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आरती

आरती हिन्दू धर्म में पूजा करने की एक विधि है| किसी भी प्रकार की पूजा में अगर कोई गलती हो जाए तो आरती करने से पूजा में पूर्णता आ जाती है| आरती करने के लिए घी, तेल या कपूर के दिये की आवश्यकता होती है, जिसे कि एक विशेष तरीके से पूजनीय भगवान या माता के सामने घुमाया जाता है|

ॐ जय गौरी नंदा, प्रभु जय गौरी नंदा, गणपति आनंद कंदा, गणपति आनंद कंदा, मैं चरणन वंदा, ॐ जय गौरी नंदा ।। (x2) सूंड सूंडालों नयन विशालो, कुण्डल झलकंता, कुमकुम केसर चन्दन, सिंदूर बदन वंदा, ॐ जय गौरी नंदा ।। ॐ जय गौरी नंदा, प्रभु जय गौरी नंदा, गणपति आनंद कंदा, गणपति आनंद कंदा, मैं चरणन वंदा,...
सुन मेरी देवी पर्वत वासिनी | कोई तेरा पार ना पाया || पान सुपारी ध्वजा नारियल | ले तेरी भेंट चढ़ाया || साड़ी-चोली तेरी अंग विराजे | केसर तिलक लगाया || ब्रम्हा वेद पढ़ें तेरे द्वारे | शंकर ध्यान लगाया || नंगे- नंगे पग से तेरे| सम्मुख अकबर आया || सोने का छत्र चढ़ाया | नीचे महल बनाया || धूप दीप...
जय जय जय तुलसी माता, जय जय जय तुलसी माता। सब जग की सुखदाता वरदाता। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर, रुज से रक्षा करके भव त्राता। जय जय जय तुलसी माता। बटु पुत्री है श्यामा, सूर वल्ली है ग्राम्या, विष्णु प्रिय जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता। जय जय जय तुलसी माता। हरि के...
ॐ जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के कर्ता, रक्षक श्रुति धर्मा ॥1॥ ॐ जय श्री विश्वकर्मा… आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया। जीव मात्र का जग में, ज्ञान विकास किया ॥2॥ ॐ जय श्री विश्वकर्मा… ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नही पाई। ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्धि...
आरती युगलकिशोर की कीजै | तन मन धन न्योछावर कीजै || (x2) गौरश्याम मुख निरखत रीजे | प्रेम स्वरुप नयन भरि पीजै || रवि शशि कोटि बदन की शोभा | ताहि निरखि मेरो मन लोभा || आरती युगलकिशोर की कीजै | तन मन धन न्योछावर कीजै || (x2) मोर मुकुट कर मुरली सोहे | नटवर वेश निरख मन...
जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता॥ जयति जय गायत्री माता... आदि शक्ति तुम अलख निरञ्जन जग पालन कर्त्री। दुःख, शोक, भय, क्लेश, कलह दारिद्रय दैन्य हर्त्री॥ जयति जय गायत्री माता... ब्रहृ रुपिणी, प्रणत पालिनी, जगतधातृ अम्बे। भवभयहारी, जनहितकारी, सुखदा जगदम्बे॥ जयति जय गायत्री माता... भयहारिणि भवतारिणि अनघे, अज...
जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता।  हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता।। शीश पे छत्र विराजे, मूर्तिया प्यारी।  गंगा बहती चरणन , ज्योति जागे न्यारी।। ब्रह्मावेद पढ़े नित द्वारे, शंकर ध्यान धरे। सेवक छँवर ढुलावत , नारद नृत्य करे।। सुंदर गुफा तुम्हारी, मन को अति भावे। बार बार देखन को, यह माँ मान चावे।। भवन...
ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा । संकट मोचन स्वामी, संकट मोचन स्वामी, तुम हो रणधीरा ॥ ॐ जय हनुमत वीरा.. (x2) पवन-पुत्र अंजनी-सुत, महिमा अति भारी, स्वामी महिमा अति भारी । दुःख दारिद्र मिटाओ, दुःख दारिद्र मिटाओ, संकट सब हारी ॥ ॐ जय हनुमत वीरा.. बाल समय में तुमने, रवि को भक्ष...
जय चिंतपूर्णी माता, मैया जय चिंतपूर्णी माता । चिंता मेरी हर लो, सुख की वरदाता ।। मैया जय चिंतपूर्णी माता… (x2) सती के शुभ चरणों पर, मंदिर है भारी । छिन्न मस्तिका कहते, तुमको संसारी ।। मैया जय चिंतपूर्णी माता… ऊंचा भवन है न्यारा, झंडे झूल रहे । कोयल जय मां गाती, पक्षी बोल रहे ।। मैया...
ॐ जय श्री राधा, जय श्री कृष्ण श्री राधा कृष्णाय नमः  श्री राधा कृष्णाय नमः (x2) चन्द्रमुखी चंचल चितचोरी, सुघड़ सांवरा सूरत भोरी श्यामा श्याम एक सी जोड़ी श्री राधा कृष्णाय नमः.. ॐ जय श्री राधा, जय श्री कृष्ण श्री राधा कृष्णाय नमः  श्री राधा कृष्णाय नमः पंच रंग चूनर, केसर न्यारी, पट पीताम्बर, कामर...

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