Hindi100.com

facebook twitter twitter

आरती

आरती हिन्दू धर्म में पूजा करने की एक विधि है| किसी भी प्रकार की पूजा में अगर कोई गलती हो जाए तो आरती करने से पूजा में पूर्णता आ जाती है| आरती करने के लिए घी, तेल या कपूर के दिये की आवश्यकता होती है, जिसे कि एक विशेष तरीके से पूजनीय भगवान या माता के सामने घुमाया जाता है|

गणेश जी की आरती

Ganeshji ki aarti
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा | माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा

आरती श्री हनुमानजी की

Hanumanji ki aarti
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे।

आरती श्री शिवजी की

Shivji ki aarti
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी हर शिव ओंकारा | ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी

आरती श्री अम्बे माँ की

Ambe maa ki aarti
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ ॐ जय

आरती श्री बालाजी की

Balaji ki aarti
ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा ।संकट मोचन स्वामी, संकट मोचन स्वामी

आरती श्री दुर्गा माँ की

Durga maa ki aarti
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली, तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब

आरती श्री कुंजबिहारी की

Kunjbihari ki aarti
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर

आरती श्री रामचन्द्रजी की

Shri ramji ki aarti
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम्। श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय

ॐ जय जगदीश हरे आरती

Om jai jagdish hare aarti
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण

श्री सत्यनारायणजी की आरती

Satyanarayanaji ki aarti
जय लक्ष्मीरमणा श्री जय लक्ष्मीरमणा। सत्यनारायण स्वामी, सत्यनारायण स्वामी जनपातक हरणा