्म के लिए उन्होंने आलोक नाथ को बीस हजार रुपये दिए थे, यहीं से उनका फ़िल्मी सफ़र शुरू हुआ।

NSD से मुंबई का सफ़र

फिल्म ‘गांधी’ के कामयाबी के बाद आलोक नाथ फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के सिलसिले में मुंबई आ गए, लेकिन यहां फिल्म इंडस्ट्री में काम करना इतना आसान नही था, जितना आसान वह समझते थे। उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी फ़िल्म के लिए उन्हें 5 साल तक संघर्ष किया। उन्होंने पहले 2 साल तक पृथ्वी थिएटर में नादिरा बब्बर के साथ अभिनय किया। इसके बाद आलोक नाथ को ‘मशाल’ फ़िल्म में एक छोटे से रोल के लिए ऑफर आया, जिसको उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके बाद आलोक नाथ को इसी तरह को छोटे- छोटे रोल मिलते रहे और वे बखूबी अपना रोल निभाते गए। साल 1988 में आई फ़िल्म ‘क़यामत से क़यामत तक़’ आते-आते आलोकनाथ ने अपनी एक अलग पहचान बना ली थी।

हमेशा से संस्कारी नहीं थे अलोक नाथ

आज एक “संस्कारी बापू” के रूप में अपनी पहचान बना चुके आलोक नाथ अपने करियर के शुरुआत में हीरो के भी रोल में रहे हैं, लेकिन 1987 में ‘कामाग्नि’ में आलोकनाथ बहुत रोमांटिक और हॉट सींस करते भी नजर आए थे। आलोकनाथ ‘विनाशक’, ‘षड्यंत्र’ और ‘बोल राधा बोल’ जैसी कई फ़िल्मों में विलेन के रोल में भी नजर आ चुके हैं।

जीतेंद्र का पिता बनने से किया इंकार

आलोक नाथ ने 140 फ़िल्मों में से 95 प्रतिशत फ़िल्मों में ‘बाबूजी’ का किरदार निभाया है, लेकिन क्या आपको पता  हैं एक बार उन्हें जीतेंद्र के पिता बनने का ऑफर मिला था।  इस बार उन्होंने पिता बनने से इंकार कर दिया था लेकिन इसके पीछे क्या वजह थी यह कोई नही जान सका।

आल टाइम हिट फिल्में-

आलोक नाथ की कुछ यादगार फ़िल्मों में- ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘विवाह’, ‘एक विवाह ऐसा भी’ शामिल हैं। फ़िल्मों के साथ ही आलोक नाथ छोटे परदे पर ‘हमलोग, ‘बुनियाद’ जैसी दर्जनों सीरियल में भी सक्रिय रहे हैं।