अभिनन्दन वर्द्धमान की जीवनी | Abhinandan Varthaman Biography in Hindi

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परिचय

अभिनंदन वर्धमान का जन्म 21 जून 1983 को कांचीपुरम से 15 किमी दूर तिरुपानामूर (भारत) में हुआ है। अभिनंदन वर्धमान के अंदर बचपन से ही देशभक्ति का जज्बा कूट-कूटकर भरा था। बचपन से ही उनका सपना पायलट बनने का था। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ही उन्होंने भारतीय वायुसेना में नौकरी हासिल की।

अभिनंदन वर्धमान ने 19 जून 2004 को भारतीय वायुसेना को जॉइन किया। वे भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के पद पर तैनात हैं। उनके पिता का नाम सिम्हाकुट्टी वर्धमान हैं, जो भारतीय वायुसेना में रिटायर्ड एयर मार्शल रह चुके हैं तथा उन्हें 4000 घंटे की उड़ान भरने का अनुभव भी है। अभिनंदन वर्धमान की माता का नाम शोभा है, जो पेशे से एक डॉक्टर हैं।

वैवाहिक जीवन

अभीनंदन वर्धमान शादीशुदा हैं, उनकी पत्नी का नाम तन्वी मरवाहा है, जो 15 साल भारतीय वायुसेना में (रिटायर्ड) स्कॉर्डन लीडर हैं। अब वे रिलायंस जियो में DGM के पद पर बंगलुरू में कार्यरत हैं। अभिनदंन वर्धमान और तन्वी मरवाहा का एक बेटा भी है, जिसका नाम तविष है।

कार्यक्षेत्र

27 फरवरी 2019 को जब पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने भारतीय सीमा के नौशेरा सेक्टर में प्रवेश किया, तो उसके इन मंसूबों को नेस्तनाबूद करने के लिए वहां तैनात भारतीय विंग कमांडर मिग-21 से उनको खदेड़ने के लिए निकले। विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने इस दौरान पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान F16 को मार गिराया। दूसरे लड़ाकू विमान का पीछा करते हुए वे LOC पार कर POK में पहुंच गए।

POK के एक क्षेत्र में अभिनंदन वर्धमान का विमान क्रैश हो गया। इस दौरान वे विमान से अपने पैराशूट के साथ कूद गए। इस दौरान अभिनंदन ने अपने पास रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को फाड़कर तालाब में बहा दिया और कुछ को वे खा गए।

अभिनंदन वर्धमान ने लोगों से पूछा कि यह कौन सी जगह है, तब किसी ने उनसे कहा कि आप पाकिस्तान में हैं। जब भीड़ उनके साथ बदसलूकी करने लगी, तभी वहां पाकिस्तानी सैनिक आ गए और वो विंग कमांडर अभिनंदन को गिरफ्तार कर ले गए। गिरफ्‍तार कर जब अभिनन्दन वर्धमान को पाकिस्तानी सेना के जवान ले जा रहे थे तब उनका व्यवहार सामान्य था।

जब उनसे कड़े लहजे में पूछताछ की जा रही थी तब भी उनका व्यवहार एक दिलेर सैनिक की तरह ही था। उन्हें इस बात से कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था कि उन्हें शत्रु सेना ने गिरफ्‍तार किया है। पाकिस्तानी सैनिकों से उन्होंने दो टूक लहजे में बात की।

अभिनंदन वर्धमान को मुज्जफ्फराबाद के आर्मी सेंटर में रखा गया था। जहां पाकिस्तान के मेजर ने उनसे पूछताछ की, लेकिन अभिनंदन ने साहस और संयम के साथ सवालों के जवाब दिए, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तानी सेना भी भारतीय जांबाज की दिलेरी के कसीदे पढ़ने लगी। पाकिस्तान में भी अभिनंदन की साहस की चर्चाएं होने लगीं।

अभिनन्दन वर्द्धमान की रिहाई

विंग कमांडर अभिनन्दन वर्द्धमान को पाकिस्तान के कब्जे से छुडाने के लिए भारतीय सरकार ने उनकी रिहाई को लेकर कोशिशें तेज़ कर दी। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें सुरक्षित भारत लाने का जिम्मा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को सौंपा गया। इसके बाद अजीत डोभाल ने पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए खास रणनीति तैयार की। इसके तहत विंग कमांडर अभिनन्दन वर्द्धमान की रिहाई को लेकर कूटनीतिक स्तर पर उन्होंने कई अंतराष्ट्रीय साझेदारों से बातचीत की, जिसके फलस्वरूप पाकिस्तान ने 1 मार्च 2019 में विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को रिहा कर दिया।